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शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

शार्ङ्गधर संहिता (दीपिका टीका व हिन्दी व्याख्या सहित)

Sharangadhara Samhita with Dipika Hindi Commentary

शार्ङ्गधराचार्य द्वारा

स्रोत: चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन · चौखम्बा सुरभारती प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished356 पृष्ठ

पृष्ठ 23, कुल 356 में से

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पृष्ठ 23

(xix)
खदिरादि क्वाथ १०१ | पेया तथा यूष १०६
पटोलादि क्वाथ १०१ | भक्त-निर्माण-विधि १०६
अमृतादि क्वाथ १०१ | मण्ड-निर्माण-विधि १०६
पटोलादि क्वाथ १०२ | अष्टगुण मण्ड १०७
धात्रीखदिर क्वाथ १०२ | यवमण्ड १०७
लघुमञ्जिष्ठादि क्वाथ १०२ | लाजमण्ड १०७
बृहन्मञ्जिष्ठादि क्वाथ १०२ | तृतीयोऽध्यायः
पथ्यादि क्वाथ १०२ | फाण्ट-निर्माण-विधि १०८
वासादि क्वाथ १०२ | बृहत् मधूकपुष्पादि फाण्ट १०८
अमृतादि क्वाथ १०३ | आम्रादि फाण्ट १०८
पञ्चवल्कल क्वाथ १०३ | लघुमधूकपुष्पादि फाण्ट १०८
पाठादि क्वाथ १०३ | मन्थ-विधि १०८
निम्बादि क्वाथ १०३ | खर्जूरादि मन्थ १०९
काञ्चनार क्वाथ १०३ | मसूर सक्तु मन्थ १०९
शतपुष्पादि क्वाथ १०३ | यवसक्तु मन्थ १०९
लंघन या अपतर्पण १०३ | चतुर्थोऽध्यायः
लंघन के अयोग्य व्यक्ति १०३ | हिम-निर्माण-विधि ११०
लंघन का फल १०३ | आम्रादि हिम ११०
सुलंघित का लक्षण १०३ | मरिचादि हिम ११०
अति लंघन के दोष १०३ | नीलोत्पलादि हिम ११०
लंघन का सदुपयोग १०३ | अमृता हिम ११०
प्रमथ्यापाक-विधि १०३ | धान्यक हिम ११०
मुस्तकादि प्रमथ्या १०४ | धान्यकादि हिम ११०
यवागू-निर्माण-विधि १०४ | पञ्चमोऽध्यायः
आम्रादि यवागू १०४ | कल्क-निर्माण-विधि ११२
यूष-निर्माण-विधि १०४ | वर्द्धमानपिप्पली कल्क ११२
सप्तमुष्टिक यूष १०४ | निम्बपत्र कल्क ११२
पानादि विधि १०५ | महानिम्ब कल्क ११२
षडङ्ग-पानीय १०५ | रसोन कल्क ११२
उष्णोदक-विधि १०५ | द्वितीय रसोन कल्क ११३
उष्णोदक के गुण १०५ | पिप्पल्यादि कल्क ११३
क्षीरपाक-विधि १०५ | विष्णुक्रान्ता कल्क ११३
पञ्चमूलपक्व-क्षीर १०५ | शुण्ठ्यादि कल्क ११३
त्रिकण्टकपक्व-क्षीर १०५ | अपामार्गबीज कल्क ११३
यवागू आदि की निर्माण-विधि १०६ | बदरीमूल कल्क ११४
विलेपी-विधि १०६