प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
पृष्ठ 297, कुल 318 में से
संदर्भ में पढ़ेंPlate LXX. लिपिपत्र ७० वां.
तक्षशिला, फ़तहजंग, कनिहारा, पथियार और चारसडा के लेखों से.
(ई. स. की दूसरी शताब्दी).
तक्षशिला से मिले हुए रौप्यपत्र के लेख से.
अ, अ इ उ ए ए ओ ग ग च च क ज झ ठ ड त त त द ध न
[खरोष्ठी अक्षर-पंक्ति १]
न न प ब भ म य र र व श ष स स ह ह कि ति ति
[खरोष्ठी अक्षर-पंक्ति २]
दि हि नि पि मि लि वि शि खु तु नु पु बु के दे मे से गो तो
[खरोष्ठी अक्षर-पंक्ति ३]
नो बो रो लो त्म त्र त्र त्र त्व प्र प्रि र्व स्त.
[खरोष्ठी अक्षर-पंक्ति ४]
फ़तहजंग के लेख से. | कनिहारा के लेख से. | पथियार के लेख से.
ठ ड त न य मु शे खो प्रो. | य श स पु क्रि. | क त र स णि पु.
[खरोष्ठी अक्षर] | [खरोष्ठी अक्षर] | [खरोष्ठी अक्षर]
चारसडा से मिले हुए ३ लेखों से.
अ घ च त द न म य व स दि बु मु मु रु खे धो सं सं.
[खरोष्ठी अक्षर-पंक्ति]
[खरोष्ठी अभिलेख - पंक्ति १]
[खरोष्ठी अभिलेख - पंक्ति २]
[खरोष्ठी अभिलेख - पंक्ति ३]
[खरोष्ठी अभिलेख - पंक्ति ४]
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad, Digitized by eGangotri