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ऐतरेयोपनिषद् (शाङ्करभाष्य सहित)

Aitareya Upanishad with Shankara Bhashya

by आदि शङ्कराचार्य

Source: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (origin)

DevanagariSanskritpublished108 pages

प्रथम अध्याय

Page 10Permalink

श्रीहरिः
विषय-सूची

[बायाँ स्तम्भ]
विषय पृष्ठ
१. शान्तिपाठ ... १
प्रथम अध्याय
प्रथम खण्ड
२. सम्बन्धभाष्य ... २
३. आत्माके ईक्षणपूर्वक सृष्टि २४
४. सृष्टिक्रम ... २७
५. पुरुषरूप लोकपालकी रचना ३०
६. इन्द्रियगोलक, इन्द्रिय और
इन्द्रियाधिष्ठाता देवताओंकी
उत्पत्ति ... ... ३१
द्वितीय खण्ड
७. देवताओंकी अन्न एवं
आयतनयाचना ... ३४
८. गो और अश्वशरीरकी उत्पत्ति
तथा देवताओंद्वारा उनकी
अस्वीकृति ... ... ३६
९. मनुष्यशरीरकी उत्पत्ति और
देवताओंद्वारा उसकी स्वीकृति ३७
१०. देवताओंका अपने-अपने
आयतनमें प्रवेश ... ३८
११. क्षुधा और पिपासाका विभाग ३९
तृतीय खण्ड
१२. अन्नरचनाका विचार ४२
१३. अन्नकी रचना ४३

[दायाँ स्तम्भ]
विषय पृष्ठ
१४. अन्नका पलायन और उसके
ग्रहणका उद्योग ... ४३
१५. अपानद्वारा अन्नग्रहण ... ४६
१६. परमात्माका शरीरप्रवेशसम्बन्धी
विचार ... ४७
१७. परमात्माका मूर्द्धद्वारसे
शरीरप्रवेश ... ५०
१८. जीवका मोह और उसकी
निवृत्ति ... ५३
१९. 'इन्द्र' शब्दकी व्युत्पत्ति ... ५४
द्वितीय अध्याय
प्रथम खण्ड
२०. प्रस्तावना ... ५६
२१. पुरुषका पहला जन्म ... ७१
२२. पुरुषका दूसरा जन्म ... ७४
२३. पुरुषका तीसरा जन्म ... ७७
२४. वामदेवकी उक्ति ... ७९
२५. वामदेवकी गति ... ८०
तृतीय अध्याय
प्रथम खण्ड
२६. आत्मसम्बन्धी प्रश्न ... ८२
२७. प्रज्ञानसंज्ञक मनके अनेक नाम ८५
२८. प्रज्ञानकी सर्वरूपता ... ८९
२९. आत्मैक्यवेत्ताकी अमृतत्व-
प्राप्ति ... ... ९३
३०. शान्तिपाठ ... ९४