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गरुड़ पुराण

Garuda Purana

महर्षि वेदव्यास द्वारा

DevanagariHindipublished634 पृष्ठ

१३- भगवान् विष्णुका ध्यान एवं सूर्यार्चन-निरूपण

काम | क्रोध | लोभ


गीताप्रेस, गोरखपुर

सत्त्वगुणी भगवद्धामको प्राप्त होता है, रजोगुणी मनुष्य होता है, तमोगुणी हीन योनियोंको प्राप्त होता है

शुभाशुभ कर्मोंके विधायक धर्मराज और यमराज