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प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

The Paleography of India by G.H. Ojha

रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished318 पृष्ठ

पृष्ठ 296, कुल 318 में से

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पृष्ठ 296

Plate LXIX. लिपिपत्र ६६वां.
वर्डक (अफ़ग़ानिस्तान में), आरा, पाजा ओर कल्डरा के लेखों से.
(ई. स. की दूसरो शताब्दो).
वर्डक् से मिले हुए पीतल के पात्रपर खुदे हुए कुशनवंशी राजा हुविष्क के समय के लेख से.
अ़ इ इ़ इ़ ए ए क ख ग ग च ज ज ज ज ड ण/न त द ध न/ण प भ
[खरोष्ठी वर्णमाला पंक्ति १]
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[खरोष्ठी वर्णमाला पंक्ति २]
रि हि कु गु दु/द्यु त पु मु मु यु रु णे/ने मे रे ले वे जो यो शो यं रं शं
[खरोष्ठी वर्णमाला पंक्ति ३]
सं सं क्य ग्य य्य/य्य चि प्य भ्र म्पि/श्चि म्पि/श्चि र्ट र्य र्व र्वि ल्य ष्ण्/ष्णा ष्क ष्टु स्ते स्थ ल .
[खरोष्ठी वर्णमाला पंक्ति ४]
कुशनवंशी राजा वाझेष्क के पुत्र कनिष्क के समय के आरा के लेख से.
ए क ख च ण र ल व ष . स नि नु कु पु झे दे च त्स र्थ र्य र्व ष्क ष .
[खरोष्ठी वर्णमाला पंक्ति ५]
पाजा के लेख से. कल्डरा के लेख से.
घ च द म श सं चे त्स अ . इ त थ र ष वि पु दो व अ .
[खरोष्ठी वर्णमाला पंक्ति ६]
[खरोष्ठी अभिलेख अनुलेख - पंक्ति १]
[खरोष्ठी अभिलेख अनुलेख - पंक्ति २]
[खरोष्ठी अभिलेख अनुलेख - पंक्ति ३]
[खरोष्ठी अभिलेख अनुलेख - पंक्ति ४]
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitized by eGangotri