कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)
Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)
कबीर साहेब द्वारा
स्रोत: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (उद्गम)
इस्लाममें विष्णुकी प्रधानता
नामसे विख्यात हुवा । मूसा सुबूद्ध सुदृढ तथा बलिष्ठ था । ये जब वह मिश्र-देशसे भाग अपने बाप दादेके देशमें आया तब उसका विवाह पितरू नामक एक भले आदमीकी लड़कीके साथ हुवा । फिर अस्सी वर्षके वयसमें परमेश्वरकी आज्ञानुसार वह पुनःमिश्र देशमें गया । अपनी जातिको फिरऊनके बंधनसे छुडाकर लेआया । जब सीना पर्वतके समीप आया तब परमेश्वर आकाशसे उत्तरा मूसाको तौरीतकी पुस्तक प्रदान की । जब इब्रानियोंने परमेश्वरकी आज्ञा उल्लंघन की तब उनपर ईश्वरीय क्रोध उपस्थित हुआ । वे चालीस वर्षपर्यन्त इधर उधर वनमें भटकते फिरे । तबतक न उनके वस्त्र जीर्ण हुए, न उनका जूता फटा । जो उनके पुत्र उत्पन्न होते, सब वस्त्र सहित उत्पन्न होते जैसे वे बढ़ते जाते वैसेही उनका वस्त्र भी बढ़ता जाता था । प्रातःकाल उनके भोजनके निमित्त आकाशसे एक वस्तु ओसकी बूंदके समान बरसती थी । जिसको इब्रानी भाषामें मन्न बोलते हैं । इस मन्नका स्वाद गुंधे हुए मायदे मधुके सहित हो, उस मन्नको इब्रानी प्रातःकाल उठकर एकत्रित होकर खाते हैं । संध्या समय बटेरे आते थे । उन बटेरोंका झुंड इतनी अधिकतासे आता कि, उनके पडावके निकट गज गज भर ऊँचा ढेर लग जाता था । वे इब्रानी सदैव मांस खाया करते थे, इस कारण उनकी प्रार्थनापर परमेश्वर उन्हें बटेरें दिया करता था । वे लोग मांसभक्षणके निमित्त परमेश्वरके सामने रोए, परमेश्वरने उनको वह भोजन प्रदान किया वे सदैव मांस भक्षण करते रहे । इससे उनपर परमेश्वरका प्रकोप उपस्थित हुवा कि, बीस वर्षके वयके जो ऊपर थे सो सब मर गये । मूसा इब्रानियोंको लेकर कनआँदेशमें पहुँचा पर्वतपर चढ़ गया वह एक सौ बीस वर्षका वय पाकर मर गया । उसका भांजा मरियमका पुत्र यशू उसका स्थानापन्न हुवा, वह इब्रानियोंको लेकर कनआँ देशमें आया बत्तीस बादशाहोंको नष्ट करके देशको इब्रानियोंके सरदारोंमें बाँट दिया ।
मूसाको साढ़ेतीन सहस्र वर्षका समय बीता । जिस समय मूसा मिश्र-देशसे यहूदियोंको लेकर चला था उस समय फिरऊन बादशाहने मूसाका पीछा किया । परमेश्वरने ससैन्य फिरऊनको लालसमुद्रमें डुबाकर मार डाला । फिरऊन दलबल सहित मारडाला गया । यहूदियोंने प्रसन्नतापूर्वक अपना पथ पकड़ा । जैसी घटनाएँ मूसापर उसके उत्पत्तिकालमें बीती थी वैसेही कृष्ण तथा इब्रानीमके साथ भी बीती थी । जबलों मूसा जङ्गलमें था तबलों आसमानी रङ्गका परमेश्वर उसके साथ था । बराबर मूसाको उपदेश देता जाता था । मूसा तथा आसमानी रङ्गके परमेश्वरमें बराबर बात होती जाती थी । धर्म तथा
संसारके समस्त नियमोंको बराबर बतलाता जाता था। सांसारिक सद्भावोंके सदृश उसकी आज्ञाएँ बराबर प्रचलित हुवा करती थीं।
हज़रत ईसा।
इन पश्चिमदेशीय अनागत वक्ताओंमें हज़रत ईसा सबमें बड़े श्रेष्ठ हैं। इज्जीलमें हज़रत ईसाकी उत्पत्ति इस प्रकार लिखी है कि, मरियम नामी एक बालिका थी। वह सूरूप नामका एक पुरुषके साथ भौंगी हुई थी। उन दोनोंकी केवल भैंगनी हुई थी विवाह नहीं हुआ था अबलों स्त्री पुरुष एकत्रित नहीं हुए थे कि, जिबराईल फ़िरिस्तःमरियमके समीप आकर उससे कहने लगे कि, ए मरियम ! सलाम, तू धन्य है। तू एक पुत्र प्रसव करेगी, उसका नाम तू ईसा रखना और वह परमेश्वरका पुत्र कहलाएगा। जैसा कि, फ़िरिस्ताने कहा, बिनशादी मरियम गर्भवती हुई उससे पुत्र उत्पन्न किया। जिसका नाम ईसा हुवा।
जैसे मूसाकी हत्याके निमित्त फ़िरऊन, बादशाह उद्यत हुवा था वही घटना हज़रत ईसाके साथ हुई। हेरुदेश बादशाह आपकी हत्याके निमित्त उद्यत हुवा। परमेश्वरने अपना दूत भेजकर बालककी प्राण रक्षा किया।
देखो इज्जीलमें हज़रतने आपको परमेश्वरका पुत्र कहा है इस कारण यहूदी आपके बैरी हो गए शूलीपर चढ़ाया। बत्तीस वर्षके वयसमें आप अपनी कबसे पुनः जीवित होकर तीसरे दिवस सशरीर वैकुण्ठको गए। पश्चिम देशके समस्त महात्माओंसे आप श्रेष्ठ हैं, क्वारीके गर्भसे उत्पन्न भी हुए। स्त्री गर्भकी उत्पत्ति महाभयानक यन्त्रणा है। जो स्त्री गर्भमें आता है वह निश्चय कठिन कष्टका अनुभव करता है जो गर्भमें रहता है उसको तीन प्रकारके ताप घेरते हैं।
(१) प्रियतप वह अत्यंत प्रबल जैसे गरम भट्ठा होता है। इस अग्निसे ऐसे बच्चा जलता है कि, जैसे गरम और लाल तावा हो उसपर किसी जीवको रखदो। वह तड़पता रहे पर उसके प्राण न निकलें।
(२) राद रक्त और भ्रष्टतामें शिरसे पौवपर्यन्त भरा रहता है।
(३) हाथ पौव उसके बंधे रहते हैं वह उल्टा लटका करता है। इन तीन तापोंके कारण वह अत्यंत व्यथित रहता है दुःख पाता है। जब यह गर्भसे बहिर्गत होता है तब मूत्रमार्गसे बाहर निकलता है। निकलनेके समय वायुकी ऐसी चोट लगती है कि, जैसे तीर लगकर शरीरसे पार हो जाता है। इस कष्टसे बालक चिल्ला २ कर रोता है। इस संकीर्ण मार्गसे निकलनेके समय अत्यंत कष्ट होता है कि, उसकी देह छोटी हो जाती है चाहे परमेश्वरका पुत्र हो, चाहे