अनुरागसागर वाणी
Anuragsagar Vani
स्वामी मधु परमहंस जी द्वारा
स्रोत: साहिब बंदगी आध्यात्मिक संस्थान · साहिब बंदगी (उद्गम)
अनुरागसागर वाणी
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आरती
जय सदगुरु देवा, स्वामी जय सदगुरु देवा,
सब कुछ तुम पर अर्पण करहूँ पद सेवा।
जय गुरुदेव दया निर्धि, दीनन हितकारी, स्वामी भक्तन हितकारी,
जय जय मोह विनाशक, जय जय तिभिर विनाशक, भय भंजन हारी। स्वामी जय...
ब्रह्मा विष्णु सदशिष्व, गुरु मूरति धारी, स्वामी प्रभु मूरति धारी,
वेद पुराण बखानत, शास्त्र पुराण बखानत, गुरु महिमा भारी। स्वामी जय...
जप तप तीर्थ संयम, दान विधि दीन्हे, स्वामी दान बहुत दीन्हे,
गुरु बिन ज्ञान न होवे, दाता बिन ज्ञान न होवे, कोटि यत्न कीन्हे। स्वामी जय...
माया मोह नदी जल, जीव बहे सारे, स्वामी जीव बहे सारे,
नाम जहाज बिठाकर, शब्द जहाज चढ़ाकर, गुरु पल में तारे। स्वामी जय...
काम क्रोध, मद, लोभ, चोर बड़े भारी, स्वामी चोर बहुत भारी,
ज्ञान खड़ग दे कर में, शब्द खड़ग देकर में, गुरु सब संहारे। स्वामी जय...
नाना पंथ जगत में निज-निज गुण गावें, स्वामी न्यारे-न्यारे यश गावें,
सब का सार बताकर, सब का भेद लखा कर, गुरु मार्ग लावें। स्वामी जय...
गुरु चरणामृत निर्मल, सब पातक हारी, स्वामी सब दोषक हारी,
वचन सुनत तम नासे, शब्द सुनत भ्रम नासे, सब संशय टारी। स्वामी जय...
तन, मन, धन सब अर्पण, गुरु चरणन कीजै, स्वामी दाता अर्पण कीजै,
सदगुरु देव परमपद, सदगुरु देव अचलपद, मोक्ष गती लीजै। स्वामी जय...
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साहिब बन्दगी
आरती
आरति करहुँ संत सद्गुरु की, सद्गुरु सत्यनाम दिनकर की।
काम, क्रोध मद, लोभ नसावन, मोह रहित करि सुरसरि पावन।
हरहिं पाप कलिलमल की, आरति करहुँ संत सद्गुरु की ॥ सद्गुरु...
तुम पारस संगति पारस तब, कलिलमल ग्रसित लौह प्राणी भव।
कंचन करहिं सुधर की, आरति करहुँ संत सद्गुरु की ॥ सद्गुरु...
भुलेहुँ जो जिव संगति आवें, कर्म भर्म तेहि बाँधि न पावें।
भय न रहे यम घर की, आरति करहुँ संत सद्गुरु की ॥ सद्गुरु...
योग अग्नि प्रगटहिं तिनके घट, गगन चढ़े श्रुति खुले वज्रपट।
दर्शन हों हरिहर की, आरति करहुँ संत सद्गुरु की ॥ सद्गुरु...
सहस्र कैवल चढ़ि त्रिकुटी आवें, शून्य शिखर चढ़ि बीन बजावें।
खुले द्वार सतघर की, आरति करहुँ संत सद्गुरु की ॥ सद्गुरु...
अलख अगम का दर्शन पावें, पुरुष अनामी जाय समावें।
सद्गुरु देव अमर की, आरति करहुँ संत सद्गुरु की ॥ सद्गुरु...
एक आस विश्वास तुम्हारा, पड़ा द्वार मैं सब विधि हारा।
जय, जय, जय गुरुवर की, आरति करहुँ संत सद्गुरु की ॥ सद्गुरु...