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कथासरित्सागर : द्वितीय खण्ड (लम्बक ६ से १८)

Kathasaritsagara Part 2 (Lambaka 6–18)

by महाकवि सोमदेव भट्ट

Source: कथासरित्सागर : द्वितीय खण्ड (लम्बक ६ से १८) · बिहार राष्ट्रभाषा परिषद्, पटना · 1961 (origin)

DevanagariHindipublished1,079 pages

१ १२ कथासरित्सागर

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१ १२ कथासरित्सागर
इति स वणिजि तस्मिन्नात्मवृत्तान्तमुक्त्वा
गतवति चरितार्थे चन्द्रसारे प्रणम्य।
अभवदतिविनम्रो वत्सराजात्मजेऽस्मिन्
स किल रुचिरदेवो दृष्टमाहात्म्यदृष्टः ॥११२॥
प्रादाच्च तां स्वभगिनीमुपचारवृत्ति-
मारुम्ब्य युक्तिमनुरागहताय तस्मै।
प्राम्बिसितां सुसदृशीं स जयेन्द्रसेनां
सद्यः करण्डुसुरगोत्तमयुग्मयुक्ताम् ॥११३॥
स च तामादाय बधूं साश्ववरां रुचिरदेवमामन्त्र्य।
नरवाहनदत्तः स्वां कौशाम्बीमाययौ नगरीम् ॥११४॥
तस्यामास्त च विहरन्नन्दितवत्सेश्वरस्तया सहितः।
अन्याभिश्च स सुखितो देवीभिर्मदनमञ्जुकाद्याभिः ॥११५॥
इति महाकविश्रीसोमदेवभट्टविरचिते कथासरित्सागरे
वेताललम्बके प्रथमस्तरङ्गः।
समाप्तश्चायं वेताललम्बक एकादशः।

एकादश लम्बक १ १३

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एकादश लम्बक १ १३
इस प्रकार, उस वैश्य चन्द्रसार के अपना वृत्तान्त कहकर और प्रणाम करके चले जाने पर
वह रुचिरदेव नरवाहनदत्त की महिमा को जानकर अत्यन्त हर्षित हुआ और उसके प्रति और
अधिक नम्र हो गया ॥११२॥
साथ ही रुचिरदेव ने प्रेम से वश मे किये गये नरवाहनदत्त के लिए, हथिनौ और घोड़ा की
जोड़ी के साथ अपनी बहन जयन्द्रसेना को प्रदान किया जिसे वह पहले ही देना चाहता था ॥११३॥
तदनन्तर, नरवाहनदत्त रुचिरदेव से मिलकर घोड़े और हथिनौ के साथ उसकी बहन
जयन्द्रसेना को लेकर अपनी नगरी कौशाम्बी लौट आया ॥११४॥
और, अपने पिता वत्सराज तथा मदनमंचुका आदि पत्नियों के साथ वह नरवाहनदत्त
अपनी नगरी में सुखपूर्वक रहन लगा ॥११५॥
महाकवि श्रीसोमदेवभट्ट-विरचित कथासरित्सागर के
वेला-लम्बक का प्रथम तरंग समाप्त
एकादश वेला-लम्बक समाप्त

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परिषद् के गौरव-ग्रन्थ
१ हिन्दी-साहित्य का आदिकाल—आचार्य हजारीप्रसाद द्विवेदी ३ २५
२ यूरोपीय दर्शन—स्व महामहोपाध्याय रामावतार शर्मा ३ २५
३ हर्षचरितः एक सांस्कृतिक अध्ययन—डॉ वासुदेवशरण अग्रवाल ९.५
४ विश्वधर्म-दर्शन—श्रीसांवलियाबिहारीलाल वर्मा १३ ५
५ सार्थवाह—डॉ मोतीचन्द्र ११
६ वैज्ञानिक विकास की भारतीय परम्परा—डॉ सत्यप्रकाश ८
७ सन्त कवि दरिया एक अनुशीलन—डॉ धर्मेन्द्र ब्रह्मचारी शास्त्री १४
८. काव्य-मीमांसा (राजशेखर-कृत)—अनु स्व पं केदारनाथ शर्मा सारस्वत १५
९. श्रीरामावतार शर्मा-निबन्धावली—स्व महामहोपाध्याय रामावतार शर्मा ८.७५
१ प्राङ्मौर्य बिहार—डॉ देवसहाय त्रिवेद ७ २५
११ गुप्तकालीन मुद्राएँ—स्व डॉ अनन्त सदाशिव अल्तेकर ९ ५
१२ भोजपुरी भाषा और साहित्य—डॉ उदयनारायण तिवारी १६.५
१३ राजकीय व्यय-प्रबन्ध के सिद्धान्त—श्रीगोरखनाथ सिंह १५
१४ रबर—श्रीफूलदेवसहाय वर्मा एम् एस-सी ७ ५
१५ ग्रह-नक्षत्र—श्रीत्रिवेणीप्रसाद सिंह आइ सी एस् ४ २५
१६. नीहारिकाएँ—डॉ गोरखप्रसाद ४ २५
१७ हिन्दू धार्मिक कथाओं के भौतिक अर्थ—श्रीत्रिवेणीप्रसाद सिंह आइ सी एस् ३
१८. ईख और चीनी—श्रीफूलदेवसहाय वर्मा ११.५
१९ शैवमत—मूल लेखक और अनुवादक डॉ यदुवंशी ८.
२ मध्यदेश ऐतिहासिक और सांस्कृतिक सिंहावलोकन—डॉ धीरेन्द्र वर्मा ७
२१ २४ प्राचीन हस्तलिखित पोथियों का विवरण—(खण्ड १ से ४ तक)—(संपादित) ७ २५
२५ २८. शिवपूजन-रचनावली—(चार भागों में)—आचार्य शिवपूजन सहाय ३६ २५
२९. राजनीति और दर्शन—डॉ विश्वनाथप्रसाद वर्मा १८
३ बौद्धधर्म-दर्शन—स्व आचार्य नरेन्द्रदेव १७
३१ ३२ मध्य एशिया का इतिहास—(दो खण्डों में)—महापण्डित राहुल सांकृत्यायन २ ७५
३३ दोहाकोश—ले सरहपाद छायानुवादक म प राहुल सांकृत्यायन ११ २५
३४ हिन्दी को मराठी संतों की देन—आचार्य विनयमोहन शर्मा ११ २५
३५ रामभक्ति-साहित्य में मधुर उपासना—डॉ भुवनेश्वरनाथ मिश्र 'माधव' १ २५
३६. अप्पारमणीय और चित्त-विकसन—स्व वेंकटेश्वर शर्मा ७५
३७. प्राचीन भारत की प्रांगामिकता—प रामदीन पाण्डेय ६५

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  • २ -
    ३८. बांसरी बज रही—श्रीजगदीश त्रिगुणायत ८
    ३९. चतुर्वर्णमाला-निबन्धावली- (संकलित) ४.२५
    ४०. भारतीय कला को बिहार की देन—डॉ० बिन्ध्येश्वरीप्रसाद सिंह ७.५
    ४१. भोजपुरी के कवि और काव्य—श्रीदुर्गाशंकरप्रसाद सिंह ५.७५
    ४२. पेट्रोलियम—श्रीसुखदेवसहाय वर्मा ५.५
    ४३. नील-पंक्षी- (मूल लेखक मारिस मेटरलिंक) अनु० डॉ० कामिल बुल्के २.५
    ४४. लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ़ मानभूम एण्ड सिंहभूम— (सम्पादित) ४.५
    ४५. षड्दर्शन रहस्य—पं० रंगनाथ पाठक ५
    ४६. जातककालीन भारतीय संस्कृति—श्रीमोहनलाल महतो 'वियोगी' १.५
    ४७. प्राकृत भाषाओं का व्याकरण—के० सी० पिशल, अनु० डॉ० हेमचन्द्र जोशी २
    ४८. दक्षिणी हिन्दी-काव्यधारा—महापण्डित राहुल सांकृत्यायन ६
    ४९. भारतीय प्रतीक-विद्या—डॉ० जनार्दन मिश्र ११
    ५०. संतमत का सरभंग-सम्प्रदाय—डॉ० धर्मेन्द्र ब्रह्मचारी शास्त्री ५.५
    ५१. सूक्तिकोष (प्रथम खण्ड)—सम्पादक डॉ० विश्वनाथप्रसाद ३
    ५२. कुँवरसिंह-अमरसिंह—के० का० कि० दत्त, अनु० पं० छविनाथ पाण्डेय ५
    ५३. मुद्रण-कला—पं० छविनाथ पाण्डेय ७.२५
    ५४. लोक-साहित्य आकर-साहित्य-सूची—सं० आचार्य नलिनविलोचन शर्मा ५
    ५५. लोकगाथा-परिचय—सं० आचार्य नलिनविलोचन शर्मा २.५
    ५६. लोककथा-कोश—सं० आचार्य नलिनविलोचन शर्मा १२
    ५७. बौद्धधर्म और बिहार—पं० हवलदार त्रिपाठी 'सहृदय' ८
    ५८. साहित्य का इतिहास-दर्शन—आचार्य नलिनविलोचन शर्मा ५
    ५९. मुहावरा-मीमांसा—डॉ० भानुप्रकाश गुप्त १.५
    ६०. वैदिक विज्ञान और भारतीय संस्कृति—पं० गिरिधर शर्मा चतुर्वेदी ५
    ६१. पंचदशलोकगाथा-निबन्धावली— (संकलित) ४.५
    ६२. हिन्दी-साहित्य और बिहार (७वीं से १८वीं शती तक)—
    स० आचार्य शिवपूजन सहाय ५.५
    ६३. कथासरित्सागर (प्रथम खण्ड)—सोमदेव, अनु० के० ना० शर्मा सारस्वत १
    ६४. अयोध्याप्रसाद खत्री-स्मारक ग्रन्थ—(सम्पादित) ५
    ६५. सदल मिश्र-ग्रन्थावली—सं० आचार्य नलिनविलोचन शर्मा ५
    ६६. रंगनाथ रामायण (तेलगु से अनूदित)—अनु० बी० ए० सी० कामाक्षि राव १.५
    ६७. गोस्वामी तुलसीदास (पुनर्मुद्रण)—स्व० श्रीशिवनन्दन सहाय ५.५
    ६८. पुस्तकालय-विज्ञान-कोश—श्रीप्रभुनारायण गौड़ ४.५
    ६९. प्राचीन हस्तलिखित पोथियों का विवरण (खण्ड ५)—
    स० आचार्य नलिनविलोचन शर्मा १
    ७०. भारतीय शब्दकोष (प्रकाण्ड १८८६)—सं० श्रीजयमाधवप्रसाद मिश्र तथा
    श्रीमभावरप्रसाद अम्बष्ठ ८.
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