यजुर्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Yajurveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
विश्व बुक्स द्वारा प्रकाशित अन्य वेद
भारतीय साहित्य एवं संस्कृति में वेदों की मान्यता चिरकाल से चली आ रही है. ऋग्वेद जहां विश्व की
सब से प्राचीन पुस्तक है, वहीं यजुर्वेद, सामवेद व अथर्ववेद को इस का पूरक माना जाता है.
ऋग्वेद आर्यों एवं भारतीयों की ही नहीं, विश्व की सब से प्राचीन पुस्तक है. इस का अनुवाद सायण
भाष्य पर आधारित है.
सामवेद को वेदत्रयी ( ऋक्, यजु और सामवेद ) में गिना जाता है. गीता में उपदेशक कृष्ण ने ‘वेदानां
सामवेदोऽस्मि’ कह कर सामवेद की विशिष्टता की ओर संकेत किया है.
अथर्ववेद में लौकिक जीवन से संबंधित औषधियों, जादू, टोनोटोटकों आदि का विस्तृत वर्णन किया
गया है.
अतः सभी वर्गों के पाठकों के लिए मंत्रों सहित चारों वेदों का सायण भाष्य पर आधारित सरल, सरस
एवं सुबोध हिंदी अनुवाद पाठकों के समक्ष प्रस्तुत है.
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सामवेद
ऋग्वेद ॥ सामवेद ॥ वेद ॥ अथर्ववेद ॥
द ॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद ॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद ॥ यजु
ऋग्वेद ॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद ऋग्वेद ॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद ॥
॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद ॥ यजुवे वेद ॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद ॥ य
वेद ॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद ॥ यजु ॥ ऋग्वेद ॥ सामवेद ॥ अथर्ववे
गवेद ॥ अथर्ववेद ॥ यजुर्वेद ॥ ऋग्वेद ॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद
सामवेद ॥ अथर्ववेद ॥ यजुर्वेद ॥ ऋग्वेद ॥ सामवेद ॥ अ
अथर्ववेद ॥ यजुर्वेद ॥ ऋग्वेद ॥ सामवेद ॥
र्णवेद ॥ यजुर्वेद ॥ ऋग्वेद ॥
॥ अथर्ववेद ॥ यजुर्वेद ॥ ऋग्वेद ॥ सामवेद ॥ अ
सामवेद ॥ अथर्ववेद ॥ यजुर्वेद ॥ ऋग्वेद ॥ सामवेद ॥ अ
सामवेद ॥ अथर्ववेद ॥ यजुर्वेद ॥ ऋग्वेद ॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद ॥
वेद ॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद ॥ य ॥ ऋग्वेद ॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद
२॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद ॥ यजु वेद ॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद ॥ यजु
ऋग्वेद ॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद वेद ॥ सामवेद ॥ अथर्ववेद ॥
द ॥ सामवेद ॥ अथर्ववे गवेद ॥ अथर्ववेद ॥ यजु
ऋग्वेद ॥ सामवे वेद ॥ अथर्ववेद ॥
डा. रेखा व्यास
एम.ए. (संस्कृत), पी-एच.डी.