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विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

विविध तीर्थ कल्प (आचार्य जिनप्रभ सूरि - प्राचीन भारतीय तीर्थ, ऐतिहासिक भूगोल व पुराविहार)

Vividha Tirtha Kalpa of Jinaprabha Suri

आचार्य जिनप्रभ सूरि (सम्पादक: मुनि जिनविजय) द्वारा

DevanagariSanskritpublished442 पृष्ठ

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पृष्ठ 358

परिशिष्ठ २७५

जी को १, सुपार्श्वनाथ जी को १, चन्दाप्रभु जी को २, सीतलनाथ
जी का २, नेमनाथ जी को १, वासपूज जी को १, विमलनाथ जी
का २, गोडी पार्श्वनाथ जी का १, सेहर १, अहसदाबाद गुजरात-
तिण मे देहरा १२१, ऋषभदेव जी का १६, देहरा सम्भवनाथ जी
का ५, अजितनाथ जी का ५, धर्मनाथ जी का २, पञ्चासर पार्श्व-
नाथ जी को १, जीरावला पार्श्वनाथ जी को १, सातनाथ जी का
देहरा २५, सुवधनाथ जी रा देहरा ५, सीतलनाथ जी रा ४,
गोडी पार्श्वनाथ जो का ३, महावीर जी का ७, सहसफणा पार्श्व-
नाथ जी का ५, सखेश्वरा जी को १, सीमधर जी को १, चिंता-
मण पार्श्वनाथ जी का ३, नाकोडा पार्श्वनाथ जी को १, जगचिंता-
मणि पार्श्वनाथ १, मुनिसुव्रत पार्श्वनाथ २, रतन पार्श्वनाथ २,
चन्दाप्रभु जी का ४, चिंतामणि पार्श्वनाथ जी का ५, सावलिया
पार्श्वनाथ का ३, डण्डा पार्श्वनाथ का १, कोका पार्श्वनाथ जी
को १, जीरावला पार्श्वनाथ जी का २, चोमुख जी ३, सीमधर
स्वामी १, नेमनाथ जी को १, अमरनाथ जी को १, विमलनाथ
जी का ३, पदमप्रभू जी का ३, मुनिसुव्रत जी को १, कल्याण
पार्श्वनाथ जी का २, जमले देहरा १२१, अहमदाबाद मे छै।
गाम १, मेसाणा तिण मे देहरा १०, नेमनाथ जी को १,
पार्श्वनाथ जी को १, चन्दाप्रभु जी का १, ऋषभदेव जी का २,
सातनाथ जी को १, सीतलनाथ जी को १, चोमुख जी को १,
नन्दीश्वर द्वीप को १, दादाजी का पादुका १। तिहाथी गाम १
वटादरो ते मद्धे देवल १, जीरावला पार्श्वनाथ जी रो तिहाथी
गाम सोजतरा, ते मद्धे देवल ३, सन्तनाथजी को १, अजितनाथ
जी को १, महावीर जी को १, तिहा थी आदेसर जी का पादुका
पद्मावती माता।
तिहां थी गाम मातर ते मद्धे साचादेव देवरा चार ४, सुमति-