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महाभारत (खंड ५) - शान्ति पर्व

Mahabharata (Vol 5) - Shanti Parva

महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा

DevanagariSanskritpublished2,450 पृष्ठ

शान्तिपर्व [सचित्र, सरल हिंदी-अनुवादसहित]

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॥ श्रीहरिः ॥

श्रीमन्महर्षि वेदव्यासप्रणीत

महाभारत

(पञ्चम खण्ड)

शान्तिपर्व [सचित्र, सरल हिंदी-अनुवादसहित]


त्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव ।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव
त्वमेव सर्वं मम देवदेव ॥


अनुवादक—
साहित्याचार्य पण्डित रामनारायणदत्त शास्त्री पाण्डेय 'राम'

सं० २०७२ पंद्रहवाँ पुनर्मुद्रण ३,२००
कुल मुद्रण ८०,३००

प्रकाशक—
गीताप्रेस, गोरखपुर—२७३००५
(गोबिन्दभवन-कार्यालय, कोलकाता का संस्थान)
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