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विज्ञान भैरव तन्त्र (११२ ध्यान धारणाएँ - हिन्दी व्याख्या सहित)
Vijnana Bhairava Tantra with Hindi Commentary
भगवान भैरव / प्रो. ब्रजवल्लभ द्विवेदी द्वारा
स्रोत: मोतीलाल बनारसीदास / चौखम्बा · मोतीलाल बनारसीदास / चौखम्बा · 1950 (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished256 पृष्ठ
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पृष्ठ 243स्थायी लिंक
१८६ : विज्ञानभैरव
स्तवचिन्तामणिटीका ८०, १२९, १४०, स्पन्दनिर्णय १७, २०, ३१, ५८-५९, ६६,
१६१ ६८, ८५, ११०-१११, १२७, १५०
स्पन्दकारिका ३१, ३८, ४०, ५३, ५५, स्पन्दप्रदीपिका १२७
५९, ६६, ६९, ७८, ८०, ८४, १०६- स्वच्छन्दतन्त्र ६, ७, २१, २५, ४२-४३,
१०७, ११०, १२३, १२५, १२७, १४०, ५५, ६०, ६९, ८०-८१, ८४, १०३,
१४३-१४४, १५७ १२५, १३१, १५९, १६३, १७४
स्पन्दकारिकाविवृति २१ स्वच्छन्दोद्योत ७, १२, २१, ६८, ११९,
१२३