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रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)

Rasaratna Samuchchaya Hindi

रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा

स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)

DevanagariHindipublished362 पृष्ठ

प्रथमोऽध्यायः। ४१

प्रथमोऽध्यायः। ४१

ट्यूनिस ( Tunis )

एलजीरिया के समान यहां भी अनेक प्रकार के खनिजों के साथ हिङ्गुल का जमाव मिलता है।

अपर सेनेगल और नीगर ( Upper Senegal and Neger )

इस देश के बम्बोक ( Bambouk ) प्रान्त में पारदीय खनिज मिलते हैं।

नार्थ अमेरिका ( North America )

उत्तर अमेरिका के पारदीय खनिज अलस्का ( Alaska ) से सेन्ट्रल अमेरिका ( Central America ) तक कार्डिलेरनरीजन ( Cardilleranregion ) में प्राप्त होते हैं।

होन्डुरस ( Honduras )

होन्डुरस के प्रजासत्तात्मक राज्य में पारदीय खनिजों का होना चिरकाल से विदित है। सन् १९०९ ई० में १३८ फ्लास्क पारद की निकासी हुई है। स्पेनिश लोगों के राज्यकाल में उत्तम हिङ्गुल का जमाव कोमायागुआ ( comayuga ) विभाग में रहा किन्तु फिर उसका उपयोग न हीं किया गया।

मेक्सिको ( Mexico )

मेक्सिको में सर्वत्र पारदीय खनिजों का जमाव पाया जाता है किन्तु मुख्यतः सान लुइस पोटासी ( San Louis Potasi ) और ग्वरेरो ( Guerrero ) राज्य में पाये जाते हैं।

यहां के सब पारदीय खनिज ज्वालामुखी के उद्गम स्थानीय उष्ण स्रोतों की रासायनिक क्रिया से उत्पन्न हुए विदित होते हैं। इस देश में रक्तहिङ्गुल, कृष्णहिङ्गुल और रसपुष्प ( केलोमल ) व प्राकृतिक पारद बहुतायत से पाये जाते हैं।

यूनाइटेड स्टेट्स ( United States )

प्रायः सारे युनाईटेड स्टेट्स आफ अमेरिका में पारदीय खनिज पाये जाते हैं। संसार में स्पेन के उपरान्त कैलिफो-र्निया का नम्बर दूसरा है। इस देश में रक्तहिङ्गुल, कृष्णहिङ्गुल, रसपुष्प (कोलोमल) और प्राकृतिक पारद प्रायः सहयोग में मिलते हैं। पारदीय अन्य खनिज भी साधारणतया इस देश में यत्र तत्र मिल जाते हैं। अमेरिका के संयुक्त राज्यके पारदीय खनिज हल्की जाति के हैं। इनमें पारद ः५% फीसदी निकलता है। सन् १९१८ के उपरान्त पारद का मूल्य गिर जाने से और खान के व्यवसाय का व्यय बढ़ जाने से यहां के पारद की निकासी पर बुरा प्रभाव पड़ा है। जिससे सन् १९२१ में ६३३९ फ्लास्क ही पारद निकाला गया। यह मात्रा सन् १९२० की अपेक्षा अधिक है और सन् १९१२ से १९१९ तक की अपेक्षा चतुर्थांश के लगभग है और जो सन् १८५० से अब तक की निकासी को देखने से सब से अल्प मात्रा मानी

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जाती है। इस निकासी में भी टेक्सास से ३१ फ्लास्क, केलिफोर्निया से ३०९१, नवाडा से १०० और इहाडो से १ फ्लास्क पारद निकला है। सन् १९१७ से अलस्का और एरिजोना से पारद बिलकुल नहीं निकाला गया। इसी प्रकार इहाडो से सन् १९१९ और १९२० में औरेगन से १९२१ में एक दम पारद की निकासी नहीं हुई।

अलस्का ( Alaska )
इस प्रदेश में जार्ज टाउन ( GeorgeTown ) के १५ मील ऊपर नदी के उत्तरी किनारे पर १९०६ में हिङ्गुल के अस्तित्व का पता लगा है और वहां पारद निकालने का कार्य प्रारम्भ किया गया।

यहां पर स्टिबनाइट ( Stibnite ), स्फटिक ( quarty ), साइडराइट ( Side-rite ) आदि खनिज के सहयोग में हिङ्गुल पाया जाता है। स्टिबनाइट ( एन्टिमनि सल्फाइड ) और हिङ्गुल मालूम होता है कि साथ ही साथ भूगर्भ से निकल कर जमा हुए हैं; क्योंकि ये एक दूसरे पर जमे हुए पाये जाते हैं। कहीं पर स्टिबनाइट पर हिंगुल जमा हुआ मिलता है तो कहीं पर स्टिबनाइट हिङ्गुल पर। जहां पर ये खनिज प्राप्त होते हैं वह स्थान दुर्गम होने के कारण पारद निकालने का कार्य बन्द सा रहा तथापि सन् १९१९ में वहां पर नवीन पद्धति से कार्य प्रारम्भ किया गया और जो माल निकला वह वहां के ही व्यवसायियों के हाथ बेच दिया गया। इसी नदी के बहाव की तरफ १०० मील नीचे की ओर एक स्थान पर हिंगुल पाया गया है। किन्तु वहां पर भी पारद निकासी का कार्य अब तक प्रारम्भ नहीं हुआ है। इसके अतिरिक्त भी अन्य कई स्थानों में हिंगुल पाया जाता है और सैकड़ों पाउण्ड निकाला जा सकता है। नोमे सीवार्ड पेनिन्सुला ( Nome seward peninsule ) से लगभग ६० मील की दूरी पर 'पलेसर माइनिङ्ग डेनियल क्रीक' नामक स्थान है वहाँ पर एकत्रित संगृहीत रूप से अच्छी मात्रा में हिंगुल मिलता है। इसी ज़िले में एक स्थान और है जिसे 'फ्लेसर्स आफ ऐरन क्रीक' कहते हैं वहां पर हिंगुल का जमाव अधिक मात्रा में है।

एरिज़ोना ( Arizona )
इस प्रदेश में ६ मील तक लम्बे और ११ मील तक के चौड़े फैलाव में पारदीय खनिज पाये जाते हैं। जिस भाग में हिंगुल मिलता है वह ३०० से ५०० फीट की दूरी पर क्षेत्र रूप से विभक्त है। पारद निकालने का सारा कार्य खनिज की अधिकता को देख कर बीच के भाग में प्रारम्भ हुआ है। यहां पर हिङ्गुल पृथ्वी की शिरा और छोटे ३ गर्त व खण्डहरों में पाया जाता है। कभी कभी रौप्यमाक्षिक, सुवर्णमाक्षिक, गरिक आदि के साथ में भी हिंगुल मिल जाता है। एक स्थान पर ३ मील चौड़ा हिंगुल प्राप्ति का क्षेत्र है, जहां पर कृष्ण और रक्त दोनों प्रकार का हिंगुल, स्फटिक,

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सुधापाषाण, गैरिक आदि की भूमि में पाया जाता है। सन् १९१७ में ४० फ्लास्क पारद इस प्रदेश से निकला था।

केलिफोर्निया ( California )

सन् १८५० से १९२१ तक केलिफोर्निया पारद निकालने का प्रधान देश रहा है। यहां से २२६११८१ फ्लास्क या ७६२९३ मेट्रिक टन्स पारद वार्षिक निकलता है यह मात्रा प्रसिद्ध स्पेनदेशीय अल्माडन की खानों की निकासा से ५० वर्ष की पारद की पैदाइश के बराबर है। किसी कारण वश केलिफोर्निया की अपेक्षा टेक्सास की पारद की निकासी सन् १९२१ में अधिक रही है। लगभग ८०% फीसदी अमेरिका के संयुक्त राज्य की पैदाइश १० खानों से हुई है। इन खानों में मुख्य न्यूएल्माडन की खान है जहां से सन् १८५० से १९१७ ई० तक १०२११८६३ फ्लास्क पारद निकला है। इस से दूसरे नम्बर पर न्यू इड्रिया की खाने हैं, जहां से सन् १८५८ से १९१७ तक ३०६४७५ फ्लास्क पारद की निकासी हुई है। तीसरा नम्बर ओटहिल का है यहां से सन् १८७६ से १९१७ ई० तक १५२०६६ फ्लास्क पारद की निकासी हुई है। केलिफोर्निया का पारदीय खनिज प्राप्ति का स्थान ४०० मील लम्बा और ७५ मील चौड़ा है और यहां पर प्राचीन व अर्वाचीन ज्वालामुखी के उद्गम चिह्न अनेक पाये जाते हैं। सन् १९१९ ई० में पारदीय खानों के मुख्य जिले सानबेनीटो, न्यू इड्रिया, माइन्स ( San Benito, New Idria Mines ), सान्टा क्लेरा ( Santa clara ), सोनोमा ( Sonoma ), सान लुइस ओबिस्पो (San Luis obispa), नापा (Napa) और लेक ( Lake ) गिने जाते हैं।

कार्न कौन्टी ( Karn county )

कार्न कोन्टीं नाम के प्रान्त में पारदीय खनिज प्राप्ति का जो स्थान है वह केलिफोर्निया के ज्ञात पारदीय खनिज प्राप्ति स्थान से भिन्न है। यहां का कारखाना हाल ही के शोध का फल है। यहां की गहराई केवल ३० फीट ही भूगर्भ में है। यहां से पारद की निकासी हुई है, किन्तु उसका ब्योरा उपलब्ध नहीं है। ग्रेट वेस्टर्न नामक खान से सन् ३८११ से १९०९ तक ९८३१६ फ्लास्क पारद निकाला गया। बाद को यह खान बन्द कर दी गई है। प्रसिद्ध सल्फर-बेङ्क नामक गन्धक की खान से जहां पहिले केवल गन्धक की ही निकासी होती थी ७२४०० फ्लास्क पारद निकाला गया है। यहां के स्रोत के जल से जो गैसें निकली हैं वे कार्बोनिक एसिड, सल्फ्युरेटेड हाइड्रोजन, सल्फर डाई ओक्साइड और मार्श गैस हैं। इन जलों में कार्बोनेट्स, बोरेटस, सोडियम् क्लोराइड ( नमक ), पोटासियम् क्लोराइड, अमोनियम् क्लोराइड ( मोसादर ), व अल्कलाइन सल्फाइड घुले पाये जाते हैं। हिङ्गुल विकृत बेसाल्ट नामक ज्वालामुखी पाषाण खण्डों के तले पाया जाता है जो किसी

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स्थान पर दानेदार और किसी स्थान पर मृत्तिकाकृति का हिङ्गुल जमा मिलता है। यहां के हिङ्गुल के सहयोग में गन्धक, ओपल, स्फटिक और रौप्यमाक्षिक पाये जाते हैं। बेकर (Becker) का कथन है कि सल्फर बैंक के अन्तराल को खान केलिफोर्निया के प्रधान पारदीय खानों के मुकाबले की है।

१९१७ में सल्फर-बैंक नामक खानों का माल ८००,००० टन बाष्प यन्त्रों से पीसा गया था और सब से अधिक पारद इस देश से सन् १९१८ में निकाला गया, किन्तु सन् १९१९ में फिर पारद की निकासी नाम शेष रह गई। लेक ज़िले में पारद निकालने के स्थान सेन्ट जोन्स (St Johns) और हेलन (Helen) हैं। नापा ज़िले में सन् १८६३ से १९१९ तक ३३८९११ फ्लास्क पारद की निकासी हुई। इस के अतिरिक्त कोरोना ((Corona), नाक्से विल (Knox ville), मनहाटन (Manhattan) नामक खानों में भी रक्त हिङ्गुल, कृष्ण हिङ्गुल, रौप्यमाक्षिक, गन्धक, स्टिबनाइट के साथ पाया जाता है, किन्तु सन् १९२० से इन खानों का व्यवसाय बन्द है। ओट हिल (oat Hill) की खान में रेणुशिला के अन्दर जमा हुआ हिङ्गुल पाया जाता है। सन् १८७६ से १९१७ तक १९२५६६ फ्लास्क पारद की निकासी हुई है। सानबेनिटो (San Benito) ज़िले में ३३४२५९ फ्लास्क पारद सन् १८६५ से १९१९ तक निकाला गया। अमेरिका के संयुक्त राज के पारद निकासी का यह ज़िला सब से अधिक उपजाऊ समझा जाता है। न्यू इड्रिया की खान से इस स्टेट के सब पारद निकासी की अपेक्षा आधा पारद निकाला गया है। न्यू इड्रिया की खान में अधिकतर कृष्ण हिगुल पाया जाता है। यहां पारद प्राप्ति का स्थान २।। मील के फैलाव में है। १५-२० मील भूगर्भ के अन्तराल में खुदाई का काम हो रहा है। सान, लुइस, ओबिस्पो जिलों (San Luis obispo country) में वहां के आदिमनिवासी (Indians) शताब्दियों से हिङ्गुल को रङ्ग के काम में उपयोग करते हैं। व्यापारियों ने सब से प्रथम सन् १८६२ में इस स्थान के खान की रक्षा की और सन् १८७६ से १९१८ तक ४९६०० फ्लास्क पारद निकला।

क्लो (Klau) नामक खान से १४२१३ फ्लास्क पारद निकाल कर सन् १९१६ में काम बन्द कर दिया गया था और फिर सन् १९१९ में प्रारम्भ हुआ। यहाँ पर हिङ्गुल स्फटिक और रौप्य माक्षिक के सह योग में पाया जाता है।

ओसीनिक (Oceanic) नामक खान से १९१७ के अन्त तक २३५५१ फ्लास्क पारद निकाला गया था। इस ज़िले में केवल इसी खान से सन् १९१८ में १४६० फ्लास्क पारद की निकासी हुई। यहां की भूमि मे हिङ्गुल एकसा सर्वत्र पाया जाता है। यहां सन् १९१९ में पारद का एक ओर खनिज १५० फुट की गहराई पर पाया गया है।