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सर्वकोश
प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

The Paleography of India by G.H. Ojha

रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished318 पृष्ठ

पृष्ठ 298, कुल 318 में से

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पृष्ठ 298

Plate LXXI. लिपिपत्र ७१वां.
ब्राह्मी और उससे निकली हुई लिपियों के प्राचीन शैली के अंक.
(१ से ९ तक).

तालिका १ (ऊपरी भाग)

अंकअशोक के लेखों से. ई० स० पूर्व की तीसरी शताब्दी.नानाघाट के लेख से. ई० स० पूर्व की दूसरी शताब्दी.कुशनवंशियों के समय के मथुरा आदि के लेखों से. ई० स० की पहिली व दूसरी शताब्दी.क्षत्रप और आंध्रवंशियों के समय के नासिक आदि की गुफ़ाओं के लेखों से. ई० स० की दूसरी शताब्दी.क्षत्रपों के सिक्कों से. ई० स० की दूसरी से चौथी शताब्दी.जग्गय्यपेट के लेखों, पल्लव शिवस्कन्दवर्मन् तथा राजा जयवर्मन् के ३ दानपत्रों से. ई० स० की चौथी शताब्दी.
१——— —— —— —— — ⁓ ⁓ ⁓
२==== === = ⁓ ⁓ ⁓
३≡≡≡ ≡≡≡⁓⁓⁓ ⁓⁓⁓ ⁓⁓⁓
४+Ұ Ұ५ ५Ұ Ұ Ұ ҰҰ Ұ Ұ ४ ४४ ४ ४ ४ ४
५𑀪 𑀪 𑀪 𑀪𑀪 𑀪 𑀪𑀪 𑀪 𑀪 𑀪𑀪 𑀪 𑀪 𑀪
६𑀘 𑀘५𑀘 𑀘 𑀘 𑀘५५𑀘 𑀘 𑀘 𑀘 𑀘
७𑀕𑀕 𑀕 𑀕𑀕 𑀕𑀕 𑀕𑀕 𑀕 𑀕
८𑀬 𑀬 𑀬 𑀬 𑀬𑀬𑀬 𑀬 𑀬 𑀬𑀬 𑀬 𑀬 𑀬 𑀬
९𑀒𑀒३३ ३ ३

तालिका २ (निचला भाग)

अंकगुप्तों तथा उनके समकालीन परिव्राजक और उच्चकल्प के महाराजाओं आदि के लेख व दानपत्रों से. ई० स० की चौथी से छठीं शताब्दी.वाकाटकों के दान-पत्रों से. ई० स० की पांचवीं शताब्दी.पल्लव और शालंकायनवंशी राजाओं के दानपत्रों से. ई० स० की पांचवीं और छठीं शताब्दी.वलभी के राजाओं के दानपत्रों से. ई० स० की छठीं से आठवीं शताब्दी तक.नैपाल के लेखों से. ई० स० की ७वीं से ९वीं शताब्दी.
१— ⁓𑀦 𑀦 𑀦 𑀦— ⁓—
२= = ⁓ ⁓= = = == = ⁓ ⁓ ⁓= =
३≡ ≡ ≡ ≡≡ ≡ ≡≡ ≡ ≡≡ ३ ३
४४ ४ ४ ४४ ४ ४ ४ ४४
५𑀪 𑀪 𑀪 𑀪𑀪𑀪 𑀪𑀪 𑀪 𑀪 𑀪४ ५ ४ ५
६५𑀘५ ५७ ७
७𑀕 𑀕𑀕 𑀕𑀕
८𑀬 𑀬 𑀬 𑀬 𑀬𑀬𑀬 𑀬
९३ ३ ३७३ ३
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri