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सर्वकोश
प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

The Paleography of India by G.H. Ojha

रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished318 पृष्ठ

पृष्ठ 300, कुल 318 में से

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पृष्ठ 300

Plate LXXIII.

लिपिपत्र ७३वां.

ब्राह्मी और उससे निकली हुई लिपियों के प्राचीन शैली के अंक.

(१० से ९० तक).


गुप्तों और उनके समकालीन परिव्राजक आदि महाराजाओं के लेखादि से. ई० स० की चौथी से छठीं शताब्दी.वाकाटकों के दानपत्रों से. ई. स. की ५ वीं शताब्दी.वलभी के राजाओं के दान-पत्रों से. ई० स० की ६ठीं से ८वीं शताब्दी.शांखकायन वंशियों के दानपत्र से. ई० स० की ६ वीं शताब्दी (?)नैपाल के लेखों से. ई. स. की ७ वीं से ९वीं शताब्दी.कलिंग के गंगा-वंशियों के दान-पत्रों से. ई० स० की ७ वीं (?) से ८वीं (?) शताब्दी.
१०𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦 𑁦𑁦𑁦 𑁦𑁦 𑁦
१०𑁦
२०𑁦 𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦 𑁦𑁦𑁦𑁦
३०𑁦 𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦𑁦 𑁦
४०𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦𑁦
५०𑁦 𑁦 𑁦𑁦
६०𑁦 𑁦𑁦
७०𑁦𑁦 𑁦
८०𑁦 𑁦𑁦 𑁦𑁦𑁦
९०𑁦 𑁦 𑁦 𑁦𑁦

हस्तलिखित पुस्तकों से.
प्रतिहारों के दानपत्रों से. ई० स० की ९वीं और १०वीं शताब्दी.भिन्न भिन्न लेख व दानपत्रों से. ई० स० की ५वीं से ८वीं शताब्दी.बावर साहब के पुस्तकों से. ई. स. की ६ठीं शताब्दी.नैपाल से मिले हुए बौद्ध पुस्तकों से.जैन पुस्तकों से.
१०𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦𑁦 𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦
२०𑁦 𑁦 𑁦𑁦𑁦 𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦 𑁦
३०𑁦 𑁦𑁦 𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦
४०𑁦 𑁦𑁦 𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦 𑁦
५०𑁦𑁦 𑁦𑁦 𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦
६०𑁦𑁦 𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦
७०𑁦𑁦 𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦
८०𑁦𑁦 𑁦𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦
९०𑁦 𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦 𑁦𑁦 𑁦

CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitzed by eGangotri