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जातक कथाएँ (पालि से प्रामाणिक हिन्दी अनुवाद)

Jataka Kathayen (Authentic Hindi Translation from Pali)

भगवान बुद्ध / पालि त्रिपिटक द्वारा

स्रोत: जातक कथाएँ (पालि से प्रामाणिक हिन्दी अनुवाद) · हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग · 1956 (उद्गम)

DevanagariHindipublished479 पृष्ठ

शास्ता ने यह धर्म-देशना ला जातक का मेल बैठाया। उस समय गन्धार

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इस प्रकार घबराते हुए का कहना सुन, गन्धार राजा उसके सर्वाङ्ग
सङ्गुष्ट महा ललाट को देख, भयभीत हो, डर, भागकर अपने नगर ही चला गया।
शास्ता ने यह धर्म-देशना ला जातक का मेल बैठाया। उस समय गन्धार
राजा पलासी परिव्राजक था। वाराणसी राजा तो मैं ही था।