सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

The Paleography of India by G.H. Ojha

रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished318 पृष्ठ

पृष्ठ 299, कुल 318 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 299

Plate LXXII. लिपिपत्र ७२वां.
ब्राह्मी और उससे निकली हुई लिपियों के प्राचीनशैली के अंक.
(१ से ९, और १० से ९० तक).


[ऊपरी सारणी: १ से ९ तक]

अंककलिंग के गंगवंशीयों के दानपत्रों से. ई० स० की ७वीं (?) और ८वीं (?) शताब्दी.प्रतिहारों के लेख व दानपत्रों से. ई० स० की ९वीं और १०वीं शताब्दी.भिन्न भिन्न लेख व दानपत्रों से. ई० स० की ५वीं से ८वीं शताब्दी तकहस्तलिखित पुस्तकों से: बावर साहिब के प्राप्त किये हुए प्राचीन पुस्तकों से. ई० स० की छठी शताब्दी.हस्तलिखित पुस्तकों से: नैपाल से मिले हुए बौद्ध पुस्तकों से.हस्तलिखित पुस्तकों से: जैन पुस्तकों से.
१—𑁒 𑁒 𑁒𑁒 𑁒
२𑁓 𑁓𑁓= 𑁓 𑁓 २२ २ २ १२२
३𑁔३ ३≡ 𑁔 𑁔 ३३ ३ ३ १३३
४४४ ५ ५ ४ ४𑁕 ५ ५ ५ ४क॑ ई॑ 𑁕
५𑁖 𑁖𑁖६𑁖६ 𑁖 𑁖 𑁖 ६थ॑ ट॑ त्र॑
६𑁗६५ ५५ ९ २ ६ ५र्ष॑ 𑁗
७𑁘७𑁘 ७ ले गु 𑁘र्था॑ 𑁘 𑁘
८५ ९ ५𑁙९७𑁙 ड 𑁙 द्व्रर्फा॑ द्ध्र
९३ ३ ३𑁚 ७२ ?३ 𑁚 𑁚 𑁚𑁚 𑁚

[निचली सारणी: १० से ९० तक]

अंकअशोक के लेखों से. ई. स. पूर्व की तीसरी शताब्दीनानाघाट के लेख से. ई० स० पूर्व की दूसरी शताब्दी.कुशनवंशियों के समय के मथुरा आदि के लेखों से. ई० स० की पहिली व दूसरी शताब्दी.छत्रपों और आंध्र वंशियों के समय के नासिक आदि की गुफाओं के लेखों से. ई० स० की दूसरी शताब्दी.छत्रपों के सिक्कों से. ई० स० की दूसरी से चौथी शताब्दी.जग्गयपेट के लेखों तथा पल्लव शिवस्कन्दवर्मन् आदि के दानपत्रों से. ई० स० की चौथी शताब्दी.
१०𑁛 𑁛 𑁛𑁛 𑁛 𑁛 𑁛 𑁛𑁛 𑁛𑁛 𑁛 𑁛 K𑁛 𑁛
२०९ ६ 𑁜 𑁜𑁜 𑁜𑁜 𑁜
३०𑁝θ θ θ𑁝θ 𑁝𑁝
४०𑁞 𑁞 𑁞N V d
५०५ ५ ५ X X५H H ४
६०𑁠 𑁠𑁠 𑁠 𑁠J
७०V Y Y𑁡
८०X 𑁢十X X X X
९०𑁣𑁣 𑁣 𑁣𑁣 𑁣 𑁣 𑁣 𑁣
⊕ ⊕⊕ ⊕

CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri