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कबीर मन्शूर (स्वसंवेदार्थ प्रकाश)

Kabir Manshoor (Svasamvedarth Prakash)

by कबीर साहेब

Source: कबीर मन्शूर स्वसंवेदार्थ प्रकाश · खेमराज श्रीकृष्णदास (origin)

Devanagarihipublished1,367 pages

पांच वृत्ति

Page 854Permalink

उसको बुलाकर उसका न्याय कर दिया जावेगा। एक दिन ऐसी घटना हुई कि, एक गदहेने आकर वह घण्टा बजा दिया। उसी समय बादशाहने उसको अपने पास बुलाया बादशाहने जाँचकी तो गदहेके स्वामीकी ओरसे गदहे पर अत्याचार साबित हुआ। गदहेवालेको सचेत किया गया कि, भविष्यमें ऐसा कार्य न करना नहीं तो दण्ड पाओगे।

सूअर

सूअरोंको अक्षर सिखाते हैं वे अक्षरोंको बताते हैं वे अक्षरोंका शुद्धोच्चारण करते हैं। वे सब सूअरोंके उपदेशक कहलाते हैं। फ्रांस देशके दक्षिणी कोनेमें सूअरों को हल जोतना सिखाते हैं। जितनी वस्तुयें पृथिवीमें छिपी हुई हैं उनकी विद्या सूअरोंको ही होती है। पृथिवीके भीतरसे वे छिपी वस्तुओंको निकाल लेते हैं वे ताश इत्यादिके खेल भी खेलते हैं। आपसमें हारते जीतते हैं जब वे हारते हैं तो वे अपने कान तथा पूँछको लटका देते हैं जिससे लज्जित जान पड़ें।

रीछ

मारटन-फ्रांस देशकी राजधानी प्येरिसनगर है उसमें मारटन नामक रीछ रहता था। वह बड़े बड़े खेल कौतुक किया करता था। भीख मांगता था, लड़के उसके साथ खेला करते थे। प्रायः नवयुवक भी उसके साथ खेलने लग जाते थे। लोग उसका कौतुक किया देखते हुए दोनों पाँवोंसे चलाते थे। एक दिन वह चला जाता था तो चौकीदार कुत्तोंने भूँकते हुये उसे घेर लिया। रातका समय था लोग कोलाहल सुनकर जाग पड़े देखा तो मारटन कुत्तोंसे घिरा हुआ है। मुँहसे जीभ निकालकर विचित्र कौतुक कर रहा है।

रीछकी मंत्री-एक काला रीछ बचपनमें बारह सिंगेके साथ लाया गया था। जबसे वे वनसे आये तबसे दोनों एकही साथ रहते थे, रीछ तथा बारहसिंगेमें घनिष्ठ मंत्री हो गई थी। यहाँतक कि, दोनों एक रकाबीमें एक साथ भोजन किया करते थे। एक दिन एक कुत्ता उस बारहसिंगे को काटने फाड़ने दौड़ा। उसकी सहायताके लिये उसके मित्र रीछने उस कुत्ते पर ऐसी चोट लगाई कि, कुत्ता चिल्लाता हुआ भाग गया।

बोरनियोका रीछ-बड़ा कौतुकी होता है वँसा और कोई नहीं होता बड़े दुःख तथा नम्रता सहित भीख मांगता है। जब कोई अधिक पदार्थ उसको मिले यहाँतक कि मुँह तथा पञ्जोंमें रखनेसे अधिक हो जाय तो शेषका अपने पिछले पाँवपर इस प्रकार रखता है कि, मँला नहीं होने देता। यदि कोई उसको क्रोध