प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
Plate LXIII.
लिपिपत्र ६३वां.
जटिलवर्मन् और वरगुणपांड्य के लेखादि से.
(ई. स. की ८वीं और ९वीं शताब्दी).
जटिलवर्मन् के समय के आणैमले के लेख से (ई. स. की ८वीं शताब्दी):
अ आ इ उ क ङ च ञ ट ण त न प म य र
ल व ळ ऱ ऴ् प् य् ण् ता पा मा या कि रि नी कु
गु मु मू णे पे मे टै रै को क्कु र्क्कु ण्णै त्त.
जटिलवर्मन् के दानपत्र से (ई. स. की ८वीं शताब्दी):
अ आ इ ई उ ए ओ क ङ च ञ ट ण त न प म य र
ल व ळ ऴ र् ऴ् क् त् चा ना मा णा कि टि की नी
कु टु तु यु रु कू चू रू ते पे यै रै को तो पो.
वरगुणपांड्य के अंबासमुद्र के लेख से (ई. स. की ९वीं शताब्दी):
अ आ इ इ ई उ ए ऐ ऐ ओ क ङ च ञ ट ण त
न न प म य र ल व ळ ळ ऴ र् र् ण् ण् का टा
रा वा वि री कु चु दु तु लु नू रू ने वै मे पो.
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitzed by eGangotri
Plate LXIV. लिपिपत्र ६४वां.
श्रीवल्लभंगोडै, भास्कररविवर्मन् और वीरराघव के दानपत्रों से.
(ई. स. की १०वीं से १४वीं शताब्दी के आसपास तक).
मांबळ्ळि से मिले हुए श्रीवल्लभंगोडै के दानपत्र से (कोल्लम् सं. १४६ = ई. स. ९७३).
अ आ इ ऊ क ङ च ञ ट ण त न प म म य र ल
व ळ ऴ र ऱ का ना या चि यि रि वि की ळी कु चु
तु लु ळु रु कू पू रू पे वे टै रै को चो पो रा.
कोचिन् से मिले हुए भास्कररविवर्मन् के दानपत्र से (ई. स. की ११वीं शताब्दी के आसपास).
अ आ इ ई उ ए क ङ च ञ ट ण त न प म
य र ल व ळ ऴ र ऱ ऩ टा मा टि ति वी कु
चु टु मु रु लु ळु कू नू यू के पे वे मै को तो.
कोट्टयं से मिले हुए वीरराघव के दानपत्र से (ई. स. की १४वीं शताब्दी के आसपास).
अ इ उ ए ए ऐ ओ क ङ च ञ ट ण त न प
म य र ल व ळ ऴ र ऱ ता या णा ति नि वि
चि णि कु तु मु रु रू नू चे टे तै तो यो रो.
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Plate LXV.
लिपिपत्र ६५वां.
मौर्यवंशी राजा अशोक के शहबाजगढ़ि और मान्सेरा के लेखों से.
(ई. स. पूर्व की तीसरी शताब्दी).
अ अ अ इ इ उ उ ए ए ए ओ अं क क ख ख ग ग घ
੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭
घ च च च छ छ ज ज ज झ ञ ञ ञ ट ट ट ठ ठ ठ
ड ड ढ ढ ण ण त त त त त थ थ द द द द ध ध
न न न न प प प फ फ ब ब ब भ भ म म म म
म य य र र र ल ल व व श श श ष ष स स स
ह ह ह ह कि खि चि जि ठि णि ति मि भि सि गु चु तु धु नु
यु वु झु जे ते ने दे ये पे चो नो मो शो षो सो जं थं नं मं मं
यं रं वं षं हं ग्र द्र द्रि त्ति/व च द्र ध प्रि/पि भ्ये य्य स्य ब्र/व स्त स्तिव स्यु/द्यु
[खरोष्ठी लेख: पंक्ति १]
[खरोष्ठी लेख: पंक्ति २]
[खरोष्ठी लेख: पंक्ति ३]
[खरोष्ठी लेख: पंक्ति ४]
[खरोष्ठी लेख: पंक्ति ५]
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri
Plate LXVI. लिपिपत्र ६६वां.
हिन्दुस्तान के ग्रीक (यूनानी), शक, पार्थिअन और कुशनवंशी राजाओं के सिक्कों से.
(ई. स. पूर्व की दूसरी शताब्दी से ई. स. की पहिली शताब्दी तक).
ग्रीक (यूनानी) राजाओं के सिक्कों से.
अ इ इ ए अं अं क ख ख ग च च कु ज ज ज ज ज ज ज झ त
𐨀 𐨀𐨁 𐨀𐨁 𐨀𐨅 𐨀𐨎 𐨀𐨎 𐨐 𐨑 𐨑 𐨒 𐨕 𐨕 𐨐𐨂 𐨗 𐨗 𐨗 𐨗 𐨗 𐨗 𐨗 𐨙 𐨟
त त त त त त द द द ध ध न न न प प फ म म म य य य
𐨟 𐨟 𐨟 𐨟 𐨟 𐨟 𐨡 𐨡 𐨡 𐨢 𐨢 𐨣 𐨣 𐨣 𐨤 𐨤 𐨥 𐨨 𐨨 𐨨 𐨩 𐨩 𐨩
र र र र ल ल ल व श स स स स स स ह ह ह ह ह
𐨪 𐨪 𐨪 𐨪 𐨫 𐨫 𐨫 𐨬 𐨭 𐨯 𐨯 𐨯 𐨯 𐨯 𐨯 𐨱 𐨱 𐨱 𐨱 𐨱
डि दि फि बि मि शि पु पु यु वु मे हे झो चं यं क्र चे/तै द्र भ्र ख्वें स्त्र.
𐨜𐨁 𐨡𐨁 𐨥𐨁 𐨦𐨁 𐨨𐨁 𐨭𐨁 𐨤𐨂 𐨤𐨂 𐨩𐨂 𐨬𐨂 𐨨𐨅 𐨱𐨅 𐨙𐨆 𐨕𐨎 𐨩𐨎 𐨐𐨿𐨪 𐨕𐨅/𐨟𐨅 𐨡𐨿𐨪 𐨧𐨿𐨪 𐨑𐨿𐨬𐨅𐨎 𐨯𐨿𐨟𐨿𐨪.
शक, पार्थिअन और कुशनवंशी राजाओं के सिक्कों से मुख्य मुख्य अक्षर.
अ अ ओ ग क क ज ज ज फ फ फ र र र ल प श स म स ह ह
𐨀 𐨀 𐨀𐨆 𐨒 𐨐 𐨐 𐨗 𐨗 𐨗 𐨥 𐨥 𐨥 𐨪 𐨪 𐨪 𐨫 𐨤 𐨭 𐨯 𐨨 𐨯 𐨱 𐨱
इ ति थि चि कु गु गु जु दु दु पु मो प्र र्म र्व त्र य्र स्प ट्फि.
𐨀𐨁 𐨟𐨁 𐨠𐨁 𐨕𐨁 𐨐𐨂 𐨒𐨂 𐨒𐨂 𐨗𐨂 𐨡𐨂 𐨡𐨂 𐨤𐨂 𐨨𐨆 𐨤𐨿𐨪 𐨪𐨿𐨨 𐨪𐨿𐨬 𐨟𐨿𐨪 𐨩𐨿𐨪 𐨯𐨿𐨤 𐨚𐨿𐨥𐨁.
𐨨𐨱𐨪𐨗𐨯 𐨟𐨿𐨪𐨟𐨪𐨯 𐨡𐨁𐨩𐨨𐨁𐨡𐨯 . 𐨨𐨱𐨪𐨗𐨯 𐨟𐨿𐨪𐨟𐨪𐨯 𐨨𐨅𐨣𐨎𐨡𐨿𐨪𐨯
𐨟𐨿𐨪
like ठ or ष with ट?
Wait, could it be ठे?
Wait, what about शे शे?
The next two are: शे शे (or गे शे? Wait, look at the first: ग्रे? No, the second is शे, third is शे? Wait, look at the first: ग्रे?
Wait! Look at the glyphs:
Glyph 1: Kharoshthi tre or kṣe?
Glyph 2: Kharoshthi se?
Glyph 3: Kharoshthi śe?
Wait, look at the Devanagari labels:
Label 4 in Row 4: It's [?]
Wait, let's zoom in on Row 4 labels:
1: यु
2: मु
3: यु
4: [?] -> it has an e-matra: े. Consonant: looks like ष्ठ or ष्ट or ठ or ङ? Wait, look at the letter: ष्ठे?
5: [?] -> it has an e-matra: े. Consonant: ग with a slant? ग्रे! Look at the foot: it has a diagonal stroke to the left: ग्रे!
6
Plate LXVIII. लिपिपत्र ६८वां.
पार्थियनवंशी राजा गोंडोफर और कुशनवंशी राजा कनिष्क के समय के लेखों से.
(ई. स. की पहली शताब्दी).
पार्थियनवंशी राजा गोंडोफर के समय के तख्तिवाही के लेख से.
ए ए ख न फ व म म य य र व श ष स ह दि मि गु दु पु मे बो.
𐨀𐨅 𐨀𐨅 𐨑 𐨣 𐨥 𐨬 𐨨 𐨨 𐨩 𐨩 𐨪 𐨬 𐨭 𐨮 𐨯 𐨱 𐨡𐨁 𐨨𐨁 𐨒𐨂 𐨡𐨂 𐨤𐨂 𐨨𐨅 𐨦𐨆 .
कुशनवंशी राजा कनिष्क के समय के सुएविहार के ताम्रलेख से.
अ अ इ इ उ उ. ए क क ख ख ग च ज ट ठ त त द द द न प
𐨀 𐨀 𐨀𐨁 𐨀𐨁 𐨀𐨂 𐨀𐨂 𐨀𐨅 𐨐 𐨐 𐨑 𐨑 𐨒 𐨕 𐨗 𐨚 𐨛 𐨟 𐨟 𐨡 𐨡 𐨡 𐨣 𐨤
प ब भ भ म म य य य य र र ल व व स स स ह ह ह
𐨤 𐨦 𐨧 𐨧 𐨨 𐨨 𐨩 𐨩 𐨩 𐨩 𐨪 𐨪 𐨫 𐨬 𐨬 𐨯 𐨯 𐨯 𐨱 𐨱 𐨱
टि ठि णि ति दि दि नि नि बि भि मि ग्रि सि हि कु कु टु तु नु पु सु दे
𐨚𐨁 𐨛𐨁 𐨞𐨁 𐨟𐨁 𐨡𐨁 𐨡𐨁 𐨣𐨁 𐨣𐨁 𐨦𐨁 𐨧𐨁 𐨨𐨁 𐨒𐨿𐨪𐨁 𐨯𐨁 𐨱𐨁 𐨐𐨂 𐨐𐨂 𐨚𐨂 𐨟𐨂 𐨣𐨂 𐨤𐨂 𐨯𐨂 𐨡𐨅
ने रे श्रो से सो रो ठिं तिं नं नं मं रं सं च ल त्स प्र र्य र्व ष्क व्य स्य स्व .
𐨣𐨅 𐨪𐨅 𐨭𐨿𐨪𐨆 𐨯𐨅 𐨯𐨆 𐨪𐨆 𐨛𐨁𐨎 𐨟𐨁𐨎 𐨣𐨎 𐨣𐨎 𐨨𐨎 𐨪𐨎 𐨯𐨎 𐨕 𐨫 𐨟𐨿𐨯 𐨤𐨿𐨪 𐨪𐨿𐨩 𐨪𐨿𐨬 𐨮𐨿𐨐 𐨬𐨿𐨩 𐨯𐨿𐨩 𐨯𐨿𐨬 .
तक्षशिला के स्तूप से निकले हुए पात्र के लेख से. झेड़ा के लेख से.
अ च द ज व स सु दे प र्य र्व स्ति . ख घ ज ड ण फ ष मं .
𐨀 𐨕 𐨡 𐨗 𐨬 𐨯 𐨯𐨂 𐨡𐨅 𐨤 𐨪𐨿𐨩 𐨪𐨿𐨬 𐨯𐨿𐨟𐨁 . 𐨑 𐨓 𐨗 𐨜 𐨞 𐨥 𐨮 𐨨𐨎 .
[खरोष्ठी लेख पंक्तियाँ / Kharosthi Inscription Lines]
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri
Plate LXIX. लिपिपत्र ६६वां.
वर्डक (अफ़ग़ानिस्तान में), आरा, पाजा ओर कल्डरा के लेखों से.
(ई. स. की दूसरो शताब्दो).
वर्डक् से मिले हुए पीतल के पात्रपर खुदे हुए कुशनवंशी राजा हुविष्क के समय के लेख से.
अ़ इ इ़ इ़ ए ए क ख ग ग च ज ज ज ज ड ण/न त द ध न/ण प भ
[खरोष्ठी वर्णमाला पंक्ति १]
भ म य य र र ल व व व श श ष स स ह ह घि कि डि ति मि
[खरोष्ठी वर्णमाला पंक्ति २]
रि हि कु गु दु/द्यु त पु मु मु यु रु णे/ने मे रे ले वे जो यो शो यं रं शं
[खरोष्ठी वर्णमाला पंक्ति ३]
सं सं क्य ग्य य्य/य्य चि प्य भ्र म्पि/श्चि म्पि/श्चि र्ट र्य र्व र्वि ल्य ष्ण्/ष्णा ष्क ष्टु स्ते स्थ ल .
[खरोष्ठी वर्णमाला पंक्ति ४]
कुशनवंशी राजा वाझेष्क के पुत्र कनिष्क के समय के आरा के लेख से.
ए क ख च ण र ल व ष . स नि नु कु पु झे दे च त्स र्थ र्य र्व ष्क ष .
[खरोष्ठी वर्णमाला पंक्ति ५]
पाजा के लेख से. कल्डरा के लेख से.
घ च द म श सं चे त्स अ . इ त थ र ष वि पु दो व अ .
[खरोष्ठी वर्णमाला पंक्ति ६]
[खरोष्ठी अभिलेख अनुलेख - पंक्ति १]
[खरोष्ठी अभिलेख अनुलेख - पंक्ति २]
[खरोष्ठी अभिलेख अनुलेख - पंक्ति ३]
[खरोष्ठी अभिलेख अनुलेख - पंक्ति ४]
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri
Plate LXX. लिपिपत्र ७० वां.
तक्षशिला, फ़तहजंग, कनिहारा, पथियार और चारसडा के लेखों से.
(ई. स. की दूसरी शताब्दी).
तक्षशिला से मिले हुए रौप्यपत्र के लेख से.
अ, अ इ उ ए ए ओ ग ग च च क ज झ ठ ड त त त द ध न
[खरोष्ठी अक्षर-पंक्ति १]
न न प ब भ म य र र व श ष स स ह ह कि ति ति
[खरोष्ठी अक्षर-पंक्ति २]
दि हि नि पि मि लि वि शि खु तु नु पु बु के दे मे से गो तो
[खरोष्ठी अक्षर-पंक्ति ३]
नो बो रो लो त्म त्र त्र त्र त्व प्र प्रि र्व स्त.
[खरोष्ठी अक्षर-पंक्ति ४]
फ़तहजंग के लेख से. | कनिहारा के लेख से. | पथियार के लेख से.
ठ ड त न य मु शे खो प्रो. | य श स पु क्रि. | क त र स णि पु.
[खरोष्ठी अक्षर] | [खरोष्ठी अक्षर] | [खरोष्ठी अक्षर]
चारसडा से मिले हुए ३ लेखों से.
अ घ च त द न म य व स दि बु मु मु रु खे धो सं सं.
[खरोष्ठी अक्षर-पंक्ति]
[खरोष्ठी अभिलेख - पंक्ति १]
[खरोष्ठी अभिलेख - पंक्ति २]
[खरोष्ठी अभिलेख - पंक्ति ३]
[खरोष्ठी अभिलेख - पंक्ति ४]
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Plate LXXI. लिपिपत्र ७१वां.
ब्राह्मी और उससे निकली हुई लिपियों के प्राचीन शैली के अंक.
(१ से ९ तक).
तालिका १ (ऊपरी भाग)
| अंक | अशोक के लेखों से. ई० स० पूर्व की तीसरी शताब्दी. | नानाघाट के लेख से. ई० स० पूर्व की दूसरी शताब्दी. | कुशनवंशियों के समय के मथुरा आदि के लेखों से. ई० स० की पहिली व दूसरी शताब्दी. | क्षत्रप और आंध्रवंशियों के समय के नासिक आदि की गुफ़ाओं के लेखों से. ई० स० की दूसरी शताब्दी. | क्षत्रपों के सिक्कों से. ई० स० की दूसरी से चौथी शताब्दी. | जग्गय्यपेट के लेखों, पल्लव शिवस्कन्दवर्मन् तथा राजा जयवर्मन् के ३ दानपत्रों से. ई० स० की चौथी शताब्दी. |
|---|---|---|---|---|---|---|
| १ | — | — | — — | — — | — — | — — ⁓ ⁓ ⁓ |
| २ | = | = | = | = = | = | = = ⁓ ⁓ ⁓ |
| ३ | ≡ | ≡ | ≡ ≡ | ≡ | ≡ | ⁓⁓⁓ ⁓⁓⁓ ⁓⁓⁓ |
| ४ | + | Ұ Ұ | ५ ५ | Ұ Ұ Ұ Ұ | Ұ Ұ Ұ ४ ४ | ४ ४ ४ ४ ४ |
| ५ | 𑀪 𑀪 𑀪 𑀪 | 𑀪 𑀪 𑀪 | 𑀪 𑀪 𑀪 𑀪 | 𑀪 𑀪 𑀪 𑀪 | ||
| ६ | 𑀘 𑀘 | ५ | 𑀘 𑀘 𑀘 𑀘 | ५ | ५ | 𑀘 𑀘 𑀘 𑀘 𑀘 |
| ७ | 𑀕 | 𑀕 𑀕 𑀕 | 𑀕 𑀕 | 𑀕 𑀕 | 𑀕 𑀕 𑀕 | |
| ८ | 𑀬 𑀬 𑀬 𑀬 𑀬 | 𑀬 | 𑀬 𑀬 𑀬 𑀬 | 𑀬 𑀬 𑀬 𑀬 𑀬 | ||
| ९ | 𑀒 | 𑀒 | ३ | ३ ३ ३ |
तालिका २ (निचला भाग)
| अंक | गुप्तों तथा उनके समकालीन परिव्राजक और उच्चकल्प के महाराजाओं आदि के लेख व दानपत्रों से. ई० स० की चौथी से छठीं शताब्दी. | वाकाटकों के दान-पत्रों से. ई० स० की पांचवीं शताब्दी. | पल्लव और शालंकायनवंशी राजाओं के दानपत्रों से. ई० स० की पांचवीं और छठीं शताब्दी. | वलभी के राजाओं के दानपत्रों से. ई० स० की छठीं से आठवीं शताब्दी तक. | नैपाल के लेखों से. ई० स० की ७वीं से ९वीं शताब्दी. |
|---|---|---|---|---|---|
| १ | — ⁓ | 𑀦 𑀦 𑀦 𑀦 | — ⁓ | — | |
| २ | = = ⁓ ⁓ | = = = = | = = ⁓ ⁓ ⁓ | = = | |
| ३ | ≡ ≡ ≡ ≡ | ≡ ≡ ≡ | ≡ ≡ ≡ | ≡ ३ ३ | |
| ४ | ४ ४ ४ ४ | ४ ४ ४ ४ ४ | ४ | ||
| ५ | 𑀪 𑀪 𑀪 𑀪 | 𑀪 | 𑀪 𑀪 | 𑀪 𑀪 𑀪 𑀪 | ४ ५ ४ ५ |
| ६ | ५ | 𑀘 | ५ ५ | ७ ७ | |
| ७ | 𑀕 𑀕 | 𑀕 𑀕 | 𑀕 | ||
| ८ | 𑀬 𑀬 𑀬 𑀬 𑀬 | 𑀬 | 𑀬 𑀬 | ||
| ९ | ३ ३ ३ | ७ | ३ ३ | ||
| CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri |
Plate LXXII. लिपिपत्र ७२वां.
ब्राह्मी और उससे निकली हुई लिपियों के प्राचीनशैली के अंक.
(१ से ९, और १० से ९० तक).
[ऊपरी सारणी: १ से ९ तक]
| अंक | कलिंग के गंगवंशीयों के दानपत्रों से. ई० स० की ७वीं (?) और ८वीं (?) शताब्दी. | प्रतिहारों के लेख व दानपत्रों से. ई० स० की ९वीं और १०वीं शताब्दी. | भिन्न भिन्न लेख व दानपत्रों से. ई० स० की ५वीं से ८वीं शताब्दी तक | हस्तलिखित पुस्तकों से: बावर साहिब के प्राप्त किये हुए प्राचीन पुस्तकों से. ई० स० की छठी शताब्दी. | हस्तलिखित पुस्तकों से: नैपाल से मिले हुए बौद्ध पुस्तकों से. | हस्तलिखित पुस्तकों से: जैन पुस्तकों से. |
|---|---|---|---|---|---|---|
| १ | — | 𑁒 𑁒 𑁒 | 𑁒 𑁒 | |||
| २ | 𑁓 𑁓 | 𑁓 | = 𑁓 𑁓 २ | २ २ २ १२ | २ | |
| ३ | 𑁔 | ३ ३ | ≡ 𑁔 𑁔 ३ | ३ ३ ३ १३ | ३ | |
| ४ | ४ | ४ ५ ५ ४ ४ | 𑁕 ५ ५ ५ ४ | क॑ ई॑ 𑁕 | ||
| ५ | 𑁖 𑁖 | 𑁖 | ६ | 𑁖 | ६ 𑁖 𑁖 𑁖 ६ | थ॑ ट॑ त्र॑ |
| ६ | 𑁗 | ६ | ५ ५ | ५ ९ २ ६ ५ | र्ष॑ 𑁗 | |
| ७ | 𑁘 | ७ | 𑁘 ७ ले गु 𑁘 | र्था॑ 𑁘 𑁘 | ||
| ८ | ५ ९ ५ | 𑁙 | ९ | ७ | 𑁙 ड 𑁙 द्व्र | र्फा॑ द्ध्र |
| ९ | ३ ३ ३ | 𑁚 ७ | २ ? | ३ 𑁚 𑁚 𑁚 | 𑁚 𑁚 |
[निचली सारणी: १० से ९० तक]
| अंक | अशोक के लेखों से. ई. स. पूर्व की तीसरी शताब्दी | नानाघाट के लेख से. ई० स० पूर्व की दूसरी शताब्दी. | कुशनवंशियों के समय के मथुरा आदि के लेखों से. ई० स० की पहिली व दूसरी शताब्दी. | छत्रपों और आंध्र वंशियों के समय के नासिक आदि की गुफाओं के लेखों से. ई० स० की दूसरी शताब्दी. | छत्रपों के सिक्कों से. ई० स० की दूसरी से चौथी शताब्दी. | जग्गयपेट के लेखों तथा पल्लव शिवस्कन्दवर्मन् आदि के दानपत्रों से. ई० स० की चौथी शताब्दी. |
|---|---|---|---|---|---|---|
| १० | 𑁛 𑁛 𑁛 | 𑁛 𑁛 𑁛 𑁛 𑁛 | 𑁛 𑁛 | 𑁛 𑁛 𑁛 K | 𑁛 𑁛 | |
| २० | ९ ६ 𑁜 𑁜 | 𑁜 𑁜 | 𑁜 𑁜 | |||
| ३० | 𑁝 | θ θ θ | 𑁝 | θ 𑁝 | 𑁝 | |
| ४० | 𑁞 𑁞 𑁞 | N V d | ||||
| ५० | ५ ५ ५ X X | ५ | H H ४ | |||
| ६० | 𑁠 𑁠 | 𑁠 𑁠 𑁠 | J | |||
| ७० | V Y Y | 𑁡 | ||||
| ८० | X 𑁢 | 十 | X X X X | |||
| ९० | 𑁣 | 𑁣 𑁣 𑁣 | 𑁣 𑁣 𑁣 𑁣 𑁣 | |||
| ⊕ ⊕ | ⊕ ⊕ |
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri
Plate LXXIII.
लिपिपत्र ७३वां.
ब्राह्मी और उससे निकली हुई लिपियों के प्राचीन शैली के अंक.
(१० से ९० तक).
| गुप्तों और उनके समकालीन परिव्राजक आदि महाराजाओं के लेखादि से. ई० स० की चौथी से छठीं शताब्दी. | वाकाटकों के दानपत्रों से. ई. स. की ५ वीं शताब्दी. | वलभी के राजाओं के दान-पत्रों से. ई० स० की ६ठीं से ८वीं शताब्दी. | शांखकायन वंशियों के दानपत्र से. ई० स० की ६ वीं शताब्दी (?) | नैपाल के लेखों से. ई. स. की ७ वीं से ९वीं शताब्दी. | कलिंग के गंगा-वंशियों के दान-पत्रों से. ई० स० की ७ वीं (?) से ८वीं (?) शताब्दी. | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| १० | 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 | 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 |
| १० | 𑁦 | |||||
| २० | 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 | 𑁦 | 𑁦 | |
| ३० | 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 | |||
| ४० | 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 | 𑁦 | |||
| ५० | 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 | ||||
| ६० | 𑁦 𑁦 | 𑁦 | ||||
| ७० | 𑁦 | 𑁦 𑁦 | ||||
| ८० | 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 | 𑁦 | 𑁦 | ||
| ९० | 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 |
| हस्तलिखित पुस्तकों से. | |||||
|---|---|---|---|---|---|
| प्रतिहारों के दानपत्रों से. ई० स० की ९वीं और १०वीं शताब्दी. | भिन्न भिन्न लेख व दानपत्रों से. ई० स० की ५वीं से ८वीं शताब्दी. | बावर साहब के पुस्तकों से. ई. स. की ६ठीं शताब्दी. | नैपाल से मिले हुए बौद्ध पुस्तकों से. | जैन पुस्तकों से. | |
| १० | 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 |
| २० | 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 | 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 𑁦 | |
| ३० | 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 | ||
| ४० | 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 𑁦 | ||
| ५० | 𑁦 | 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 | |
| ६० | 𑁦 | 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 | ||
| ७० | 𑁦 | 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 | ||
| ८० | 𑁦 | 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 | |
| ९० | 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 𑁦 | 𑁦 𑁦 |
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitzed by eGangotri
Plate LXXIV. लिपिपत्र ७४ वां.
ब्राह्मी और उससे निकली हुई लिपियों के प्राचीन शैली के अंक.
(१०० से ९०० तक).
| अशोक के लेखों से. ई० स० पूर्व की ३ री शताब्दी. | नानाघाट के लेख से. ई० स० पूर्व की दूसरी शताब्दी. | नासिक के लेखों से. ई० स० की १ ली व २ री शताब्दी. | क्षत्रपों के सिक्कों से. ई० स० की दूसरी से चौथी शताब्दी. | गुप्तों तथा उनके समकालीन राजाओं के लेखादि से. ई० स० की चौथी से छठीं शताब्दी. | वलभी के राजाओं के दानपत्रों से. ई० स० की छठी से आठवीं शताब्दी. | |
|---|---|---|---|---|---|---|
| १०० | [glyph] | [glyph] | [glyphs] | [glyphs] | ||
| १०० | [glyphs] | [glyphs] | ||||
| २०० | [glyphs] | [glyph] | [glyph] | [glyphs] | [glyphs] | [glyphs] |
| २०० | [glyphs] | [glyphs] | ||||
| ३०० | [glyph] | [glyphs] | ||||
| ४०० | [glyph] | [glyph] | [glyphs] | |||
| ५०० | [glyph] | |||||
| ७०० | [glyph] | |||||
| नैपाल के लेखों से. ई० स० की ८ वीं व ९ वीं शताब्दी. | कलिंग के गंगवंशीयों के दानपत्र से. ई. स. की ७ वीं (?) से ८ वीं (?) शताब्दी. | प्रतिहारों के दानपत्रों से. ई० स० की ९ वीं और १० वीं शताब्दी. | भिन्न भिन्न लेखादि से. ई० स० की ५ वीं से ८ वीं शताब्दी. | हस्तलिखित पुस्तकों से : बौद्ध पुस्तकों से. | हस्तलिखित पुस्तकों से : जैन पुस्तकों से. | |
| :--- | :--- | :--- | :--- | :--- | :--- | :--- |
| १०० | [glyph] | [glyphs] | [glyphs] | [glyphs] | ||
| २०० | [glyphs] | [glyphs] | [glyphs] | |||
| ३०० | [glyphs] | [glyph] | [glyphs] | |||
| ४०० | [glyphs] | [glyph] | [glyph] | |||
| ५०० | [glyph] | |||||
| ६०० | [glyph] | |||||
| ७०० | [glyph] | |||||
| ८०० | [glyphs] | |||||
| ९०० | [glyphs] | |||||
| CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri |
Plate LXXV., लिपिपत्र ७५वां.
ब्राह्मी और उससे निकली हुई लिपियों के प्राचीन और नवीन शैली के अंक.
प्राचीन शैली के अंक (१००० से ७०००० तक, और मिश्र अंक).
नानाघाट के लेख से. ई. स. पू. की दूसरी शताब्दी. | नासिक के लेखों से. ई. स. की १ली व २री शताब्दी. | वाकाटकों के दानपत्र से. ई. स. की ५वीं शताब्दी. | मिश्र अंक. भिन्न भिन्न शिलालेख और दानपत्रों से.
१०००
२०००
३०००
४०००
६०००
८०००
१००००
२००००
७००००
१५ | १२६ | १००१
२८ | २८६ | १००२
३३ | ३०१ | ११०१
४५ | ४२८ | १७००
५२ | ५३८ | ६००१
६२ | ६७६ | १०००१
७६ | ७०३ | १२/१२०००
८१ | ८१३ | २४४००
९३ | ९५५ |
ब्राह्मी से निकली हुई लिपियों के नवीन शैली के अंक (१ से ९ तक और ०).
गुर्जर दानपत्र सं. ई. स. ५८४. | राष्ट्रकूट दंतिदुर्ग के दानपत्र से. ई. स. ७५३. | राष्ट्रकूट शंकरगण के दानपत्र से. ई. स. ७९२. | प्रतिहार नागभट के लेख से. ई. स. ८१५. | प्रतिहार बाउक के जोधपुर के लेख से. ई. स. ८३७. | राष्ट्रकूट दंतिवर्मा के दानपत्र से. ई. स. ८६०. | प्रतिहार भोजदेव के लेख से. ई. स. ८७० के आसपास. | प्रतिहार भोजदेव के लेख से. ई. स. ८९६. | प्रतिहार महीपाल के लेख सं. ई. स. ९१७. | पुष्कर के लेख से. ई. स. ९२५.
१
२
३
४
५
६
७
८
९
०
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri
Plate LXXVI. लिपिपत्र ७६वां.
ब्राह्मी से निकली हुई लिपियों के तथा खरोष्ठी लिपि के अंक.
ब्राह्मी से निकली हुई लिपियों के नवीन शैली के अंक (१ से ९ तक और ०).
[सारणी १: चौलुक्य मूलराज के दानपत्र से. ई० ९८७. | शिलारा अपराजित के दानपत्र से. ई० ९९७. | परमार भोज के कूर्म-शतक सं. ई० की ११वीं शताब्दी. | कलचुरि कर्ण के दानपत्र से. ई. स. १०४२. | चौलुक्य त्रिलोचनपाल के दानपत्र से. ई. स. १०५०. | कलचुरि जाजल्लदेव के लेख से. ई. स. १११४. | अजमेर के लेख से. ई० ११९० के आसपास. | हस्तलिखित पुस्तकों से: बख्शाली की पुस्तक से. | बौद्ध पुस्तकों से. | बौद्ध पुस्तकों से.]
१ — [अंक १ के विविध रूप]
२ — [अंक २ के विविध रूप]
३ — [अंक ३ के विविध रूप]
४ — [अंक ४ के विविध रूप]
५ — [अंक ५ के विविध रूप]
६ — [अंक ६ के विविध रूप]
७ — [अंक ७ के विविध रूप]
८ — [अंक ८ के विविध रूप]
९ — [अंक ९ के विविध रूप]
० — [शून्य के विविध रूप]
ब्राह्मी से निकली हुई लिपियों के अंक. | खरोष्ठी लिपि के अंक.
[सारणी २: शारदा लिपि के लेखों से. ई० स० की ११वीं और १२वीं शताब्दी. | बंगला लिपि के लेख व दानपत्रों से. ई० स० की ११वीं से १४वीं शताब्दी. | तेलगु-कनडी लेखों से: ई. की ११वीं से १४वीं शताब्दी. / ई. स. की १५वीं शताब्दी. | शक, पार्थियन और कुशन वंशियों के समय के भिन्न भिन्न लेखों से. | खरोष्ठी लिपि के अंक]
१ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] ४० | [खरोष्ठी रूप] १
२ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] ५० | [खरोष्ठी रूप] २
३ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] ६० | [खरोष्ठी रूप] ३
४ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] ७० | [खरोष्ठी रूप] ४
५ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] ८० | [खरोष्ठी रूप] ५
६ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] १०० | [खरोष्ठी रूप] ६
७ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] २०० | [खरोष्ठी रूप] ७
८ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] ३०० | [खरोष्ठी रूप] ८
९ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] १२२ | [खरोष्ठी रूप] १०
० | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] २७४ | [खरोष्ठी रूप] २०
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Plate LXXVII. लिपिपत्र ७७वां.
वर्तमान शारदा (कश्मीरी), टाकरी और गुरमुखी (पंजाबी) लिपियां.
शारदा (कश्मीरी) लिपि.
अ आ इ ई उ ऊ ऋ ॠ ऌ ए ऐ ओ औ अं अः क ख ग
𑆃 𑆄 𑆅 𑆆 𑆇 𑆈 𑆉 𑆊 𑆋 𑆍 𑆎 𑆏 𑆐 𑆃𑆁 𑆃𑆂 𑆑 𑆒 𑆓
घ ङ च छ ज झ ञ ट ठ ड ढ ण त थ द ध न प
𑆔 𑆕 𑆖 𑆗 𑆘 𑆙 𑆚 𑆛 𑆜 𑆝 𑆞 𑆟 𑆠 𑆡 𑆢 𑆣 𑆤 𑆥
फ ब भ म य र ल व श ष स ह का कि की कु कू
𑆦 𑆧 𑆨 𑆩 𑆪 𑆫 𑆬 𑆮 𑆯 𑆰 𑆱 𑆲 𑆑𑆳 𑆑𑆴 𑆑𑆵 𑆑𑆶 𑆑𑆷
के कै को कौ कं कः १ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९ ०
𑆑𑆼 𑆑𑆽 𑆑𑆾 𑆑𑆿 𑆑𑆁 𑆑𑆂 𑇑 𑇒 𑇓 𑇔 𑇕 𑇖 𑇗 𑇘 𑇙 𑇐
टाकरी लिपि.
अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ अं क ख ग घ ङ च
𑚀 𑚁 𑚂 𑚃 𑚄 𑚅 𑚆 𑚇 𑚈 𑚉 𑚀𑚫 𑚋 𑚌 𑚍 𑚎 𑚏 𑚐
छ ज झ ञ ट ठ ड ढ ण त थ द ध न प फ ब भ
𑚑 𑚒 𑚓 𑚔 𑚕 𑚖 𑚗 𑚘 𑚙 𑚚 𑚛 𑚜 𑚝 𑚞 𑚟 𑚠 𑚡 𑚢
म य र ल व श ष स ह का कि की कु कू के कै
𑚣 𑚤 𑚥 𑚦 𑚧 𑚨 𑚩 𑚪 𑚫 𑚋𑚬 𑚋𑚭 𑚋𑚮 𑚋𑚯 𑚋𑚰 𑚋𑚱 𑚋𑚲
को कौ कं १ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९ ०
𑚋𑚳 𑚋𑚴 𑚋𑚫 𑛁 𑛂 𑛃 𑛄 𑛅 𑛆 𑛇 𑛈 𑛉 𑛀
गुरमुखी (पंजाबी) लिपि.
अ आ इ ई उ ऊ ऋ ए ऐ ओ औ अं अः क ख ग घ
ਅ ਆ ਇ ਈ ਉ ਊ ੲ ਏ ਐ ਓ ਔ ਅੰ ਆਂ ਕ ਖ ਗ ਘ
ङ च छ ज झ ञ ट ठ ड ढ ण त थ द ध न प
ਙ ਚ ਛ ਜ ਝ ਞ ਟ ਠ ਡ ਢ ਣ ਤ ਥ ਦ ਧ ਨ ਪ
फ ब भ म य र ल व श ष स ह ख़ ग़ ज़ फ़ का
ਫ ਬ ਭ ਮ ਯ ਰ ਲ ਵ ਸ਼ ਖ਼ ਸ ਹ ਖ਼ ਗ਼ ਜ਼ ਫ਼ ਕਾ
कि की कु कू के कै को कौ कं कः १ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९ ०
ਕਿ ਕੀ ਕੁ ਕੂ ਕੇ ਕੈ ਕੋ ਕੌ ਕੰ ਕਂ ੧ ੨ ੩ ੪ ੫ ੬ ੭ ੮ ੯ ੦
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri
Plate LXXVIII. लिपिपत्र ७८वां.
वर्तमान कैथी, बंगला और मैथिल लिपियां.
कैथी लिपि.
अ आ इ ई उ ऊ ए ऐ ओ औ अं अः क ख ग घ च छ
𑂃 𑂄 𑂅 𑂆 𑂇 𑂈 𑂉 𑂊 𑂋 𑂌 𑂃𑂁 𑂃𑂂 क ख ग घ च छ
ज झ ट ठ ड ढ ण त थ द ध न प फ फ व भ म य
ज झ ट ठ ड ढ ण त थ द ध न प फ फ व भ म य
र ल व श ष स ह का कि की कु कू के कै को कौ
र ल व श ष स ह का कि की कु कू के कै को कौ
१ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९ ०
१ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९ ०
बंगला लिपि.
अ आ इ ई उ ऊ ऋ ऌ ए ऐ ओ औ अं अः क ख ग घ
অ আ ই ঈ উ ঊ ঋ ঌ এ ঐ ও ঔ অং অঃ ক খ গ ঘ
ङ च छ ज झ ञ ट ठ ड ढ ण त थ द ध न प फ
ঙ চ ছ জ ঝ ঞ ট ঠ ড ঢ ণ ত থ দ ধ ন প ফ
ब भ म य र ल व श ष स ह का कि की कु कू के
ব ভ ম য র ল ব শ ষ স হ কা কি কী কু কূ কে
कै को कौ कं कः १ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९ ० य
কৈ কো কৌ কং কঃ ১ ২ ৩ ৪ ৫ ৬ ৭ ৮ ৯ ০ য়
मैथिल लिपि.
अ अ अ आ आ इ ई उ ऊ ऋ ॠ ऌ ॡ ए ऐ ओ औ अं अः
𑒁 𑒁 𑒁 𑒂 𑒂 𑒃 𑒄 𑒅 𑒆 𑒇 𑒈 𑒉 𑒊 𑒋 𑒌 𑒍 𑒎 𑒁𑓀 𑒁𑓁
क ख ग घ ङ च छ ज झ ञ ट ठ ड ढ ण ण त थ द
𑒏 𑒐 𑒑 𑒒 𑒓 𑒔 𑒕 𑒖 𑒗 𑒘 𑒙 𑒚 𑒛 𑒜 𑒝 𑒝 𑒞 𑒟 𑒠
ध न प फ ब भ म य र ल व श श ष स ह का कि
𑒡 𑒢 𑒣 𑒤 𑒥 𑒦 𑒧 𑒨 𑒩 𑒪 𑒫 𑒬 𑒬 𑒭 𑒮 𑒯 𑒏𑒰 𑒏𑒱
की कु कू के कै को कौ १ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९
𑒏𑒲 𑒏𑒳 𑒏𑒴 𑒏𑒹 𑒏𑒺 𑒏𑒻 𑒏𑒼 𑒏𑒾 𑓑 𑓒 𑓓 𑓔 𑓕 𑓖 𑓗 𑓘 𑓙
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Plate LXXIX. लिपिपत्र ७६वां.
वर्तमान उड़िया, गुजराती और मोडी (मराठी) लिपियां.
उड़िया लिपि.
अ आ इ ई उ ऊ ऋ ॠ ऌ ॡ ए ऐ ओ औ क ख ग घ
ଅ ଆ ଇ ଈ ଉ ଊ ଋ ୠ ଌ ୡ ଏ ଐ ଓ ଔ କ ଖ ଗ ଘ
ङ च छ ज झ ञ ट ठ ड ढ ण त थ द ध न प फ ब
ଙ ଚ ଛ ଜ ଝ ଞ ଟ ଠ ଡ ଢ ଣ ତ ଥ ଦ ଧ ନ ପ ଫ ବ
भ म य र ल व श ष स ह का कि की कु कू के कै
ଭ ମ ଯ ର ଲ ବ ଶ ଷ ସ ହ କା କି କୀ କୁ କୂ କେ କୈ
को कौ १ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९ .
କୋ କୌ ୧ ୨ ୩ ୪ ୫ ୬ ୭ ୮ ୯ .
गुजराती लिपि.
अ आ इ ई उ ऊ ऋ ॠ ऌ ए ऐ ओ औ अं अः क ख ग
અ આ ઇ ઈ ઉ ઊ ઋ ૠ ઌ એ ઐ ઓ ઔ અં અઃ ક ખ ગ
घ ङ च छ ज झ ञ ट ठ ड ढ ण त थ द ध न प फ ब
ઘ ઙ ચ છ જ ઝ ઞ ટ ઠ ડ ઢ ણ ત થ દ ધ ન પ ફ બ
भ म य र ल व श ष स ह ळ का कि की कु कू के कै
ભ મ ય ર લ વ શ ષ સ હ ળ કા કિ કી કુ કૂ કે કૈ
को कौ कं कः १ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९ .
કો કૌ કં કઃ ૧ ૨ ૩ ૪ ૫ ૬ ૭ ૮ ૯ .
मोडी (मराठी) लिपि.
अ आ इ ई उ ऊ ऋ ॠ ऌ ॡ ए ऐ ओ औ अं अः क ख
𑘀 𑘁 𑘂 𑘃 𑘄 𑘅 𑘆 𑘇 𑘈 𑘉 𑘊 𑘋 𑘌 𑘍 𑘀𑘽 𑘀𑘾 𑘎 𑘏
ग घ ङ च छ ज झ ञ ट ठ ड ढ ण त थ द ध न प
𑘐 𑘑 𑘒 𑘓 𑘔 𑘕 𑘖 𑘗 𑘘 𑘙 𑘚 𑘛 𑘜 𑘝 𑘞 𑘟 𑘠 𑘡 𑘢
फ ब भ म य र ल व श ष स ह ळ ऴ का कि की कु
𑘣 𑘤 𑘥 𑘦 𑘧 𑘨 𑘩 𑘪 𑘫 𑘬 𑘭 𑘮 𑘯 𑘯𑘳 𑘎𑘰 𑘎𑘱 𑘎𑘲 𑘎𑘳
कू के कै को कौ कं कः १ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९ .
𑘎𑘴 𑘎𑘹 𑘎𑘺 𑘎𑘻 𑘎𑘼 𑘎𑘽 𑘎𑘾 𑙑 𑙒 𑙓 𑙔 𑙕 𑙖 𑙗 𑙘 𑙙 .
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitzed by eGangotri
Plate LXXX. $\qquad\qquad$ लिपिपत्र ८० वां.
वर्तमान तेलुगु, कन्नड़ी और ग्रन्थ लिपियां.
तेलुगु लिपि.
अ $;,$ आ $;,$ इ $;,$ ई $;,$ उ $;,$ ऊ $;,$ ऋ $;,$ ॠ $;,$ ऌ $;,$ ॡ $;,$ ऎ $;,$ ए $;,$ ऐ $;,$ ऒ $;,$ ओ $;,$ औ $;,$ क $;,$ ख
అ ఆ ఇ ఈ ఉ ఊ ఋ ౠ ఌ ౡ ఎ ఏ ఐ ఒ ఓ ఔ క ఖ
ग $;,$ घ $;,$ ङ $;,$ च $;,$ छ $;,$ ज $;,$ झ $;,$ ञ $;,$ ट $;,$ ठ $;,$ ड $;,$ ढ $;,$ ण $;,$ त $;,$ थ $;,$ द $;,$ ध $;,$ न $;,$ प
గ ఘ ఙ చ ఛ జ ఝ ఞ ట ఠ డ ఢ ణ త థ ద ధ న ప
फ $;,$ ब $;,$ भ $;,$ म $;,$ य $;,$ र $;,$ ऱ $;,$ ल $;,$ ळ $;,$ व $;,$ श $;,$ ष $;,$ स $;,$ ह $;,$ का $;,$ कि $;,$ की $;,$ कु $;,$ कू
ఫ బ భ మ య ర ఱ ల ళ వ శ ష స హ కా కి కీ కు కూ
कॆ $;,$ के $;,$ कै $;,$ कॊ $;,$ को $;,$ कौ $;,$ १ $;,$ २ $;,$ ३ $;,$ ४ $;,$ ५ $;,$ ६ $;,$ ७ $;,$ ८ $;,$ ९ $;,$ ०
కె కే కై కొ కో కౌ ౧ ౨ ౩ ౪ ౫ ౬ ౭ ౮ ౯ ౦ .
कन्नड़ी लिपि.
अ $;,$ आ $;,$ इ $;,$ ई $;,$ उ $;,$ ऊ $;,$ ऋ $;,$ ॠ $;,$ ऎ $;,$ ए $;,$ ऒ $;,$ ओ $;,$ ऐ $;,$ औ $;,$ क $;,$ ख $;,$ ग
ಅ ಆ ಇ ಈ ಉ ಊ ಋ ೠ ಎ ಏ ಒ ಓ ಐ ಔ ಕ ಖ ಗ
घ $;,$ ङ $;,$ च $;,$ छ $;,$ ज $;,$ झ $;,$ ञ $;,$ ट $;,$ ठ $;,$ ड $;,$ ढ $;,$ ण $;,$ त $;,$ थ $;,$ द $;,$ ध $;,$ न $;,$ प
ಘ ಙ ಚ ಛ ಜ ಝ ಞ ಟ ಠ ಡ ಢ ಣ ತ ಥ ದ ಧ ನ ಪ
फ $;,$ ब $;,$ भ $;,$ म $;,$ य $;,$ र $;,$ ल $;,$ व $;,$ श $;,$ ष $;,$ स $;,$ ह $;,$ ळ $;,$ ಱ $;,$ का $;,$ कि $;,$ की $;,$ कु
ಫ ಬ ಭ ಮ ಯ ರ ಲ ವ ಶ ಷ ಸ ಹ ಳ ಱ ಕಾ ಕಿ ಕೀ ಕು
कू $;,$ कॆ $;,$ के $;,$ कै $;,$ कॊ $;,$ को $;,$ कौ $;,$ १ $;,$ २ $;,$ ३ $;,$ ४ $;,$ ५ $;,$ ६ $;,$ ७ $;,$ ८ $;,$ ९ $;,$ ०
ಕೂ ಕೆ ಕೇ ಕೈ ಕೊ ಕೋ ಕೌ ೧ ೨ ೩ ೪ ೫ ೬ ೭ ೮ ೯ ೦ .
ग्रन्थ लिपि.
अ $;,$ आ $;,$ इ $;,$ ई $;,$ उ $;,$ ऊ $;,$ ऋ $;,$ ॠ $;,$ ऌ $;,$ ॡ $;,$ ए $;,$ ऐ $;,$ ओ $;,$ औ $;,$ अं $;,$ क
𑌅 𑌆 𑌇 𑌈 𑌉 𑌊 𑌋 𑌌 𑌏 𑌐 𑌓 𑌔 𑌅𑌂 𑌕
ख $;,$ ग $;,$ घ $;,$ ङ $;,$ च $;,$ छ $;,$ ज $;,$ झ $;,$ ञ $;,$ ट $;,$ ठ $;,$ ड $;,$ ढ $;,$ ण $;,$ त $;,$ थ $;,$ द $;,$ ध $;,$ न
𑌖 𑌗 𑌘 𑌙 𑌚 𑌛 𑌜 𑌝 𑌞 𑌟 𑌠 𑌡 𑌢 𑌣 𑌤 𑌥 𑌦 𑌧 𑌨
प $;,$ फ $;,$ ब $;,$ भ $;,$ म $;,$ य $;,$ र $;,$ ल $;,$ व $;,$ श $;,$ ष $;,$ स $;,$ ह $;,$ ळ $;,$ का $;,$ कि $;,$ की
𑌪 𑌫 𑌬 𑌭 𑌮 𑌯 𑌰 𑌲 𑌵 𑌶 𑌷 𑌸 𑌹 𑌳 𑌕𑌾 𑌕𑌿 𑌕𑍀
कु $;,$ कू $;,$ के $;,$ कै $;,$ को $;,$ कौ $;,$ १ $;,$ २ $;,$ ३ $;,$ ४ $;,$ ५ $;,$ ६ $;,$ ७ $;,$ ८ $;,$ ९
𑌕𑍁 𑌕𑍂 𑌕𑍇 𑌕𑍈 𑌕𑍋 𑌕𑍌 𑍧 𑍨 𑍩 𑍪 𑍫 𑍬 .
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitzed by eGangotri
Plate LXXXI. लिपिपत्र ८१वां.
वर्तमान मलयाळम्, तुळु और तमिळ लिपियां.
मलयाळम् लिपि.
अ आ इ ई ई उ ऊ ऋ ॠ ऎ ए̄ ऒ ओ̄ ऐ औ
അ ആ ഇ ൦ ൦ ൦ ഉ ഊ ഋ ൠ എ ഏ ഒ ഓ ഐ ഔ
क ख ग घ ङ च छ ज झ ञ ट ठ ड ढ ण त थ द ध
ക ഖ ഗ ഘ ങ ച ഛ ജ ഝ ഞ ട ഠ ഡ ഢ ണ ത ഥ ദ ധ
न प फ ब भ म य र ल व श ष स ह ळ ऴ ऱ का कि की
ന പ ഫ ബ ഭ മ യ ര ല വ ശ ഷ സ ഹ ള ഴ റ കാ കി കീ
कु कू कॆ के̄ कै कॊ को̄ कौ १ २ ३ ४ ५ ६ ७ ८ ९
കു കൂ കെ കേ കൈ കൊ കോ കൌ ൧ ൨ ൩ ൪ ൫ ൬ ൭ ൮ ൯ .
तुळु लिपि.
अ आ इ ई उ ऊ ऋ ॠ ऌ ॡ ए ऐ ओ औ क ख ग
𑌅 𑌆 𑌇 𑌈 𑌉 𑌊 𑌋 𑌌 𑌏 𑌐 𑌕 𑌖 𑌗
घ ङ च छ ज झ ञ ट ठ ड ढ ण त थ द ध न प
𑌘 𑌙 𑌚 𑌛 𑌜 𑌝 𑌞 𑌟 𑌠 𑌡 𑌢 𑌣 𑌤 𑌥 𑌦 𑌧 𑌨 𑌪
फ ब भ म य र ल व श ष स ह ळ का कि की
𑌫 𑌬 𑌭 𑌮 𑌯 𑌰 𑌲 𑌵 𑌶 𑌷 𑌸 𑌹 𑌳 𑌕𑌾 𑌕𑌿 𑌕𑍀
कु कू कृ कॄ कॢ कॣ के कै को कौ
𑌕𑍁 𑌕𑍂 𑌕𑍃 𑌕𑍄 𑌕𑍢 𑌕𑍣 𑌕𑍇 𑌕𑍈 𑌕𑍋 𑌕𑍌 .
तमिळ लिपि.
अ आ इ ई ई उ ऊ ऎ ए̄ ऐ ऒ ओ̄ औ क ङ च ञ
அ ஆ இ ஈ ஈ உ ஊ எ ஏ ஐ ஒ ஓ ஔ க ங ச ஞ
ट ण त न प म य र ल व ळ ऴ ऱ ऩ का कि की
ட ண த ந ப ம ய ர ல வ ள ழ ற ன கா கி கீ
कु कू कॆ के̄ कै कॊ को̄ कौ १ २ ३ ४
கு கூ கெ கே கை கொ கோ கௌ க ௨ ௩ ௪
५ ६ ७ ८ ९ १० ११ २० १०० १०००
௫ ௬ எ அ கூ ய யக உய ள த .
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitzed by eGangotri
/ 𑀩 ... [Sharada ब]
Row 4: भ = 𑀪 ... [Sharada भ]
Row 5: म = 𑀫 ... [Sharada म]
Row 6: य = 𑀬 ... [Sharada य]
Row 7: र = | | | [Sharada र]
Row 8: ल = 𑀮 ... [Sharada ल]
Row 9: व = 𑀯 ... [Sharada व]
Row 10: श = 𑀰 ... [Sharada श]
Row 11: ष = 𑀱 ... [Sharada ष]
Row 12: स = 𑀲 ... [Sharada स]
Row 13: ह = 𑀳 ... [Sharada ह]
Each column in the Sharada table has 13 rows!
13 x 3 = 39 characters.
Let's verify:
Col 1:
अ, इ, ई, उ, ए, ओ (6 vowels)
क, ख, ग, घ, ङ, च, छ (7 consonants)
Total: 13
Col 2:
ज, झ, ञ, ट, ठ, ड, ढ, ण, त, थ, द, ध, न (13 consonants)
Total: 13
Col 3:
प, फ, ब