प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंPlate LXXVI. लिपिपत्र ७६वां.
ब्राह्मी से निकली हुई लिपियों के तथा खरोष्ठी लिपि के अंक.
ब्राह्मी से निकली हुई लिपियों के नवीन शैली के अंक (१ से ९ तक और ०).
[सारणी १: चौलुक्य मूलराज के दानपत्र से. ई० ९८७. | शिलारा अपराजित के दानपत्र से. ई० ९९७. | परमार भोज के कूर्म-शतक सं. ई० की ११वीं शताब्दी. | कलचुरि कर्ण के दानपत्र से. ई. स. १०४२. | चौलुक्य त्रिलोचनपाल के दानपत्र से. ई. स. १०५०. | कलचुरि जाजल्लदेव के लेख से. ई. स. १११४. | अजमेर के लेख से. ई० ११९० के आसपास. | हस्तलिखित पुस्तकों से: बख्शाली की पुस्तक से. | बौद्ध पुस्तकों से. | बौद्ध पुस्तकों से.]
१ — [अंक १ के विविध रूप]
२ — [अंक २ के विविध रूप]
३ — [अंक ३ के विविध रूप]
४ — [अंक ४ के विविध रूप]
५ — [अंक ५ के विविध रूप]
६ — [अंक ६ के विविध रूप]
७ — [अंक ७ के विविध रूप]
८ — [अंक ८ के विविध रूप]
९ — [अंक ९ के विविध रूप]
० — [शून्य के विविध रूप]
ब्राह्मी से निकली हुई लिपियों के अंक. | खरोष्ठी लिपि के अंक.
[सारणी २: शारदा लिपि के लेखों से. ई० स० की ११वीं और १२वीं शताब्दी. | बंगला लिपि के लेख व दानपत्रों से. ई० स० की ११वीं से १४वीं शताब्दी. | तेलगु-कनडी लेखों से: ई. की ११वीं से १४वीं शताब्दी. / ई. स. की १५वीं शताब्दी. | शक, पार्थियन और कुशन वंशियों के समय के भिन्न भिन्न लेखों से. | खरोष्ठी लिपि के अंक]
१ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] ४० | [खरोष्ठी रूप] १
२ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] ५० | [खरोष्ठी रूप] २
३ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] ६० | [खरोष्ठी रूप] ३
४ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] ७० | [खरोष्ठी रूप] ४
५ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] ८० | [खरोष्ठी रूप] ५
६ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] १०० | [खरोष्ठी रूप] ६
७ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] २०० | [खरोष्ठी रूप] ७
८ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] ३०० | [खरोष्ठी रूप] ८
९ | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] १२२ | [खरोष्ठी रूप] १०
० | [शारदा, बंगला, तेलगु-कनडी रूप] | [खरोष्ठी रूप] २७४ | [खरोष्ठी रूप] २०
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri