सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

The Paleography of India by G.H. Ojha

रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished318 पृष्ठ

पृष्ठ 292, कुल 318 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 292

Plate LXV.
लिपिपत्र ६५वां.
मौर्यवंशी राजा अशोक के शहबाजगढ़ि और मान्सेरा के लेखों से.
(ई. स. पूर्व की तीसरी शताब्दी).
अ अ अ इ इ उ उ ए ए ए ओ अं क क ख ख ग ग घ
੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭ ੭
घ च च च छ छ ज ज ज झ ञ ञ ञ ट ट ट ठ ठ ठ
ड ड ढ ढ ण ण त त त त त थ थ द द द द ध ध
न न न न प प प फ फ ब ब ब भ भ म म म म
म य य र र र ल ल व व श श श ष ष स स स
ह ह ह ह कि खि चि जि ठि णि ति मि भि सि गु चु तु धु नु
यु वु झु जे ते ने दे ये पे चो नो मो शो षो सो जं थं नं मं मं
यं रं वं षं हं ग्र द्र द्रि त्ति/व च द्र ध प्रि/पि भ्ये य्य स्य ब्र/व स्त स्तिव स्यु/द्यु
[खरोष्ठी लेख: पंक्ति १]
[खरोष्ठी लेख: पंक्ति २]
[खरोष्ठी लेख: पंक्ति ३]
[खरोष्ठी लेख: पंक्ति ४]
[खरोष्ठी लेख: पंक्ति ५]
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri