विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)
Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri
आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा
परिशिष्ट—२
एक तीर्थयात्रा विवरण
श्री सारदाय नमो नम । श्री ऋषभदेव नम । नीमीवणमी
वाहवल जी 'मूल कोटनी संख्या । देहरा देहरी आलिया ४५८ मोटी
नानी प्रतिमा २३४७ संख्या जिन गणधर मुनि पगला संख्या ८७५ ।
• मोटा नाना देहरा देहरी आलिया २३४ सरवाले मली ने
प्रतिमांनी संख्या ७९७ पगलां की संख्या ६५ ए संख्या हाथी पोल-
वाहरनी छै ।
• अदवद बाबा को मदर १ प्रतिमा १ पासे देहरी ३ प्रतिमा
३ एव देवल ४ प्रतिमा ४ ।
• पेमावसी माँ देवल प्रतिमा पगला ॥ देहरा देहरी ४०
प्रतिमा ३८२ पगला ८६ त्रिकाल नमस्कार होज्यो ।
॰ अथ छीपावसोनि संख्या लखीये छें ॥ देहरा देहरी १३
प्रतिमा ५२ पगला २ एहो नै नमस्कार होज्यो ।
• अथ खडतरवसोनि संख्या लख्यते । देहरा देहरी आलिया
१०५ प्रतिमा १५०५ पगला १०८४ ए तिहु टुकने तिहु काल
नमस्कार होज्यो ।
[ प्रथम आदीश्वर जिनालय मे मध्य बैठो पद्मासनस्थ प्रतिमा
के दोनो ओर काउसग्गिए खड़े हैं । वृषभ लाछन है । नीचे ।
रतनपोल-लिखा है । दूसरी पोलमे दोनो ओर दो हाथी व तीसरी
मे २ वाघ हैं । उपरोक्त वर्णन बीच मे लिखा हुआ है । ]
श्री तीर्थ जात्रा करी तेहनी वगत लखी छै । प्रथम श्री सिद्धा-
परिशिष्ट २६७
चल जी नी भमती, ते मद्दे १०८ फरती डेरी छे । अने भमती माहि
डेराछे प्रथम सेहश्रकोट जी तथा समोसरण जी तथा अष्टापद जी
तथा मेरुपर्वत जी तथा समत सीखर जी तथा नेमनाथ जी डेरो
छे, तथा श्री महावीर जी को तथा चोमुख जी की डेरी चोवीस
छे, तथा एक रायण नो झाड छे, ते हेठले पगलां श्री ऋषभदेव जी
ना छे । पगला नि डेरी २७ वीश छे तथा गणधर ना पगला छे ।
तथा । सहश्र कुट ना पगला १००० १० पगला छे । तेहने पाशे श्री
शान्तिजी को देवल छे तथा दरवाजो पासे साहम सामाबे डेरा
श्री ऋषभदेव जी ना छे ।
एक चोमुख जी को देवरो छे एक जीवत स्वामी को । एक
श्री मदोर स्वामी जी को छे । तथा एक श्री गोडी पार्श्वनाथ जी
का एक श्री अमीझरा पार्श्वनाथ जी को छे तथा दरवाजा पर
श्री पुडरीक गणधर जी को देवल छे । पाशें एक चौवीसी को
देवरो छे, एक पचतीर्थी धात की छं ।
अथ हवे दरवाजा बाहरे वामादेवी छे तथा दरवाजा वाहरे
सभननाथ जी को देवरो छे अने अजीतनाथ जी अनें श्री शांतिनाथ
जी को अने सहस्रफणा पार्श्वनाथ जी छे । तिहांथी छेटे आवतां
जमणी को रेगामलीया पार्श्वनाथ जी अने श्री चिंतामण पार्श्वनाथ
जी ओर डेरा १०१५१ छे हवे श्री नेमनाथ जी की चोरी छेते मद्दे
भमती छे तेहने बाहरें मोक्ष वारी छे तेहनें वाहरे केसरी चकेसरी
छे तेहने साहमू श्री शांतिनाथ जी को देवरो छे ते साहमा कवड
यक्ष बैठा छे तेहनें माथे श्री चउमुखी जी नो देरो छे अनें दरवाजा
त्रीजा वार हडूमान जी छे तथा खेतपाल छे तथा गणेश जी छे
तथा वामादेवी के साहमी शासन देवी छे तिहां जक्ष नी चोकी छे ।
[ श्री देवकी जी ना ६ पुत्र छे सी पाछे ] ॥ तेहने साहमी छत्री छे
मुनीश्वर की तिहा थी गउ दो जइये एतले गुपा गुप्त छे तीहा ते
१६८ विविध तीर्थ-कल्प
मध्ये रत्न नी प्रतिमा छे । ते प्रतिमा नी देवता सेवा करे छे तहाथी
पखाल वहे छे ते पखाल नू पाणी कुड मा आवे छे ते कुड ऊपरें
पगला छे तीहाथी आगले जाता सिद्धगल्ल तलाव अने पगला छे
तिहाथी आगले जाता सिद्धगल्ला तलाव अने पगलां छे तिहाथी
आगलें जाता माडवा नो डूगर छे ते डूगर पर श्री अजितनाथ
जी शांतिनाथ जी चोमासो रया छे तिहा अनत साधु सिद्ध थया छे ।
तिहाथी सिद्धवड आवीये । वड नुँ झाड छे ते हेठल पगल्या छे ते
वावडी छे तहांथी छेटी नी पायग छे ।
तेह थी गाउ १ गामछे ताहा थी शेतुंजी नही छे ए गाम ऊपर
ऋषभदेव जी ना पगल्या छे । ते ऊपर गाउ १ चोवीसी जन ना
पगला छें ते पासे कुड छे ते उपर गायो १ दरवजो छो अदव जी जी
दरवजो छे । हाथी पोल बारे सूरजकुड छे तेरनी जोडे भेमकुड
छें भेमकुड उपर महादेवजी नो डेरुँ छें तेहने पाखतो वाडी छे
अदवुद जी ना पात्रडीया १०८ ते ऊपर देरु तेहनी बाजूए कुड छे
देवी खाडोयरॅ बैठा छें । प्रेमचंद मोदीनी टुक श्री ऋषभदेवजी नुं
देरुँ छौ । तेनी भमती म देरी २४ चोवीस तेम देवल सहसफणा
पार्श्वनाथजी ना २ सामाला पारसनाथजी नुछे अमीझर पार्श्वनाथ
श्री शांतिनाथजी तेने आगल पगल्या छे श्री जिना छे ते आगल
सिद्धचक्र जी ना पगला छे आगल दरवाज़ा वारे गोतमस्वामी ना
पगला छे । ते आगल फूल नी वाडी छे ते हेठल कुड छे ते आंगल
चौउमुख जि छे ते आगल पाच पांडव रो देवल छे ते पछी सेहेस
को देवल छे ते देवल मद्दे नेमनाथ की चोउरी छे ते पछी खडतर
वसी छे ते मद्दे देवल रिषभदेवजी नो चोमुख छे तेनी भमती नी
देरी ५१ छे ते मद्दे देवल २ संतनाथजी ना छे देवल १ सामलीया
पार्श्वनाथजी रो छ देवल १ मदिर स्वामी रो छे देवल १ अजित-
नाथ जी रो छे देवल १ धरमनाथजी रो छे ते पासे चोरासी गणधर
ना पगला छे ते पासे दादाजी र्जिनचदसूर दादा कुगलमृर ना
देवजो" or "रषबदेवजी"?
Look at the mātrā on 'ज': is it 'ो' or 'ी'?
It has a top stroke and a vertical bar: 'ो' -> "रषबदेवजो"!
Line 24:
पार्श्वनाथजी रा पगल्या छे ते उपर देरी छे ते पासे गौतमस्वामी
Line 25:
रू पगल्या छे उपर देरी छे ते हेठे गोडी पार्श्वनाथजी रा पगल्या ते
Wait, "गोडी पार्श्वनाथजी" -> Godi Parshvanath (Godi Parshvanath is extremely well-known!).
Line 26:
उपर देरी छे ते हेठे वर वाडी ते सामने वड वड निचे पोयानि की
Wait, "वर वाडी" or "घर वाडी" or "वर वाडी"?
Look at the first letter: 'व' + 'र'.
Then "वड वड निचे पोयानि की" or "वड वड निचे पाय्यानि की"?
Let's read: 'व' + 'ड' space 'व' + 'ड' space 'न' + 'ि' + 'च' + 'े' = "वड वड निचे" (or "वड [बड़] वृक्ष निचे")? It's "वड वड निचे".
Then: 'प' + 'ो' + 'य' + 'ा' + 'न' + 'ि' = "पोयानि" (or "प
२७० विविध तीर्थ-कल्प
दरगन करी उतर सरवत लेवै आर पाणी करं तिहाथी भूषण
सानी वावडी है ते उपर ९ साधुनी देरी छे ते मध्ये पगल्या छे ते
हेठे देरी पाच मध्ये पगल्या छे ते पास वाडी मध्ये माहादेवजी को
देवल छे सामे वावडी छे मारग मे ते सामने दादाजी की खत्री छे
ते पासे कुओ छे कुआ पास फुलवाड़ी छे ते हेट्ठे तरकाई छे माथे
दो देरी छे ते माथे गाम पालीताणु छे ते मद्दे रीखवदेवजी रो
देवल १ सीखरवद्ध छे । ते पासे उपासरो छे विजैदेवसूरि नो मद्दे
माणभद्रजि छे । दिजोषड्तर नो उपासरो छे, त्रीजो अचलगछ ना
छे । आणंदजी कल्याणजी नो भंडार छे । बीजु धरमगाला ५ ,
वरडो १ संघ उतरवाने पांजरापोल १ सदावृत्त ८ ।
ऐतनी जात्रा धर्मचंदजी करमचंदजी मुखदावादका सघ की
सादे आआ सा सीवलाल जात्रा करवा रहा, चउमुखजी को काम
बनायो, महीना सवा चार रहा, जात्रा १२१ करी ने उपडा । मवे
महाबीर की जातरा करवा गया । देवल १ महावीरजी को
भोआरा मद्दे उपर पदमावती देवी, पछे गाम उनो तिहा देवरा
५ रखवदेवजी की अमीझरा पार्श्वनाथजी को १ सतनाथजी को
१ नेमनाथजी को १ सीताउनाथजी को तिहाथी कोस १ आचारज
उपाध्यानी देरी ७ मद्दे पगल्या छे । तिहाथी गाउ १ गाम छे त्या
अझारा पार्श्वनाथजी को देवल छे, गाम मध्ये सिखरवद्ध त्याथी
गाउ १ गाम छे त्याहा देवलचिंतामणि पार्श्वनाथजी छे । त्याहा
थी गाउ २ दरियाउ छे ते मध्ये दीवसेरे छे । ते मध्ये देवल त्रण
छे । देवल १ नवखडा पार्श्वनाथजी को १ नेमनाथजी को १
सुपार्श्वनाथजी १ महावीर स्वामी छे ।
त्याथी वाण मे बैठा सा वीरचंद वेसाड्या, पोताना भाई नी
वउ साथे, बेठी ने पाटण उतरथा । पाटण मध्ये ओली करी, त्या
देवल १० छे ऋषभदेवजी को अजीतनाथजी को महावीरजी को
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परिशिष्ट २७१
सभवनाथजी को चन्द्रप्रभुजी को दादा पार्श्वनाथजी को सातनाथ
जी को नेमना (थ) जी को सासनदेवी को राजन देवी को
त्याथी वेरावल बदीर छे ते मध्ये देवल त्रण छे १ चिंतामणी पार्श्व-
नाथजी को सीतलनाथजी को एक चंद्राप्रभु जी को त्याथी गाउ
सात चोरवाड़ गाम छे त्या चिंतामण पार्श्वनाथजी को देवल छे
सीखरबंधु त्याथी गउ ४ मागरोल वदीर छे । ते मध्ये डेरा
४ छे नवपात्रव पार्श्वनाथजी एक चिन्तामण पार्श्वनाथजी एक
सुपार्श्वनाथजी एक चौमुख जी छे । उपर, त्याथी गउ १० बनथली
छे डेरो १ सीखरबद्ध छे, मनमोहन पार्श्वनाथजी छे । त्याथी
गउ ५, जीर्णगढ गाम छे, ते गाम हेठलें देवल २ छे । १ नेमनाथ
जी, १ चोमुखजी ते उपर गउ ३, चढीये त्यार गिरनार जी आवे
त्या नेमनाथ जी का चरण हे, एक वावडी हे । त्याथी गउ २
उपर चढीये, त्या दरवाजे जक्ष जक्षणी नी चोकी छे, ते आगले
सीपाई की डोढी है, ते आगलें रतनपोल है तेमा नेमनाथ जी के
देरो छे, भमती छे केसरी चकेसरी देवी छे, चोवीसी छे, सिद्धचक्र
जी ना पगला छे, सासनदेवी छे ति आगले अदबद जी को डेरो
छे, सामने चौरासी गणधर का पगला छे, ते अगले क्षेमधर
स्वामी को देवल छे, तीन अष्टापद जी को देवल छे, बाहूबल जी
की देरो, जीवत स्वामी जी को देरो, रिषभनाथ जी को देरो,
अमीझरा पार्श्वनाथ जी को देरो छे । गोडी पार्श्वनाथ जी को
देवल छे, सतनाथ जी को २ वभनाथ जी को छे, चोमुख जी
नेमी मनमी धर्मनाथ जी को राजुल की गुफा, सामलिया पार्श्व-
नाथ जी को सहस्र फण । पार्श्वनाथ जी को, सुधर्मा स्वामी,
मेरु पर्वत, सहस्र कोट, त्याथो सेहसा वन मध्ये दीक्षा कल्याणक,
केवल कल्याणक पगला, ते ऊपर छत्री छे, हेठल कुंड छे, तेमा
नीझरण आवे छे, ते ऊपर गउमुखी छे, त्या गणधर जी का पगला
छे, हेठे हनुमान छे, ऊपर चढ्या मा अम्बिका को देवल छे, ने
२७२ विविध तीर्थ-कल्प
आगल चाल्या त्या मुनोसर का पगला छे, खेतपाल छे । ते आगल
गउ १ पाचमी टुक छे । पाँच हजार त्रण से सतरे पावढीया छे,
ते ऊपरे पाचमी टुक छे त्या पगला छे मोक्षकल्याणक थयु छे ।
तिहाथी गाउ ७, धाराजि गाम छे । देरा त्रण एक ऊपर छे
ऋषभदेव नो १, सांतिनाथनो १, सुपाश्र्वनाथ चोमक जि, तिहाथी
७, गाऊ अमरेली देरी १, ऋषभदेव को, तिहाथी १८, गाळ
नवुनगर देरा ९, ऋषभदेवजी चन्द्रप्रभु जि सतीनाथ जि सामलीया
पार्श्वनाथ जी सतिनाथ जी वासपूज जी नेमनाथ जी सीतलनाथ
जी ऊपर गोडी पार्श्वनाथ जी ८। नवानगर थकि गाळ १२ गाम
भाड़वण देवल २, गोडी पार्श्वनाथ जी सतिनाथ जि, वासे गाम
पोरबंदर गाउ १२ तेमे देरा ३, सतिनाथ को रिषभदेव जो
चन्द्रप्रभु जि उपासरा मध्ये पद्मप्रभु जो वासुपूज्य जी, तिहसे
विरचन्द्र जी का वाण मे चडा, दिन ४ मा उतरा, सेर मुंबाई
वन्दर देवरा ३, गोड़ि पार्श्वनाथ जो, सतीनाथ जी का २ ।
तिहाथी चाल्या गाम पालड़ी मद्दे देवल १, चन्दाप्रभु जो को,
तिहाथी गाम १, छन्जोइयो ते मद्दे देरो १, चतामण पास को, तिहा
थोसूरत आव्या । ते मद्दे देवल १, सखेसर जी को ते मद्दे भमति
ते ऊपर महावीर जी का देवल २, अजितनाथ जी का देवल ३,
गौडी पारसनाथ जी का देवल ३ फेर पार्श्वनाथ जी का ३, मन
मोहननाथ जी का देवल १, अनंतनाथ जो का देवल १, अनत-
नाथ जी का देवल १, श्री रीहस रो देवल १, समतिनाथ रो
देवल १, पद्मप्रभु रो देवल १, अभिनंदन जी रो देवल १, सुपार्र्श्व-
नाथ जी रो देवल १, सतनाथ जी को देवल ७, सभवनाथ जी का
देवल २, वभवनाथ जी का देवरा २, धरमनाथ जी का देवरा २,
वासपूज जी का देवरा ३, ऋषभदेव जी का देवरा छे ६, सहस-
फणा पार्श्वनाथ जी का देवल २, मुनिसुव्रत जी का २, वीलोकि
सिन्धु, मरुस्थल, प्रभास पाटन एवं विविध तीर्थ कल्प उपसंहार
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परिशिष्ट २७३
पार्श्वनाथ जी का देवल १, दादा पार्श्वनाथ जी को दादाजी का
पगल्या उपर देरी जिनचन्दसूर, कुसलगुर थूलभद्र। फेर कतार
गाम देवरो पार्श्वनाथ जी को गिखरबद्ध, तिहाथी तापी पार
गाम रानेर देवरा ४ रखिवदेव जी रा २, सतिनाथ जी रो १,
नेमनाथ जी रो अभिनन्दन जी का देवल २ ।
निह्राति गाम भकअच आव्या, गाउ १०, तिहा देवरा ९
शखेसर जी को १, उपर गोरी पार्श्वनाथ जी को, हेठे सामलीआ
पार्श्वनाथ को, ते उपर मनमोहन पार्श्वनाथ जी को एक रीखव-
देव जी को पुरा मे १, सेर मा रीखवदेव जी रो १, सातिनाथ जी
रो १, पार्श्वनाथजी रो १, सैसफणा पार्श्वनाथ जी रो, तिहा से
मीयागाम तीहा देवरा ४, शातिनाथ जि रा २, रीखभदेवजी रो १,
चन्दाप्रभुजी चोवीसी भायरा मा, तिहा से पाट्ठरो ते मद्दे देवल २,
सातिनाथ जी को १, चन्दाप्रभुजी रो १, तिहाथी चाल्या गाम
पदसरोत मद्दे देवल २ सतनाथ जी रा, तिहा से बरोदडो ते मद्दे
देवरा १३, दादा पार्श्वनाथ को १, उपर समेतशिखर जी को
चौमुख धातु का सतनाथ जी का २, रोखभ देवल १, गोरी
पार्श्वनाथ जी को १, मन मनोर पार्श्वनाथ रो १, सहसफणा
पार्श्वनाथ जी रो, देवल १, चिंतामण पार्श्वनाथ जी रा देवल २,
संभवनाथ रो १ चन्द्राप्रभु जी रो १, वासपूज जी रो १, सीतल
नाथ जि रा १, तिहाथी गाऊ १, गाऊ ३ नाथपुरो तिहा देवरा २
संतनाथ जी का १, करला पार्श्वनाथ जी रो १, तिहाथी गाउ ९,
डाभोई तिहा देवरा ९, वैदुका पार्श्वनाथ जी १, सतनाथ जी
को १, अजितनाथ जी का २, रखवदेव जी का १, गोरी पार्श्व-
नाथ जी का १, सामलिया पार्श्वनाथ जी को १, शीतलनाथ जी
का १, चोउमुखजि धातु को १, तिहाथी चाल्या गाउ गाम १,
पर बादर तिहा देवरा ७, सातनाथ जी रो १, रखवदेव जी रो १,
१८
२७४ विविध तीर्थ-कल्प
चन्द्राप्रभु जी रो १, वासपूज जी को १, मुनिसुव्रत स्वामी को १,
सुपाश्र्वनाथ जी को १, सहसफणा पार्श्वनाथ जी को १, गाम नदना
वीदर मा देवरा ४, ऋषभदेव जी का २, नेमनाथ जी का १,
गातनाथ जी का १, गाम १ पुरो तेमा देवरा २, गोडी पार्श्वनाथ
जी को ऋषभदेव जी को, सेर खभात देवरा ६५ छे, तैंनी पूजा
करी, सर्वमली ८४ छे। थभन पार्श्वनाथ मुनीसुव्रत, पदमप्रभु,
खेरा पार्श्वनाथजी, चोमुखजी, ककीन सुपाश्र्वनाथ, रत्न पार्श्वनाथ,
सखेश्वरा पार्श्वनाथ, अठारमा अरनाथ जी का २, सहसफणा-
पार्श्वनाथ जी का २, देवरा कुथनाथ जी का ४, मल्लिनाथ नू १,
सम्भवनाथ जी को २, सीतलनाथना ९, ऋषभदेव जी का ७,
मुनीसुव्रत जी का बे चन्द्रप्रभु जी का ५, सुमतिनाथ जी का ३,
सामलीया पार्श्वनाथ जी का २, नेमनाथ जी को १, सुमतिनाथ जी
का २, चामुख महावीर जी को १, हसनाथ जी को १, वासपूज
जी को १, वभननाथ जी को १, धर्मनाथ जी को १, मन्दीर स्वामी
का १, नामीनाथ को १, सामलीया चन्तामण ३, जीराउला
पार्श्वनाथ जी को १, अभिनन्दन जी को २, अनन्तनाथ २, गाम
सूनेद मा देवरा ४, गन्तनाथ जी को सहसफणा पार्श्वनाथ जी को
सामलीया पार्श्वनाथ जी को श्रीयास जी को। गाम सीयोर
मा देवरो १, वासपूज जी को। गाम १, बीरूॅ तेमा कुन्थनाथ जी
को देवरो १, गाम १, सुटनगर मे देहरा ३, अजितनाथ जी को
१, ऋषभदेव जी का २, गाम सुराई चन्द्राप्रभु जी को देहरी १।
गाम १ सोपर जीरावला पार्श्वनाथ जी रो देहरो १, गाम
१, बकायण सम्भवनाथ जी रो देहरो, गाम १, साचोर, तेहमे
सन्तनाथ जी रा देहरा २, महावीर जी ना देहरा ३ पारसनाथ
जी रो १ गाम १ मरेट नवाव की, तेहमे देहरा १८, ऋषभदेव जी
को १, सन्तनाथ जी का २, अजितनाथ जी का १, सम्भवनाथ
जी को १, अभिनन्दन जी को ', सुमतिनाथ जी को १, पदमप्रभु
परिशिष्ठ २७५
जी को १, सुपार्श्वनाथ जी को १, चन्दाप्रभु जी को २, सीतलनाथ
जी का २, नेमनाथ जी को १, वासपूज जी को १, विमलनाथ जी
का २, गोडी पार्श्वनाथ जी का १, सेहर १, अहसदाबाद गुजरात-
तिण मे देहरा १२१, ऋषभदेव जी का १६, देहरा सम्भवनाथ जी
का ५, अजितनाथ जी का ५, धर्मनाथ जी का २, पञ्चासर पार्श्व-
नाथ जी को १, जीरावला पार्श्वनाथ जी को १, सातनाथ जी का
देहरा २५, सुवधनाथ जी रा देहरा ५, सीतलनाथ जी रा ४,
गोडी पार्श्वनाथ जो का ३, महावीर जी का ७, सहसफणा पार्श्व-
नाथ जी का ५, सखेश्वरा जी को १, सीमधर जी को १, चिंता-
मण पार्श्वनाथ जी का ३, नाकोडा पार्श्वनाथ जी को १, जगचिंता-
मणि पार्श्वनाथ १, मुनिसुव्रत पार्श्वनाथ २, रतन पार्श्वनाथ २,
चन्दाप्रभु जी का ४, चिंतामणि पार्श्वनाथ जी का ५, सावलिया
पार्श्वनाथ का ३, डण्डा पार्श्वनाथ का १, कोका पार्श्वनाथ जी
को १, जीरावला पार्श्वनाथ जी का २, चोमुख जी ३, सीमधर
स्वामी १, नेमनाथ जी को १, अमरनाथ जी को १, विमलनाथ
जी का ३, पदमप्रभू जी का ३, मुनिसुव्रत जी को १, कल्याण
पार्श्वनाथ जी का २, जमले देहरा १२१, अहमदाबाद मे छै।
गाम १, मेसाणा तिण मे देहरा १०, नेमनाथ जी को १,
पार्श्वनाथ जी को १, चन्दाप्रभु जी का १, ऋषभदेव जी का २,
सातनाथ जी को १, सीतलनाथ जी को १, चोमुख जी को १,
नन्दीश्वर द्वीप को १, दादाजी का पादुका १। तिहाथी गाम १
वटादरो ते मद्धे देवल १, जीरावला पार्श्वनाथ जी रो तिहाथी
गाम सोजतरा, ते मद्धे देवल ३, सन्तनाथजी को १, अजितनाथ
जी को १, महावीर जी को १, तिहा थी आदेसर जी का पादुका
पद्मावती माता।
तिहां थी गाम मातर ते मद्धे साचादेव देवरा चार ४, सुमति-
२७६ विविध तीर्थ-कल्प
नाथ जी पाचमा चारा मा सतिनाथ चन्दाप्रभु सामलिया पार्श्वनाथ
तिहा थी गाम खेडा, ते मद्दे देवरा १०, पलवीया पार्श्वनाथ को
देवल १, अमीझरा पार्श्वनाथ जी को १, भोअरा मा चन्दाप्रभु जी
चोमुख जी १, अरनाथ जी १, समोसरण को दरा १, अष्टापद जी
को देवल १, संभवनाथ जी को देवल १, सन्तनाथ जी को देवली
परा मा देवल ऋषभदेव जी को ।
तिहाँ से ग्राम पाटण मद्दे देवल ११, महसकोल जी १ सहस-
फणा पार्श्वनाथ जी का देवल २, ऋषभदेव जी का देवल ९, मेरु-
पर्वत १, अष्टापद जी १, समोशरण १, महावीर जी २, सुपार्श्व-
नाथ का २, चन्दाप्रभु जी का ३, चिन्तामणि पार्श्वनाथ जी का ७,
पञ्चासरा जी को १, भमति मुनीसर को १, अजितनाथ जी का
देवल ४, शम्भुनाथ जी ३, गोरी पार्श्वनाथ जी २, वाडि पार्श्वनाथ
जी को चोमुख १, नारगा पार्श्वनाथ जी को १, वासपूज्य जी का
२, मन्दर स्वामी को १, सखेस्वर पार्श्वनाथ जो को कोका
पार्श्वनाथ जी को १, जिरावला पार्श्वनाथ जी को १, अभिनन्दन
जी को २, सुमतिनाथ जी को २, सुवधिनाथ जी को १, सीतलनाथ
जी को ३, कुन्थ्युनाथ जी को १, नेमनाथ जी को १, नमिनाथ जी
को १, मल्लिनाथ जी को १, सन्तिनाथ जी को ९, मुनि सुव्रत जी
का २, धरमनाथ जी का २, विमलनाथ जी का २, अनन्तनाथ जी
का १, पद्मचन्द्रप्रभु जी को ३, रतनपार्श्वनाथ जी का २, कल्याण
पार्श्वनाथ १, मानमोहन पार्श्वनाथजी को १, भांडमोहन पार्श्वनाथजी
को १, मुनि पार्श्वनाथ जी को १, भाद्रवा पार्श्वनाथ जी १, वास-
पूज्य जी का १, टीका पार्श्वनाथ जी को १, सन्तिनाथजी को २ ।
तिहाति चाल्या गाउ ५, ग्राम भटेवा मद्दे देवल २, भटेरा
पारापार्श्वनाथ जी रो १, ऋषभदेव जी उपर ।
तिहाथी वीसनगर आल्या ते मद्दे देवरा ४, कल्याण पार्श्वनाथ
परिशिष्ट [२७७]
जी को १, ते ऊपर सहसफणा पार्श्वनाथ जी, तीसरे मालगोडी
पार्श्वनाथ जी तिहां से पुर ७ मे शांतिनाथ जी, तिहां से चाटक
गाउ ३, गाम बड़नगर ते मद्दे देवरा ६, ऋषभदेव जी रा २,
महावीर जी का १, कुन्थुनाथ जी का १, सहसफणा पार्श्वनाथ जी
का १, ते सामा पवप्रमेश्वरी १, तिहा थी चाल्या गाउ ७, गाम
श्रीपुर मद्दे देवल १, मुनि सुव्रत वीसमा को, तिहां थी चाल्या
गाउ ७, गाम तारंगाजी ने मद्दे देवल ७, धर्मशाला २, कुड २,
तालाव १, देवल १, अजितनाथ जी को सहसकोट १, मेरु पर्वत १,
समवगरण १, अष्टापद जी १, नन्दीश्वर बावन चोमुख गिरवर
जी का पगल्या, तिहा दस हजार साधु समोसर्या, चोरासी गणधर
का पगल्या, चोमुख । शान्तिनाथ जी को देवल १, सामलिया
पार्श्वनाथ जी १, शासनदेवी १, आचारज उपाध्याय ता पगल्या
जक्षदेवी की चोकी मुनीसर की टकरी ते ऊपर देरी छे मध्ये पगल्या
छे, अनन्ता साधु सिद्धी गया । हेठे हडुमान जी छे ।
तिहा से गाउ वारे गाम १, जसोरात मद्दे देवल १ संन्तिनाथ
जी को, तिहा से गाउ ३ गा पालाणपुर सेर १ ते मद्दे देवल ८
पालविया पारसनाथ जी को, ऋषभदेव जी को २, भमति माँ
गवडी पारसनाथ जी को १, शांतिनाथ जी को ३, सम्भवनाथ जी
को १, नेमनाथ जी को १, महालक्ष्मी को १, तिहाथी चाल्या
गाम आबुजी आवया ते मद्दे देवल १३, ऋषभदेव जी का ३,
नेमनाथ जी को १, भमति माँ मुनिसुव्रत स्वामी को देवल १,
तहाँ चौवीसी है । पार्श्वनाथ जी का चौमुख ३, तीजे खण्ड केसरी
चकेसरी आसनदेवी चेतरपाल १, देवरानी-जेठानी गोखला २,
जीके ऊपर चौमुख २, मिडल ऊपर देवल १, सन्तनाथ जी को
नेमनाथ जी की भमति माँ १२, पातगाह सामलिया पारसनाथ जी
को चौमुख दरवाजा बाहर क्षेत्रपाल से हेठे नागजी दूदमजी ते
२७८ विविध तीर्थ-कल्प
सामने विमलशाह पोतानो सर्व परिवार लेई ऊभा छै । खजानो
समा साथै धर्मशाला मा छ., ते सामे अजितनाथ जी को डेरो छ.,
ते सामे सन्तनाथ जी को देरो छ । ते ऊपर सामलिया पारसनाथ
जी रो देवल, ते ऊपर सिद्धाचल जी की चौवीसी, दरवाजा ४,
धर्मशाला ४, फूल की वाड़ी कुण्ड १, देह (च) हुम्वड को १ ।
तिहाँ से चाल्या गौउ तीन अचलगढ़-तिहाँ देवरा ७, हेठे
चौमुख जी १, नेमनाथ जी १, पारसनाथ जी को १, कुन्थुनाथ जी
को १, ऋषभदेव जी को १, किर हेठे गाम सामने सन्तनाथ जी
को देरो १, गाम हेठे कुड १ धीनो, चाडाबे घी पी गया । जरणना
चौमुख जी कचन का, ते ऊपर चौमुख जी रो दोहरो वन्यो छ. ।
तिसे गाऊ दो महावीर जी देरो १ गाम भा छ ।
तिहाँ से गाम सिरोई-गाळ २५ ते मद्दे देवल १४, देवरा
जिरावला पारसनाथ जी को १ ऋषभदेव जी का चौमुख सुवा २
अचल पारसनाथ को १ मुनि सुव्रत को १ नेमनाथ जी को १
संभवनाथ जी को १, चिन्तामण पारसनाथ जी को १, सीतल-
नाथ जी को १ चन्द्रप्रभु जी को १ नन्दीसरद्वीपा १ महावीर जी
१ श्रेयासनाथ जी १, गोडी पारसनाथ जी १ गान्तिनाथ जी को ।
तिहाँथि चाल्य गाम गळ ४०, बरकाना जी देवरो १,
वरकाना-पारसनाथ जी को १, तेनि मति ५२ देरी, सामि चौबीसो,
बाहर जागदेव नो कुड केसर को हेठे कुंड १, धर्मगाला २,
दरवाजा बार ।
तिहाँ से गाम सादरी गाळ १२ ते मद्दे देवरो १, गान्तिनाथ
जी को भमति देवरो १, ऋषभदेव जी १ ।
तिहाँ से गळ ३, राणपुर भछे देवल १, मद्दे ऋषभदेव जी
ना चौमुख ३, तीसरा माल तांई, ते हेठे महावीर जी, समोशरण
जी मोक्ष वसि सांवलिया पारसनाथ, नेमनाथ जी, भुवैंरा १४,
अन छ ८४, मेरु पर्वत, नन्दीसरद्वीप सिद्धचक्र ८४, गवरता-
पगला, शेषफणा पारसनाथ जी, ते मा थम्भ ८४, ते मा थम्भ
बे लाख ना वे तिने साहमां धनौ पोरवाड हाथ जोडि उभा छै.
सम्मेद-शिखर जी घरकोट स्वर्ग पाताल मृत्युलोक को छै अष्टा-
पद जी, गरबर जी, क्षेत्रपाल जी, माता भवानी, २९ तामा छै ।
कोठा १, सोना रूपा की भरी तीन वार लुटाई सुपना १४, नो
आकार छै । मुरादेवी माता धर्मशाला १, दरवाजा बारह दरवाजा
४ छै । कुंड १ मडल ८, अजोतनाथ जी को, गौड़ि पारसनाथ
जी, वासपूज जी, चौमुख जी, सहसकूट, सहसदेव, णिद्धाचल जी,
दादाजो का पगला, जमले सर्व मिली ४९, दर्शन करया छै ।
तिहाँ थी चाल्या नंडालि मा देरा ५, सन्तनाथ जी, पद्मप्रभु
जी, नेमनाथ जी, जगवाल पारसनाथ जी, शीततनाथ । नाडलाह
मा देरा ११ छै ऋषभदेव जी ना देरा २, १, देवरो अपासरा
मा अजीतनाथ जी को सुपार्श्वनाथ जी ऊपर जादवा जी को वास-
पूज जी को नेमनाथ जी को ।
तिहाँ थी गाळ ३, धानोरा छै ते माय देवरा ७, छै—गौड़ि
पारसनाथ, ऋषभनाथ जी, धर्मनाथ जी, कुन्थुनाथ जी, देरासर
१, उपासरा मा जिगवला पारसनाथ । तिहाँथि गाम टालिऊ ७,
ते मद्दे देवल १, सन्तनाथ जी रो । तिहाँ मे गळ ५ हिलोद—ते
मद्दे देवल ५, उपासरामा देवल १, ऋषभदेव जी रो १, गान्ति-
नाथ जी रो १, पारसनाथ जी को १, गौडी पारसनाथ जी को १ ।
तिहाँ से १ उदयपुर गळ ७, ते मद्दे देवल २४, ऋषभदेव जी
रा ४, शेषफना पारसनाथ जी रा २, गौडी पारसनाथ रा २,
शीततनाथ जी का ३, चदाप्रभु जी का ३, सामलिया पारसनाथ
जी का १, सुपार्श्वनाथ जी का १, दादा पारसनाथ जी का १,
पद्मप्रभु जी को १, सन्तनाथ जी को २, चौमुख जी २, पारसनाथ
जी को । तिहाँ से पुरा मे देवरा २, सन्तनाथ जी को १, पदमनाथ
जी को १।
तिहाँ से २, सिहोर—तिहाँ देवल ३, ऋषभदेव जी रो १,
सन्तनाथ जी रो १, नागेसर जी रो देरी । तिहाँ से गऊ १८, गाम
धुलेव जी—तिहाँ देवल १, केसरियानाथ जी, ऋषभदेव जी,
भमति १, ते मद्दे नेमनाथ जी, सन्तनाथ जी, गामनदेवी १,
मानभद्र जी, महाराज, सामे ८८, गणधरना पगल्या, धर्मशाला
३, वावडी १ ।
तिहाथि गाऊ ७, डूगंरपुर छै ते मद्दे डेरा ४, छै ऋषभदेव
जी रो १, कल्याण पारसनाथ जी, चिन्तामन, पारसनाथ जी को
३, सामलिया पारसनाथ जी को । तिहाँथि गाम १, सरदार, देवरो
१, ऋषभदेव जी को । तिहाँथी गाम १, सपदी सन्तनाथ जी को
देवरो १, गाम १, अपेनगर देवरो १, महावीर जी को, तिहाथि
गाम वीजापुर मा देवरा ७, ऋषभदेव जी को चौमुख जी असनाथ
जी, चिन्तामन पारसनाथ, नेमनाथ पदमावती की गाम १,
अटवाड़ो देवरो १, शान्तिनाथ जी को गाम १, बजान ऋषभ-
देव जी को १ ।
तिहाँमे गाम १ वर्द्धज्यो (वदरज्यो) देवल १, संभवनाथ का,
तिहाँथि गाम १, रतनपुर ते मद्दे देवल १, ऋषभदेव जी को,
तियाथि गाम १, सुरो ते मद्दे देवल १, सन्तनाथ जी को, गाम १,
वरावन देवरो १, ऋषभदेव जो को, गाम १, पाटरी देरो १,
शान्तिनाथ जी को गाम बढ़वान देरो १ सन्तनाथ जी को, गाम
१ दामरो ते मद्दे देरो १, ऋषभदेव जी रो तिहाँ से गाम १,
पंचासरा ते मद्दे देवल १, महावीर जी को, तिहाँ से गहरु १,
गाँऊ राघनपुर ते मद्दे देवल १८, अजीतनाथ जी को २, चिन्ता-
मणि जी को २, प रसनाथ•जी को १, ऋषभदेव जी का २, सन्त-
नाथ जी ३, पारसनाथ जी का २, महावीर जी का २, सामलिया
पारसनाथ जी को १, गौपफणा पारसनाथ जी को १, वासपूज जी
को १, धर्मनाथ जी को चौमुखीडिया पारासनाथ जी को १, ऋषभ-
परिशिष्ट २८१
देव जी को चौमुख भूंरा मा धर्मनाथ जी १, तियासे गाम
मोरवाड़ो सन्तनाथ जी को देवल १ ।
तिहासे संघपलो सघवीनाथु यात्राकरि, ७ सघ १, पाटन को
गाडी ३५०, संघ १, अहमदाबाद को गाडी २५० संघ १, पलि
को गाडी ६०, सघ १ राधनपुर को गाडी १५०, संघ १ वीसनगर
को गाडी २७, संघ १ पालनपुर गाडी १२५ सघ १ वीजापुर को
गाडी ४६, सघ १ इडर गाडी ६०, संघ १ सूरत को गाडी ८०
सघ १ भावनगर गाडी १५, सघ १ वडनगर नो गाडी २१, सघ १
बड़ोदरानो गाडी ७, सघ १ एकाखमातको गाडी ५५, सघ १
मांडवी को गाडी ९००, श्री पूज्य तपेगच्छ को ठानु २५० (२।।) साथै,
सघ १ अजमेर को गाडी १५०, खरतरगच्छना ठाणा ३५ संवेगी १७,
सघ १ समिको गाडी ५०, सघ सर्वे श्रावक श्राविका साधू माध्वी
मलीने सघ यात्रा ७१००० ग्राम मोरवाडे बरखड़ी हेठ यात्राकरि
छै । सघ वीजो गाम भांडिविनो सगती पानाचन्द कच्छधुजये
गाडी ५५० घोडा १०० नगाहा निशान समेत । सघ १ राधन-
पुर को गाडी ७५ सघ १ पाटन को गाडी ६०, सघ १ वीसलनगर
गाडी ७, सघ १ समिको गाडी १७ सघ १ गामडा सर्वेगाडी ४००
साधूका था चाला कीर्तिविजय लक्ष्मीविजय रूपविजय आसकरण जी
कुँवर विजय यात्रा ७ बरखडी यात्रा सर्वमलि हजार पन्द्रह १५०००
यात्रा करिछे तिहाथि गाँव घारमो देवरो १ ते मद्दे धातुनो चौवीस
सात, गाँव १ कापल्मा पारसनाथ थम्म ८४ तियासे गाम १
पालि ते मद्दे देवल ४ नौलखा पारसनाथ जी को १, शान्तिनाथ
जी सुपार्श्वनाथ जी १ गौडिपारसनाथ जी को १, तिहासे गाँव १,
फलौदी पारसनाथ जी को देवल १ धर्मशाला ४ तिहासे शहर १
मेड़तो देवरो १८ ऋषभदेवजीरा २ शान्तिनाथजीरा ३ चिन्तामणि
पारसनाथजी २ गौडि पारसनाथ जी को १ पदमप्रभुजी १ साव-
लिया पारसनाथ जी का २ शेषफणा पारसनाथजी का २ महावीर
२८२ विविध तीर्थ-कल्प
स्वामी को बीसवा मुनिसुव्रत स्वामी को १, नेमनाथ जी का १ ।
तिहासे गाम १, किशनगढ ते मद्दे देवल १ ते मधे चिन्तामणि
पारसनाथ जी गाम १, जागानेर देवल २ चद्राप्रभु जी १ महावीर
जी १ दादाजी की छत्री १, धर्मगाला ३। तियाथि सवाई जयपुर
देवग २ सुपार्श्वनाथ जी को १ सुमतिनाथ जी को १ मून
( मोहन ) वाडी १ ऋषभदेवजी रा पगल्या छै. ।
श्री भावनगर का देहरा ४ ऋषभदेव जी को १ जिण मे बिम्व
१४२, दुजो देहरो कुंथनाथ जी को जिनमे बिव ६२, तीजी देहरो
शान्तिनाथ जी को जिण मे बिम्व ५८, चोथो देहरो गोडी पार्श्व-
नाथ जी को जिण मे बिव २६ गोगा विन्दर मे देहरा ४ नवखंडा-
पारसनाथ जी को देहगे १ तिण मे बिंव ७३, शान्तनाथ जी को
देहगे दुजो तिण मे विंव ३३, तीजो देहरो चंद्रप्रभु जी को तिण
मे त्रिंव २१, चोथो देहरो जीरावला पारसनाथ जी को विव ३१ ।
तलाजो गांव तिण मे देहरा ३ सावला पारसनाथ जी रो
देहरो १ तिण मे विंव ३४ उपर चोमुख जी देहरो १ विम्व ८,
उपाशरा ऊपर देहरो १ शान्तनाथ जी को बिम्व ३४। गाँव १
टाणो देहरो १ ऋषभदेव जी को १ विम्व ७। मंदिर जी देहरो १
विम्व १५८, गांव १ पडमो देहरो १ ऋषभदेव जी को विम्व ७२,
देहरो शान्तनाथ जी को विम्व ५१, देहरो १ अजितनाथ जी को
विम्व ३६, देहरो १ गोडी पार्श्वनाथ जी का विम्व ६३। गाँव १,
सुखेड़ो देहरो १ पदमप्रभुजी का विम्व ४२ गाँव १ रामसिरपुर
देहरो १ पारसन थ जी को विम्व ८२, देहरो १ सम्भवनाथ जी
को विम्व १९ गाँव १ समतपुर देहरो १ वामपूज्य जी को विम्व
१६६ भुहरा १ माहे प्रतिमा २२, देहरो १ पदमप्रभु जी को विम्व
६७। गावनीवड़ी तिण मे देहरा ३ एक तो शान्तनाथजी को विम्व
१२१, सांवलीया पारसनाथ जी को विम्व ६४, सुपारसनाथ जी
रो देहरो तिण मे विम्व ३९, पाणी मे मेहर का पुरा मे देहरो १
परिशिष्ट २८३
गान्तनाथजीको विम्व ५१। गाँव १ गंडारी देहरा २ तिण मे विम्व
५८। गाँव १ तालरो देहरो १ ऋषभदेव जी को बिम्ब ३। गाँव
१ नांदीयो देहरा ३ जीवतस्वामी को विम्ब ४७, पगल्या महावीर
जी का १ काउसग रह्या डुगर को पथर हेठे पडतोथो, ओ पगल्या
१ काउसग्ग ऊभा था। उपवास मा हे देहरासर शान्तनाथ जी को,
उहाँ से गाउ ३ देहरो १ गाँव लोटाणो श्रो ऋषभदेवजी बिम्ब ११।
बाभण वाडदेहरो १ श्रीमंहावीर जी को विम्ब ७५, पगल्या २
उहाँ श्री भगवान पोते का उसग्ग रह्या खरचेद, उहाँ कासी
नीखीली भगवान काढी, पाहाडफाटो, समुद्र जलफलीया, वेद
रो जीव देवलोक गया, देहरा का दरवाजा ४ भमनी की देहरी
५२, मोटो सीखरबन्ध धरमशाला ३, पानडी २, एहको मोटो
देहरो छै वरसो वरसी मेलो भरीजे छै, लोक जात्रा करण नै
घणा आवै छै। गाँव पडवाड देहरा ३ एक तो महावीर स्वामी,
एक पारसनाथ जी, एक गोडी पारसनाथ जी। उपासरा मोहे
सर्वसंख्या विम्व १७ देवी ३। गाँव १ माकड़ो देहरो १ विम्व ३।
गाँव १ नांदोत देहरो १, महावीर जी को विम्व ६७। गाँव १
बीजापुर देहरा २ महावीर जी राता मुहड र मे गाउ ३ देहरो १
पारसनाथ जी को पगल्या २४। गाँव १, साहवाड़ो देहरा २।
१ रीखभदेव जी को दुजो १ उपासरा माहे बिम्ब संख्या २८।
गाँव १, वाली देहरा ३ एक महावीर जी को एक सान्तनाथजी
को एक धरमनाथजी को, उपासरा माँहि विम्व ४१। गाव १
खीमाणदो देहरो १ शान्तनाथजी को विम्ब ३।
जोधपुर का देहरा ५ श्री सम्भवनाथजी को देहरो विम्ब १९,
श्रीमहावीरजी को विम्व २१, पाषाण का धातु का ४३। देहरो
१, गान्तिनाथजी को पाषाण का ११, धातु का ३ विम्व। मंडोवर
मे देहरो - चिन्तामण पारसनाथजी का धातु का विम्व ९, पाषाण
का विम्व १८ ऋषभदेवजी को देहरो बिम्ब २४ पाषाण का।
२८४ विविध तीर्थ-कल्प
गावतिवरी देहरो १, दादा पारसनाथजी को बिम्ब ६ धातु
का पाषाण का २ देहरो १ टीका पारसनाथजी को बिम्ब २१
पाषाण का। गाँव १ पोहकरण देहरो श्री गौडी पारसनाथजी
को बिम्ब ४५। १५ पाषाण का धातु का ३० देहरो १ ऋषभदेव-
जी को बिम्ब १२ पाषाण का धातु का ५०।
जेसलमेर चिन्तामणि पार्श्वनाथ जी मूरत ८५, दरवाजा बारे
१७, फीरती ४३१, गणधर की मूरत १७ पाट १००८४ पाट
सोद्धाचल जी कौ, १०८ प्रातमा पाट २, १`०।१७० बीस बीस
२० सब सख्या ५७७ पाट ४ सख्या ७३२ संख्या चिंतामणि जी
की १३०९ शीतलनाथ जी को मिंदर १ देहरा मांहे विव २७
गुवारा बारे १०२ पाट १।१०८। सख्या २३७ संभूनाथ गु भारा मे
तो नव दरवाजा वार ९६ भवती मे ८४ पाट २५१ एक ६४
सख्या २९५। दरवाजा वार पाट १७०।१७० सब सख्या ६३५
देहरो १ शातिनाथ जी को १९६ विव पाट ३२।७० तीर्थकरा
रो सेतुजा की जी रौ चौवीसी रो पाट पादुका २, आचार्य रो श्री-
पुजकरायौ, हाथो २, ऊपरै शातिनाथ जी की माता पिता छै वठा
छै, देहरो १ नीचो अष्टापद जी रौ भमती माहे ५४ विव, पाट
१।१७०। २, पाट १७० पाट ३।२४ तीन रा छै। वाहिरी भमती
मे १३० विव छै देहगे १, आदीसर जी को धात का विव ५,
पाषाण का ९, सिद्धचक मूधा मूल गभारा मे माहीला भमती मे
विव छोट माट १८२ वाहग्ला भमती मे विव ८१० पाट ३
चोवीसी का पाट २, भारी १७०।१७० तीर्थंकर सिद्धाचल जी रो
पाट एक १०८ विव। देहरो १, चदाप्रभु जी को चोमुखो विव २४,
विव माहेली माही भमता वारला भमती ५१ विव पाट ६ देवी ग
पाट २, चौवीसी पाट ४, सासन देवी रखवाली सासन जिन रो
रखवाला पाट २। दूजी भूम १८० विव चौमुखा चदाप्रभु जी को
मूल नायक छै, भमती २०, विव छै चौमुखा मे चंदाप्रभु जी छै।
देहरो १, माहावीर स्वामी रो छै जीन से बिंव ३८, सर्वधात
पाषाण का ८४ बिंव, पाट २४, देवी को छै ।
सैहर मे देह रो १, सुपारसनाथ जी को छै । जेसलमेर सैर मे
तपा रा उपासरा कनै सुपार्श्वनाथ जी बिंव ४५, गोडीपार्श्वनाथ
जी को देहरो १, बिंव ५, छै । तपा रो छै दे हुदो है देहरो थेरासा
रो बिंव २१ छै। सुपार्श्वनाथ जी का देहरा मे भोमीयोजी रा
पगलिया छै। सुपार्श्वनाथ जी का देहरा मे माणभद्र जी हीर-
विजयसूर जी प्रतिभा छै ।
कोस १, गगासागर तलाव छै, जठे माणभद्र जी छै, गोडी जो
रा पगलीया छै, गोरा जख पाषाण छै, सावलीयो छै, दादा पग-
लीया छै, कुसलगुर गटीसर भायें, गोडी जी रा पगलिया छै छत्री
माहे धरमशाला छै । दादा रा पगलिया छै, क्षत्री छै कोस १, क्षत्री
३ दादा री छै माहे पगला छै, तलाव छै फूल की वाडी छै ।
उपासरा तपा रा २, खरतरां रा २, आचलीया उपासरो १,
वेगडां रो १ छै लुकडी नो उपासरो १ छै ।
लोद्रवे देहरा ६, तपारा ३ छै, चिंतामण पारसनाथ जी का
देहग मे बिंव ७ पाषाण का छै, धात का बिंव १४, देवी ३ छै ।
सिद्धचक्र जी १ सहस्रफणो पारसनाथ बिंव ३ पगल्या ८८ गणधरना
ऋषभदेव जी रो देहरो १, बिंव -, धातरी प्रतभा १, पगल्या
सत्रुंजा का २४, देहरो १, अजितनाथ जी को मूलनायक १, सिं
नाथ जी को १, देहरो १, मूलनायक १, अष्टापद जी को देहरो १,
बिंव २४ । दादा रा पगला तपा रो उपासरो १, खरतरा १, धर्म-
शाला ५ क्षेत्रपाल १ ।
गांव फलोधी देवरा ३, ऋषभदेव जी रो १, बिंव २१, पाषाण
का धात की ७, श्री शांतिनाथ जो को बिंव २१, धात की ६३,
सीतलनाथ जी को बिंव ३, पाषाण की धातु की ४ । बीकानेर
देवरा १३, श्रीचिंतामण पार्श्वनाथ बिंव ३६, पाषाण की धातु की