भारतीय ग्रन्थों एवं शास्त्रों का खुला डिजिटल संग्रह।
मूल पाण्डुलिपि स्कैन के साथ वेद, उपनिषद, दर्शन और सन्त साहित्य का निःशुल्क अध्ययन करें।
« सत्यमेव जयते नानृतं सत्येन पन्था विततो देवयानः »
सत्य की ही विजय होती है, असत्य की नहीं। सत्य के ही मार्ग से वह दिव्य पथ प्रशस्त होता है जिसके द्वारा सिद्ध ऋषि परम सत्य के धाम तक पहुँचते हैं।
श्रेणी अनुसार
सनातन ज्ञान के पाँच स्तम्भ
वेद संहिता
ऋग्वेद संहिता • यजुर्वेद संहिता • सामवेद संहिता
ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद एवं अथर्ववेद की मूल संहिताएँ एवं मन्त्र भाग।
इतिहास एवं महाकाव्य
वाल्मीकि रामायण • महाभारत (१८ पर्व) • हरिवंश पुराण
वाल्मीकि रामायण एवं महाभारत (१८ पर्व व हरिवंश पुराण)।
संत वाणी एवं भक्ति परम्परा
कबीर साहिब • मीराबाई • तुलसीदास
मध्यकालीन एवं आधुनिक सिद्ध संतों के बीजक, साखी, दोहे, पद एवं अनुभव वाणी।
इतिहास एवं स्वाधीनता संग्राम
१८५७ स्वातन्त्र्य समर • सावरकर साहित्य • नेताजी सुभाष बोस
१८५७ स्वातन्त्र्य समर, सावरकर साहित्य, नेताजी सुभाष बोस, मराठा एवं राजपूत इतिहास।
आयुर्वेद एवं स्वास्थ्य
चरक संहिता • सुश्रुत संहिता • अष्टांग हृदय
चरक, सुश्रुत, वाग्भट, हारीत, माधव निदान, शार्ङ्गधर एवं भावप्रकाश निघण्टु।
नवीनतम संग्रह
हाल ही में जोड़े गए ग्रन्थ
सौन्दरनन्द महाकाव्य (महाकवि अश्वघोष - विमला संस्कृत एवं हिन्दी व्याख्या सहित सम्पूर्ण १८ सर्ग)
महाकवि अश्वघोष (व्याख्याकार: आचार्य जगदीशचन्द्र मिश्र) द्वारा
तिरुक्कुरळ् (सन्त तिरुवल्लुवर - तमिल वेद / उत्तरवेद: धर्म, अर्थ एवं काम सविस्तार हिन्दी भाषान्तर)
सन्त तिरुवल्लुवर (अनुवादक: खेमानन्द 'रहत') द्वारा
मत्तविलास प्रहसनम् (पल्लव नरेश महेन्द्रविक्रमवर्मा - कांचीपुरम सामाजिक व्यंग्य संस्कृत-हिन्दी सटीक)
पल्लव सम्राट् महेन्द्रविक्रमवर्मा (व्याख्या: रानी मजूमदार) द्वारा
आमुक्तमाल्यदा (विजयनगर सम्राट् श्रीकृष्णदेवराय - गोदा देवी आण्डाल भक्ति एवं साम्राज्य-नीति)
सम्राट् श्रीकृष्णदेवराय (अनुवाद: प्रेमा नन्दकुमार) द्वारा
The Silappadikaram: The Tale of an Anklet (Tamil Epic Translation)
Ilango Adigal (Translated by V.R. Ramachandra Dikshitar) द्वारा
The Economic History of India: Under Early British Rule and in the Victorian Age
Romesh Chunder Dutt (R.C. Dutt) द्वारा
Essays on the Gita
Sri Aurobindo द्वारा
The Renaissance in India and Other Essays on Indian Culture
Sri Aurobindo द्वारा
यह क्यों मायने रखता है
- 01
वास्तविक स्कैन से जुड़ा पाठ
हर पंक्ति मूल पांडुलिपि स्कैन से जुड़ी है, ताकि किसी भी दावे को उसके स्रोत के विरुद्ध जाँचा जा सके।
- 02
संस्करण-युक्त और नियंत्रित
योगदानकर्ता संशोधन सुझाते हैं; संचालक उन्हें सत्यापित करते हैं — पूर्ण, स्थायी संस्करण-इतिहास के साथ।
- 03
ज्ञान-सम्बन्ध चित्र
व्यक्ति, देवता, ग्रंथ और स्थान — एक समृद्ध, नौगम्य सम्बन्ध-चित्र में जुड़े हुए।