विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)
Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri
आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा
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स्वामी को बीसवा मुनिसुव्रत स्वामी को १, नेमनाथ जी का १ ।
तिहासे गाम १, किशनगढ ते मद्दे देवल १ ते मधे चिन्तामणि
पारसनाथ जी गाम १, जागानेर देवल २ चद्राप्रभु जी १ महावीर
जी १ दादाजी की छत्री १, धर्मगाला ३। तियाथि सवाई जयपुर
देवग २ सुपार्श्वनाथ जी को १ सुमतिनाथ जी को १ मून
( मोहन ) वाडी १ ऋषभदेवजी रा पगल्या छै. ।
श्री भावनगर का देहरा ४ ऋषभदेव जी को १ जिण मे बिम्व
१४२, दुजो देहरो कुंथनाथ जी को जिनमे बिव ६२, तीजी देहरो
शान्तिनाथ जी को जिण मे बिम्व ५८, चोथो देहरो गोडी पार्श्व-
नाथ जी को जिण मे बिव २६ गोगा विन्दर मे देहरा ४ नवखंडा-
पारसनाथ जी को देहगे १ तिण मे बिंव ७३, शान्तनाथ जी को
देहगे दुजो तिण मे विंव ३३, तीजो देहरो चंद्रप्रभु जी को तिण
मे त्रिंव २१, चोथो देहरो जीरावला पारसनाथ जी को विव ३१ ।
तलाजो गांव तिण मे देहरा ३ सावला पारसनाथ जी रो
देहरो १ तिण मे विंव ३४ उपर चोमुख जी देहरो १ विम्व ८,
उपाशरा ऊपर देहरो १ शान्तनाथ जी को बिम्व ३४। गाँव १
टाणो देहरो १ ऋषभदेव जी को १ विम्व ७। मंदिर जी देहरो १
विम्व १५८, गांव १ पडमो देहरो १ ऋषभदेव जी को विम्व ७२,
देहरो शान्तनाथ जी को विम्व ५१, देहरो १ अजितनाथ जी को
विम्व ३६, देहरो १ गोडी पार्श्वनाथ जी का विम्व ६३। गाँव १,
सुखेड़ो देहरो १ पदमप्रभुजी का विम्व ४२ गाँव १ रामसिरपुर
देहरो १ पारसन थ जी को विम्व ८२, देहरो १ सम्भवनाथ जी
को विम्व १९ गाँव १ समतपुर देहरो १ वामपूज्य जी को विम्व
१६६ भुहरा १ माहे प्रतिमा २२, देहरो १ पदमप्रभु जी को विम्व
६७। गावनीवड़ी तिण मे देहरा ३ एक तो शान्तनाथजी को विम्व
१२१, सांवलीया पारसनाथ जी को विम्व ६४, सुपारसनाथ जी
रो देहरो तिण मे विम्व ३९, पाणी मे मेहर का पुरा मे देहरो १