शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)
Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary
शार्ङ्गधराचार्य द्वारा
स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)
स्थानभेद से औषधद्रव्यों का विचार 15
(xii)
स्थानभेद से औषधद्रव्यों का विचार 15
त्रिविध देश-लक्षण 16
द्रव्यग्रहण-निर्देश 16
निन्दित भेषज द्रव्य 16
ऋतुभेद से औषधद्रव्य-संग्रह 16
द्रव्यों के अवयवों का ग्रहण 17
द्वितीयोऽध्यायः
औषध-सेवन-काल 18
औषध-सेवन के पाँच काल 18
औषध-सेवन का प्रथम-काल 18
औषध-सेवन का द्वितीय काल 18
औषध-सेवन का तृतीय काल 19
औषध सेवन का चतुर्थ काल 19
औषध-सेवन का पञ्चम काल 19
द्रव्य की पाँच अवस्थाएँ 19
द्रव्य का लक्षण 20
रसों के छः भेद 20
मधुररस के लक्षण 20
अम्लरस के लक्षण 20
लवणरस के लक्षण 20
कटुरस के लक्षण 20
तिक्तरस के लक्षण 21
कषायरस के लक्षण 21
रसों का उत्पत्ति-क्रम 21
पञ्चमहाभूतों के गुण 21
गुरु गुण के लक्षण 22
स्निग्ध गुण के लक्षण 22
तीक्ष्ण गुण के लक्षण 22
रूक्ष गुण के लक्षण 22
लघु गुण के लक्षण 22
वीर्य का वर्णन 22
उष्ण-शीतवीर्य के लक्षण 22
विपाक-परिचय 23
प्रभाव का वर्णन 23
प्रभाव का लक्षण 23
रस आदि के कर्म 24
ऋतु-भेद से दोषों का चय, कोप, शम 24
राशियों के क्रम से छः ऋतुएँ 24
संशोधनार्थ ऋतुक्रम 24
व्यवहारार्थ ऋतुक्रम 24
दोषों का चय, कोप, शम काल 24
वातादि दोषों की चय, प्रकोप, प्रशम तालिका 25
यमदंष्ट्रा काल-परिचय 25
चय आदि पर आहार-विहार का प्रभाव 25
वातदोष का प्रकोप तथा प्रशम 25
पित्तदोष का प्रकोप तथा प्रशम 26
कफदोष का प्रकोप तथा प्रशम 26
तृतीयोऽध्यायः
नाड़ी-परीक्षा का स्थान 27
वातदोष में नाड़ी की गतियाँ 27
पित्तदोष में नाड़ी की गतियाँ 27
कफदोष में नाड़ी की गतियाँ 28
सन्निपात में नाड़ी की गतियाँ 28
द्विदोषज तथा असाध्य नाड़ी की गतियाँ 28
प्राणनाशिनी नाड़ी 28
ज्वर आदि में नाड़ी की गति 28
मन्दाग्नि आदि में नाड़ी की गति 28
स्वस्थ आदि पुरुषों में नाड़ी की गति 28
नेत्र-परीक्षा 29
जिह्वा-परीक्षा 29
मूत्र-परीक्षा 29
दूत-परीक्षा 30
दूत के शकुन 30
वैद्य के शकुन 30
चिकित्सा-योग्य रोगी के लक्षण 30
वैद्य का लक्षण 30
परिचारक का लक्षण 30
भेषज का लक्षण 31
चिकित्सा के चार पाद 31
विविध प्रकार के दुःस्वप्न 31
दुःस्वप्नों के प्रायश्चित्त 31
शुभ स्वप्न 31
(xiii)
चतुर्थोऽध्यायः तीक्ष्ण एवं मन्द द्रव्य का लक्षण ३७
दीपन-पाचन द्रव्यों के लक्षण ३३ मृदु एवं कर्कश द्रव्य का लक्षण ३७
शमन द्रव्य का लक्षण ३३ पञ्चमोऽध्यायः
अनुलोमन द्रव्य का लक्षण ३३ शरीर-परिचय ३८
संस्रन द्रव्य का लक्षण ३३ कला का वर्णन ३८
भेदन द्रव्य का लक्षण ३३ कला-परिचय ३८
रेचन द्रव्य का लक्षण ३४ आशय-परिचय ३९
वमन द्रव्य का लक्षण ३४ धातुओं का उत्पत्ति-क्रम ३९
शोधन द्रव्य का लक्षण ३४ धातुओं के नाम ३९
छेदन द्रव्य का लक्षण ३४ धातुओं के मुख्य कार्य ३९
लेखन द्रव्य का लक्षण ३४ रस-स्वरूप ४०
ग्राही द्रव्य का लक्षण ३४ रक्त का स्वरूप ४०
स्तम्भन द्रव्य का लक्षण ३४ मांस का स्वरूप ४०
रसायन द्रव्य का लक्षण ३४ मेदस् का स्वरूप ४०
वाजीकरण द्रव्य का लक्षण ३५ अस्थि का स्वरूप ४०
शुक्रल द्रव्य का लक्षण ३५ मज्जा का स्वरूप ४०
शुक्र के प्रवर्तक तथा जनक द्रव्यों के लक्षण ३५ शुक्र का स्वरूप ४०
प्रवर्तक आदि द्रव्यों के लक्षण ३५ सप्त धातुओं के मल ४०
सूक्ष्म द्रव्य का लक्षण ३५ धातुमलों का परिगणन ४०
व्यवायी द्रव्य का लक्षण ३५ उप-धातु ४०
विकासी द्रव्य का लक्षण ३५ स्तन्य का स्वरूप ४१
मदकारी द्रव्य का लक्षण ३६ रजस् का स्वरूप ४१
विष का लक्षण ३६ वसा का स्वरूप ४१
प्रमाथी द्रव्य का लक्षण ३६ स्वेद का स्वरूप ४१
अभिष्यन्दी द्रव्य का लक्षण ३६ दाँत का स्वरूप ४१
विदाही द्रव्य का लक्षण ३६ केश का स्वरूप ४१
लंघन द्रव्य का लक्षण ३६ ओजस् का स्वरूप ४१
बृंहण द्रव्य का लक्षण ३६ त्वचाओं का स्वरूप तथा नाम ४१
रूक्षण द्रव्य का लक्षण ३६ दोषों का वर्णन ४२
स्नेहन द्रव्य का लक्षण ३६ दोष आदि संज्ञाओं का हेतु ४२
स्वेदन द्रव्य का लक्षण ३६ दोषों में वायु की प्रधानता ४२
श्लक्ष्ण द्रव्य का लक्षण ३६ वात के गुण, स्थान तथा नाम ४२
स्थिर, सर, पिच्छिल द्रव्य का लक्षण ३७ पित्त के गुण, स्थान तथा नाम ४३
विशद द्रव्य का लक्षण ३७ कफ के गुण, स्थान तथा नाम ४३
स्थूल द्रव्य का लक्षण ३७ सन्धि-परिचय ४३
द्रव एवं सान्द्र द्रव्य का लक्षण ३७ अस्थि-परिचय ४४
(xiv)
मर्म-परिचय 44 पञ्चतन्मात्राएँ 50
सिरा-परिचय 44 तन्मात्राओं के स्थूल रूप 50
धमनी-परिचय 44 इन्द्रियों के विषय 50
पेशी-परिचय 45 प्रकृति-परिचय 50
कण्डरा-परिचय 45 प्रकृति-विकृति 51
रन्ध्र-परिचय 45 सोलह-विकार 51
मल तथा स्रोतस्-परिचय 45 जीवात्मा का निवास-स्थान 51
जाल-परिचय 45 जीवात्मा का स्वरूप 51
कूर्च्च-परिचय 45 जीवात्मा के प्रतिबन्धक 51
रज्जु-परिचय 45 मोह का लक्षण 51
सेवनी-परिचय 45 अहङ्कार का लक्षण 51
सङ्घात-परिचय 45 काम का लक्षण 51
सीमन्त-परिचय 46 क्रोध का लक्षण 52
जिह्वा-परिचय 46 लोभ का लक्षण 52
हृदय-परिचय 46 रोग-आरोग्य के लक्षण 52
फुफ्फुसादि का स्थान 46 षष्ठोऽध्यायः
फुफ्फुस-परिचय 46 आहार-परिचय 53
प्लीहा-परिचय 46 आहार के भेद 53
यकृत्-परिचय 46 पाचन-प्रकार 53
क्लोम-परिचय 46 ग्रहणी-परिचय 53
वृक्क-परिचय 47 जठराग्नि के कार्य 54
वृषण-परिचय 47 रस-परिपाक 54
लिंग-परिचय 47 अपक्वरस से हानि 54
गर्भाशय-परिचय 47 रस, मल, मूत्र तथा वली-परिचय 54
शरीर-पोषण के प्रकार 47 रक्तनिर्माण-प्रक्रिया 54
प्राणवायु द्वारा शरीर-पोषण 47 रक्त का महत्त्व 54
जीवन-मरण-परिभाषा 48 रसादि धातुओं का परिणाम-क्रम 55
रोग-निवृत्ति का महत्त्व 48 गर्भावतरण-क्रम 55
चिकित्सा का महत्त्व 48 पुत्र-कन्या की उत्पत्ति में कारण 55
रोगनिवारण-निर्देश 48 जातकर्म-संस्कार 55
समदोष का महत्त्व 48 मन्त्र 56
स्वस्थ की परिभाषा 49 नाल-छेदन 56
सृष्टि क्रम 49 अभिमन्त्रण-मन्त्र 56
सृष्टि में प्रकृति का योगदान 49 स्त्री की देख-रेख 57
बुद्धि आदि तत्त्वों की उत्पत्ति 49 प्रसूतासंज्ञा 57
दस इन्द्रियाँ 50 प्रसूता का आहार-विहार 57
(xv)
बालक की स्तन्यपान विधि ५७ ग्लानि का कारण और लक्षण ६१
अभिमन्त्रण मन्त्र ५७ गौरव का कारण और लक्षण ६१
स्तन्य-प्रवृत्ति ५७ सप्तमोऽध्यायः
नवजात के लिए पेय ५७ रोगभेद-परिचय ६२
दूध की कमी का कारण ५७ ज्वर-संख्या ६२
माता के दूध का विकल्प ५७ अतिसार-ग्रहणी-प्रवाहिका-गणना ६३
शुद्ध दुग्ध के लक्षण ५८ अजीर्ण-अलसक-विसूची-दण्डालसक-
बालक की परिचर्या-विधि ५८ विलम्बिका-गणना ६३
बालक का अन्नप्राशन ५८ अर्श-गणना ६३
तीन प्रकार की अवस्था ५८ कृमि-गणना ६३
अवस्था-क्रम से दोष-विचार ५८ पाण्डुकामला-कुम्भकामला-हलीमक-गणना ६४
औषधमात्रा-विचार ५८ रक्तपित्त-गणना ६४
बालकोचित-उपचार ५९ कास-गणना ६४
प्रमुख उपचारों में काल की अवधि ५९ क्षय-गणना ६४
अञ्जन-प्रयोग ५९ शोष की कारण-भेद से गणना ६५
उबटन ५९ श्वास-गणना ६५
स्नान ५९ हिक्का-गणना ६५
अभ्यङ्ग ५९ जठराग्निविकार-गणना ६५
व्यायाम ५९ अरोचक-गणना ६५
मैथुन ५९ छर्दि-गणना ६५
ह्रास-क्रम ५९ स्वरभेद-गणना ६५
प्रकृति का कारण ६० तृष्णा-गणना ६५
वात-प्रकृति का लक्षण ६० मूर्च्छादि-गणना ६६
पित्त-प्रकृति का लक्षण ६० मद-मदात्ययादि-गणना ६६
कफ-प्रकृति का लक्षण ६० दाह-गणना ६६
मिश्रित प्रकृति का लक्षण ६० उन्माद-गणना ६६
निद्रा, मूर्च्छा, भ्रम एवं तन्द्रा का कारण ६० भूतोन्माद-गणना ६६
ग्लानि और आलस्य का लक्षण ६० अपस्मार-गणना ६७
जृम्भा का लक्षण ६० आमवात-गणना ६७
छींक का कारण और लक्षण ६० शूल-गणना ६७
उद्गार का कारण तथा लक्षण ६० परिणामशूल-गणना ६७
निद्रा का कारण और लक्षण ६० उदावर्त-गणना ६७
भ्रम का कारण और लक्षण ६१ आनाह-गणना ६७
तन्द्रा का कारण और लक्षण ६१ उरोग्रह-गणना ६८
क्लम का कारण और लक्षण ६१ हृद्रोग-गणना ६८
उत्क्लेश का कारण और लक्षण ६१ उदररोग-गणना ६८
(xvi)
गुल्मरोग-गणना 68 मुखरोग-गणना 75
मूत्राघात-गणना 68 ओष्ठरोग-गणना 75
मूत्रकृच्छ्र-गणना 68 दन्तरोग-गणना 75
अश्मरी-गणना 69 दन्तमूलगत रोग-गणना 76
प्रमेह-गणना 69 जिह्वागत रोग-गणना 76
सोमरोग-गणना 69 तालुगत रोग-गणना 76
प्रमेहपिड़का-गणना 69 कण्ठगत रोग-गणना 76
मेदोरोग-गणना 69 मुखगत रोग-गणना 76
शोथ-गणना 69 कर्णगत रोग-गणना 76
वृद्धिरोग-गणना 69 कर्णपालीगत रोग-गणना 77
अण्डवृद्धि-गणना 70 कर्णमूलगत रोग-गणना 77
गण्डमाला-गणना 70 नासारोग-गणना 77
गण्डालजी-गणना 70 शिरोरोग-गणना 77
ग्रन्थि-गणना 70 शिरःकपालगत रोग-गणना 77
अर्बुद-गणना 70 नेत्ररोग-गणना 78
श्लीपद-गणना 70 नेत्रवर्त्म रोग-गणना 78
विद्रधि-गणना 70 नेत्रसन्धिगत रोग-गणना 78
व्रण-गणना 70 नेत्रशुक्ल-भागगत रोग-गणना 78
सद्योव्रण-गणना 70 नेत्रकृष्ण-भागगत रोग-गणना 78
कोष्ठभेद-गणना 71 काचरोग-गणना 78
अस्थिभंग-गणना 71 तिमिररोग-गणना 79
अग्निदग्ध-गणना 71 लिङ्गनाश रोग-गणना 79
नाड़ीव्रण-गणना 71 दृष्टिगत रोग-गणना 79
भगन्दर-गणना 71 अधिमन्थरोग-गणना 79
उपदंश-गणना 71 अभिष्यन्दरोग-गणना 79
शूकरोग-गणना 72 सर्वनैत्ररोग-गणना 79
कुष्ठरोग-गणना 72 पुंस्त्वरोग-गणना 79
क्षुद्ररोग-गणना 72 शुक्रधातु रोग-गणना 80
विसर्परोग-गणना 73 स्त्रीरोग-गणना 80
उदर्द एवं शीतपित्त-गणना 73 रक्तप्रदर-गणना 80
अम्लपित्त-गणना 73 योनिरोग-गणना 80
वातरक्तरोग-गणना 73 योनिकन्द-गणना 81
वातज रोग-गणना 73 गर्भरोग-गणना 81
पित्तज रोग-गणना 74 स्तनगत रोग-गणना 81
कफज रोग-गणना 75 स्तनविकार-गणना 81
रक्तज रोग-गणना 75 स्त्रीदोष-गणना 81
(xvii)
| प्रसूताविकार-गणना | 81 | शीत आदि उपद्रव | 83 |
| बालरोग-गणना | 81 | विष-विवेचन | 83 |
| बालग्रह-गणना | 82 | जङ्गमविष-भेद | 83 |
| पादरोग-गणना | 82 | कृत्रिम-विष | 83 |
| दोष-भेद | 82 | अन्य उपद्रव | 83 |
| पञ्चकर्म-व्यापद् | 82 | मद-विचार | 83 |
| स्नेहादि व्यापद् | 82 | अध्यायोपसंहार | 84 |
मध्यमखण्ड
| प्रथमोऽध्यायः | | चावल का धोवन बनाने की विधि | 88 |
| पञ्च-कषाय | 85 | अरलूत्वक् पुटपाक | 88 |
| स्वरस-निर्माण-विधि | 85 | तित्तिर पुटपाक | 88 |
| स्वरस की दूसरी विधि | 85 | दाड़िम पुटपाक | 88 |
| स्वरस की तीसरी विधि | 85 | बीजपूरादि पुटपाक | 88 |
| स्वरस-पान की मात्रा | 85 | वासा पुटपाक | 88 |
| प्रक्षेप द्रव्यों का मान | 86 | कण्टकारी पुटपाक | 88 |
| अमृता-स्वरस | 86 | बिभीतक पुटपाक | 88 |
| वासक-स्वरस | 86 | शुण्ठी पुटपाक | 89 |
| त्रिफलादि का स्वरस | 86 | दूसरा शुण्ठी पुटपाक | 89 |
| तुलसी आदि का स्वरस | 86 | सूरण पुटपाक | 89 |
| जम्ब्वादि पत्र-स्वरस | 86 | मृगशृंग पुटपाक | 89 |
| बब्बूलादि स्वरस | 86 | द्वितीयोऽध्यायः | |
| आर्द्रक-स्वरस | 86 | क्वाथ बनाने की विधि | 90 |
| बीजपूर-स्वरस | 86 | क्वाथ-पान की विधि | 90 |
| शतावरी आदि का स्वरस | 86 | क्वाथ में मधु आदि का परिमाण | 90 |
| अलम्बुषादि स्वरस | 86 | क्वाथ में जीरा आदि का परिमाण | 90 |
| मुण्डी-स्वरस | 87 | क्वाथ में दूध आदि का परिमाण | 90 |
| ब्राह्मी आदि का स्वरस | 87 | क्वाथ पकाने को विधि | 90 |
| सोमरोग-चिकित्सा | 87 | गुडूच्यादिगण क्वाथ | 91 |
| उदर्द-चिकित्सा | 87 | गुडूच्यादि क्वाथ | 91 |
| उष्णोपद्रव-चिकित्सा | 87 | शालपर्ण्यादि क्वाथ | 91 |
| कूष्माण्ड-स्वरस | 87 | काश्मर्यादि क्वाथ | 91 |
| गाङ्गेरुकी-स्वरस | 87 | कट्फलादि क्वाथ | 91 |
| पुटपाक-विधि | 87 | पर्पटादि क्वाथ | 91 |
| कुटज पुटपाक | 88 | द्राक्षादि क्वाथ | 91 |
(xviii)
पर्पटादि क्वाथ ९१ | पुनर्नवादि क्वाथ ९६
बीजपूरादि क्वाथ ९२ | वासादि क्वाथ ९६
भूनिम्बादि क्वाथ ९२ | वासादि तथा क्षुद्रा क्वाथ ९७
पटोलादि क्वाथ ९२ | क्षुद्रादि क्वाथ ९७
पञ्चभद्र क्वाथ ९२ | रेणुकादि क्वाथ ९७
कण्टकार्यादि क्वाथ ९२ | बिल्वत्वक् क्वाथ ९७
आरग्वधादि क्वाथ ९२ | गृध्रसीनाशक क्वाथ ९७
अमृताष्टक क्वाथ ९२ | रास्नापञ्चक क्वाथ ९७
पटोलादिगण क्वाथ ९२ | रास्नासप्तक क्वाथ ९७
कण्टकार्यादि क्वाथ ९३ | महारास्नादि क्वाथ ९७
दशमूल क्वाथ ९३ | एरण्डादि क्वाथ ९८
अभयादि क्वाथ ९३ | नागरादि क्वाथ ९८
पिप्पल्यादि क्वाथ ९३ | त्रिफलादि क्वाथ ९८
किरातादि क्वाथ ९४ | एरण्ड क्वाथ ९८
कट्फलादि क्वाथ ९४ | दशमूल क्वाथ ९८
गुडूची क्वाथ ९४ | हरीतक्यादि क्वाथ ९८
निदिग्धिकादि क्वाथ ९४ | वीरतर्वादि क्वाथ ९८
देवदार्वादि क्वाथ ९४ | एलादि क्वाथ ९९
क्षुद्रादि क्वाथ ९४ | गोक्षुरादि क्वाथ ९९
मुस्तादि क्वाथ ९४ | वरादि क्वाथ ९९
पटोलादि क्वाथ ९४ | फलत्रिकादि क्वाथ ९९
गुडूच्यादि क्वाथ ९५ | दार्व्यादि क्वाथ ९९
देवदार्वादि क्वाथ ९५ | न्यग्रोधादि क्वाथ ९९
बृहद्गुडूच्यादि क्वाथ ९५ | बिल्वादि क्वाथ १००
नागरादि क्वाथ ९५ | त्रिफला क्वाथ १००
धान्यपञ्चक क्वाथ ९५ | चव्यादि क्वाथ १००
धान्यनागर क्वाथ ९५ | पुनर्नवादि क्वाथ १००
वत्सकादि क्वाथ ९५ | पथ्यादि क्वाथ १००
कुटजाष्टक क्वाथ ९५ | पुनर्नवादि क्वाथ १००
ह्रीबेरादि क्वाथ ९६ | फलत्रिक क्वाथ १००
धातक्यादि क्वाथ ९६ | रास्नादि क्वाथ १००
शालपर्ण्यादि क्वाथ ९६ | काञ्चनार क्वाथ १००
गुडूच्यादि क्वाथ ९६ | शाखोटक क्वाथ १०१
इन्द्रयवादि क्वाथ ९६ | पुनर्नवादि क्वाथ १०१
त्रिफलादि क्वाथ ९६ | वरुणादिगण में ऊषकादिगण का योग १०१
फलत्रिकादि क्वाथ ९६ | वरुणादि क्वाथ १०१
(xix)
खदिरादि क्वाथ १०१ | पेया तथा यूष १०६
पटोलादि क्वाथ १०१ | भक्त-निर्माण-विधि १०६
अमृतादि क्वाथ १०१ | मण्ड-निर्माण-विधि १०६
पटोलादि क्वाथ १०२ | अष्टगुण मण्ड १०७
धात्रीखदिर क्वाथ १०२ | यवमण्ड १०७
लघुमञ्जिष्ठादि क्वाथ १०२ | लाजमण्ड १०७
बृहन्मञ्जिष्ठादि क्वाथ १०२ | तृतीयोऽध्यायः
पथ्यादि क्वाथ १०२ | फाण्ट-निर्माण-विधि १०८
वासादि क्वाथ १०२ | बृहत् मधूकपुष्पादि फाण्ट १०८
अमृतादि क्वाथ १०३ | आम्रादि फाण्ट १०८
पञ्चवल्कल क्वाथ १०३ | लघुमधूकपुष्पादि फाण्ट १०८
पाठादि क्वाथ १०३ | मन्थ-विधि १०८
निम्बादि क्वाथ १०३ | खर्जूरादि मन्थ १०९
काञ्चनार क्वाथ १०३ | मसूर सक्तु मन्थ १०९
शतपुष्पादि क्वाथ १०३ | यवसक्तु मन्थ १०९
लंघन या अपतर्पण १०३ | चतुर्थोऽध्यायः
लंघन के अयोग्य व्यक्ति १०३ | हिम-निर्माण-विधि ११०
लंघन का फल १०३ | आम्रादि हिम ११०
सुलंघित का लक्षण १०३ | मरिचादि हिम ११०
अति लंघन के दोष १०३ | नीलोत्पलादि हिम ११०
लंघन का सदुपयोग १०३ | अमृता हिम ११०
प्रमथ्यापाक-विधि १०३ | धान्यक हिम ११०
मुस्तकादि प्रमथ्या १०४ | धान्यकादि हिम ११०
यवागू-निर्माण-विधि १०४ | पञ्चमोऽध्यायः
आम्रादि यवागू १०४ | कल्क-निर्माण-विधि ११२
यूष-निर्माण-विधि १०४ | वर्द्धमानपिप्पली कल्क ११२
सप्तमुष्टिक यूष १०४ | निम्बपत्र कल्क ११२
पानादि विधि १०५ | महानिम्ब कल्क ११२
षडङ्ग-पानीय १०५ | रसोन कल्क ११२
उष्णोदक-विधि १०५ | द्वितीय रसोन कल्क ११३
उष्णोदक के गुण १०५ | पिप्पल्यादि कल्क ११३
क्षीरपाक-विधि १०५ | विष्णुक्रान्ता कल्क ११३
पञ्चमूलपक्व-क्षीर १०५ | शुण्ठ्यादि कल्क ११३
त्रिकण्टकपक्व-क्षीर १०५ | अपामार्गबीज कल्क ११३
यवागू आदि की निर्माण-विधि १०६ | बदरीमूल कल्क ११४
विलेपी-विधि १०६
(xx)
लाक्षा कल्क 114 | वृद्धगङ्गाधर चूर्ण 121
तण्डुलीय कल्क 114 | अजमोदादि चूर्ण 121
अङ्कोट कल्क 114 | मरिचादि चूर्ण 121
वन्ध्याकर्कोटकादि कल्क 114 | कपित्थाष्टक चूर्ण 121
अभयादि कल्क 114 | दाडिमाष्टक चूर्ण 121
त्रिवृतादि कल्क 114 | बृहद् दाडिमाष्टक चूर्ण 122
तिल कल्क 114 | पिप्पल्यादि चूर्ण 122
शुण्ठी कल्क 115 | लवङ्गादि चूर्ण 122
षष्ठोऽध्यायः | जातीफलादि चूर्ण 122
| महाखाण्डव चूर्ण 123
चूर्ण-निर्माण-विधि 116 | नारायण चूर्ण 123
चूर्ण में गुड़ आदि का मान 116 | हपुषादि चूर्ण 124
चूर्ण-सेवन-विधि 116 | पञ्चसम चूर्ण 124
चूर्ण का अनुपान 116 | नाराच चूर्ण 124
अनुपान का फल 116 | लवणत्रितयादि चूर्ण 124
चूर्ण-भावना-विधि 117 | तुम्ब्रुवादि चूर्ण 125
आमलकादि चूर्ण 117 | चित्रकादि चूर्ण 125
पिप्पली चूर्ण 117 | वडवानल चूर्ण 125
त्रिफला चूर्ण 117 | अजमोदादि चूर्ण 125
त्र्यूषण चूर्ण 117 | शुण्ठ्यादि चूर्ण 126
पञ्चकोल चूर्ण 117 | हिंग्वादि चूर्ण 126
त्रिगन्ध-चतुर्जात चूर्ण 118 | यवानीखाण्डव चूर्ण 126
कृष्णादि चूर्ण 118 | तालीसादि चूर्ण 127
जीवनीयगण चूर्ण 118 | सितोपलादि चूर्ण 127
अष्टवर्ग चूर्ण 118 | लवणभास्कर चूर्ण 127
लवणपञ्चक चूर्ण 118 | एलादि चूर्ण 128
क्षारद्वय चूर्ण 119 | व्याघ्री चूर्ण 128
सुदर्शन चूर्ण 119 | पञ्चनिम्ब चूर्ण 128
त्रिफलापिप्पली चूर्ण 120 | शतावर्यादि चूर्ण 128
कट्फलादि चूर्ण 120 | अश्वगन्धादि चूर्ण 128
बृहत्कट्फलादि चूर्ण 120 | मुसल्यादि चूर्ण 129
तृतीय कट्फलादि लेह 120 | नवायस चूर्ण 129
शृंग्यादि चूर्ण 120 | आकारकरभादि चूर्ण 129
यवक्षारादि चूर्ण 120 | पञ्चवल्कल चूर्ण 129
शुण्ठ्यादि चूर्ण 120 | माषादि चूर्ण 129
हरीतक्यादि चूर्ण 121 | बकुलत्वक् चूर्ण 129
लघुगङ्गाधर चूर्ण 121 |
(xxi)
सप्तमोऽध्यायः | कूष्माण्डावलेह 141
वटी के पर्याय नाम 130 | सूरणावलेह 142
वटी-निर्माण की विधि 130 | अगस्त्यहरीतकी अवलेह 142
वटी-निर्माण की दूसरी विधि 130 | कुटजावलेह 142
वटी में सिता आदि का मान 130 | कुटजाष्टकावलेह 143
बाहुशाल गुड़ 130 | नवमोऽध्यायः
मरिचादि गुटिका 131 | स्नेहपाक की विधि 144
गुडादि गुटिका 131 | स्नेहपाकार्थ क्वाथ-विधि 144
आमलक्यादि गुटिका 131 | क्वाथ में जल का परिमाण 144
सञ्जीवनी वटी 132 | अन्य प्रकार से जल का मान 144
व्योषादि वटी 132 | स्नेह में कल्क का परिमाण 144
गुड़ के चार योग 132 | स्नेह में द्रवद्रव्यों का परिमाण 145
वृद्धदारुक मोदक 132 | केवल क्वाथ से स्नेहपाक 145
सूरण-पिण्डी 132 | कल्कहीन स्नेहपाक 145
सूरण-बटक 132 | पुष्पकल्क से स्नेहपाक-विधि 145
मण्डूर-बटक 133 | स्नेहसिद्धि का लक्षण 145
पिप्पली मोदक 133 | स्नेहपाक के प्रकार 146
चन्द्रप्रभा वटी 133 | मृदुपाक आदि के गुण 146
कांसायन वटी 134 | घृतादि पाक में काल-निर्देश 146
योगराज गुग्गुलु 135 | पिप्पल्यादि घृत 146
कैशोर गुग्गुलु 136 | चाङ्गेरी घृत 146
त्रिफला गुग्गुलु 137 | मसूर घृत 147
गोक्षुरादि गुग्गुलु 137 | कामदेव घृत 147
त्रिफला मोदक 137 | पानीयकल्याणक घृत 148
काञ्चनार गुग्गुलु 137 | अमृता घृत 148
गूगलशोधन विधि 138 | महापञ्चतिक्त घृत 148
माषादि मोदक 138 | कासीसादि घृत 149
उदर्दनाशक मोदक 138 | जात्यादि घृत 149
अष्टमोऽध्यायः | षड्बिन्दु घृत 149
अवलेह-निर्माण-विधि 139 | त्रिफला घृत 150
अवलेह में सिता आदि का मान 139 | गौराद्य घृत 150
अवलेह-सिद्धि का लक्षण 139 | मयूर घृत 151
अवलेह के अनुपान 140 | फलघृत 151
कण्टकारी अवलेह 140 | दूसरा फल घृत 152
च्यवनप्राशावलेह 140 | पञ्चतिक्त घृत 152