रसरत्नसमुच्चय (सुरत्नोज्ज्वला हिन्दी व्याख्या सहित)
Rasaratna Samuchchaya Hindi
रस-वाग्भटाचार्य (टीकाकार: पं. अम्बिकादत्त शास्त्री) द्वारा
स्रोत: Rasaratna Samuchchaya with Suratnojjvala Hindi Commentary by Pt. Ambika Datta Shastri (1939) (उद्गम)
प्रथमोऽध्यायः। ३५
प्रथमोऽध्यायः। ३५
द्रव्य ज्ञान के बिना शुद्ध औषधि बनाना अत्यन्त कठिन हो गया है; जिसका फल यह हो रहा है कि शास्त्रोक्त गुण, प्रभाव औषधियों में नहीं देखे जाते हैं। इसी कठिनाई को दूर करने के लिये पारद के समस्त प्राप्य खनिजों का वर्णन कर दिया गया है।
पारदीय खनिज प्राप्ति के स्थान
ब्रिटिश बोर्नियो ( British Borneo )
इस प्रान्त में रक्त हिङ्गुल ( हंसपाद ), प्राकृतिक पारद और रसपुष्प ( कैलोमल Calomel ) अल्प मात्रा में पाया जाता है।
भारतवर्ष ( इण्डिया India )
यहां अब तक कोई निश्चित स्थान पारद या उसके खनिजों की प्राप्ति का विदित नहीं हुआ है। अभी हाल ही में चित्राल ( पंजाब ) की नदी की रेत में हिङ्गुल के अस्तित्व का पता लगा है। यह स्थान सावधानी पूर्वक सुरक्षित कर दिया गया है ( मानोग्राफ ऑनमर्क्युरी ओर्स पृष्ठ १२ )
इसके अतिरिक्त अदन ( Aden ), अफ़गानिस्तान ( Afghanistan ), अण्डमन आइलेण्ड ( Andaman Islands ) बर्मा ( Burma ), तिब्बत ( Tibet ) आदि पार्श्ववर्ती देशों में भी हिङ्गुल के मिलने की सन्दिग्ध सूचनाएँ समय समय पर प्रकाशित हुई हैं।
( बिब्लोग्राफी भाग २ पृष्ठ ३६३ )
अफ़्रीका ( Africa )
न्यासालेन्ड ( Nyasaland ) नामक स्थान में पारद का होना बताया गया है। किन्तु उसकी ब्योरेवार रिपोर्ट अभीतक प्रकाशित नहीं हुई है।
यूनियन आफ् साउथ अफ्रिका ( Union of South Africa ) ट्रान्सवाल जिले में स्फटिक के साथ मिला हुआ हिंगुल पाया जाता है। एवं इसी देश के अन्य स्थानों में गेलेना ( Galena ) or Lead Sulphide-लेड सल्फाइड) यशद (Zinc), स्फटिक, रेणुशिला आदि के साथ में मिलता है। एक स्थान पर प्राकृतिक पारद सुवर्ण के साथ भी पाया जाता है।
उत्तरीय अमेरिका ( North America )
केनाडा ( Canada ) के सब प्रान्तो में भिन्न भिन्न जातीय खनिज पाषाण और उष्ण स्रोतों में प्राकृतिक पारद और हिंगुल पाया जाता है।
आस्ट्रेलिया ( Australia )
इस देश में हिंगुल और प्राकृतिक पारद अनेक स्थानों में पाया जाता है। सन् १८९२ तक केवल क्वीन्सलेन्ड ( Queensland ) से १३७०० पाउण्ड (१ पाउण्ड आधा सेर के बराबर होता है ) पारद निकाला गया है। यहां ज्वालामुखी पाषाणों में भी
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अधिकतर पारदीय खनिज मिलते हैं । पारद के खनिज निकालने के लिये यहां अनेक कूप खने गये हैं, जिनकी गहराई ५० से २४० फीट तक है ।
पापुआ ( Papua )
इस देश में भी पारद के खनिज पाए जाते हैं। किन्तु अभी तक पारद निकालने का काम प्रारम्भ नहीं हुआ है इसलिये यहां के खनिजों का व्यवहारिक मूल्य का पता नहीं लग सकता है ।
न्यूज़ीलैण्ड ( New Zealand )
इस देश में सोना, चांदी, माक्षिक आदि खनिजों के साथ अनेक स्थानों में पारदीय खनिज पाये जाते हैं । सन् १९१७ से १९२० ई० तक ५०० फ्लास्क पारद पुही पुही (Puhi Puhi) नामक स्थान से निकाला गया था । इस देश के एक स्थान पर उष्ण-स्रोत में हिंगुल प्राकृतिक गन्धक के साथ अन्य खनिजों के सहयोग में पाया जाता है ।
अल्वेनिया ( Albania )
यह विदित हुआ है कि इस देश में भी पारद के खनिज हिंगुल और प्राकृतिक पारद पाये जाते हैं । किन्तु ब्योरा अभी तक मालूम नहीं हो सका है ।
जोकोस्लोवेकिया ( Czechoslovakia )
इसके दो तीन प्रान्तों में हिङ्गुल, पारद-मिश्रक (Amalgam) माक्षिक, स्फटिक आदि के साथ पाया जाता है । खड़िया के रूपान्तरित स्लेट और लावा के तर ( Sheet ) के बीच में हिगुल, गेलेना और यशद भी पाये जाते हैं ।
फ्रान्स और कार्सिका ( France and corsica )
इस देश के अनेक प्रान्तों में हिङ्गुल और प्राकृतिक पारद चूने ( calcite ) की भूमि में माक्षिक, स्फटिक, यशद, खर्पर ( Calarmine ), गेलेना ( Galena ) पारदीय मिश्रक ( Amalgam ), एन्टिमनि, गन्धक, आर्सेनिक, प्लेटिनम् ( Plati-num ) आदि के साथ पाया जाता है । इस में प्लेटिनम् का अल्पांश ही मिलता है ।
जर्मनी ( Germany )
जर्मनी में पारद के खनिज अधिक नहीं प्राप्त होते हैं । जितने भी अब तक प्राप्त हुए थे वे सब काम में आगये हैं । तथापि किसी किसी स्थान विशेष पर अनेक अन्य खनिजों के साथ धागे की शकल के तार से हिङ्गुल के रेशे पाये जाते हैं । एक स्थान पर फोसिल मछियों में भी हिङ्गुल जमा हुआ पाया गया है ।
इस के अतिरिक्त प्राकृतिक पारद, रजत मिश्रक ( silver amalgam ), केलोमल ( रसपुष्प ), मेटे सिन्नावार ( कृष्ण हिङ्गुल ), मर्क्युरियल फेहलोर ( Mercurial Fehlore ताम्र मिश्रक ) भ. पाये जाते हैं । इन के साथ साथ माक्षिक, रक्त और पीत गैरिक, साइडराइट ( Siderite ), सुरमा ( Gelena ), टेट्रा हीड-
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राइट ( Tetrahedrite ) सुवर्ण-रौप्यमाक्षिक, स्फटिक, एन्टिमनि, अयस्कान्त ( Pyrolusite ), सिलो मेलेन, ( Psilomelane ) आदि खनिज भी मिलते हैं । एक स्थान पर २७०० फुट और दूसरे स्थान पर १२०० फुट की बिस्तृत भूमि पर फैले हुए पारदीय खनिज पाये गये हैं । राइनलेन्ड ( Rhinland ) के ज़िले में ९० फ्लास्क पारद प्रतिवर्ष यशद खनिज के साथ निकलता है ।
हङ्गरी ( Hungary )
महायूद्ध के पूर्व हङ्गरी में वार्षिक ९० टन पारद निकलता था । अब उस के प्रान्त बदल गये हैं । हङ्गरी में एन्टिमनि के साथ पारदीय खनिज पाये जाते थे, जहां तक विदित हुआ है आज कल इस देश में पारद निकलने का व्यवसाय नहीं होता है ।
इटली ( Italy )
इटली में सर्वत्र पारदीय खनिज प्राप्त होते हैं । वहां पर कई एक पुरानी बड़ी बड़ी खानें हैं । पारदीय खानों का प्रबन्ध राजकीय तरफ से किया जाता है । इटली में पारद के मुख्य चार खनिज पाये जाते हैं ।
१—स्टील और दैस्ट्येन्डरफ ( Steel orestahlerz ) ।
इस में ७५ फीस दी पारद मिलता है।
२—लोवर ओर ( Liverore--Lebererz ) यकृदाकार हिङ्गुल या दरदः । यह मृत्तिका जाति का हिङ्गुल है। इस पर स्टेह लर्ज ( Stehlerz ) का कञ्चुक ( Kernels ) चढ़े रहते हैं ।
३—कोरे लाइन ( Coralline = corallenerz )
प्रवालाभ हिङ्गुल ( श्वेतेरेखः प्रवालाभः )
४—ब्रिक ( Brickore ) और गिरि सिन्दूर या रक्त हिङ्गुल ( जपाकुसुमसदृकाशः हंसपादो महोत्तमः ) यह पारदीय खनिजों के किनारे पाया जाता है । सम्भवतः इसी प्रकार के खनिजों को देखकर ऊपर के वाक्य प्राचीनों ने लिखे हैं । इटली के इड्रिया ( Idria ) नामक स्थान में सब से पुरानी पारद की बड़ी खाने हैं । इन खानों में एक स्थल पर फन्नेल (Funnel) की शक्ल के पाइप (नल या छिद्र) हैं । सम्भव है एसे ही कूपाकार छिद्र देख कर इस ग्रन्थ ( रसरत्न समुच्चय ) में 'जाताः कूपाश्च पञ्च च' वाक्य किसी महर्षि ने लिख दिये हों । इस विषय में मानो ग्राफ आफ मर्करी के पृष्ठ ४९ का निम्न लिखित अवतरण ध्यान में रखने योग्य है—
In the Immediately neighbouring rock are several funnel-shaped cavities also filled with metallif erous sands and Clays. The proportion of cinnabar mereasing with the depth.
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These funnel-shaped cavities appear to bear some analogy to the vertical pipes or holes (Trajas) in Gypsum-at the mercury mines of Huitzuco,-Gnerrero, Mexico. Broadly Speaking, the hole deposit forms a large funnel the position of which is marked on the surface By a distinct depression.
पोर्तुगाल ( Portugal )
कुछ वर्षों से इस देश में भी पारद की निकासी होने लगी है।
रूमानिया ( Rumania )
इस प्रदेश के जलाटना ( Zalatna ) नामक स्थान के पारदीय खनिजों से पारद निकालने का व्यवसाय किया जाता था। किन्तु व्यवसाय लाभ प्रद न होने के कारण प्रायः बन्दसा हो गया है।
रस्सिया ( Russia )
योरोप और एशिया के अन्दर युक्रेन ( Ukraine ) सहित इस देश में सन् १८९७ में ६१६ मेट्रिक टन पारद निकला था। सन् १९१० में तीन चार सौ मेट्रिक टन के लग भग पारद की निकासी हुई और उसके एक ही वर्ष के बाद सन् १९११ में केवल २६ मेट्रिक टन की उपज रह गई। अब बहुत अल्पमात्रा में इस देश में पारद का रोजगार होता है। सारे एशिया में हिङ्गुल, प्राकृतिक पारद आदि पारदीय खनिज प्राप्त होते हैं। माक्षिक, एन्टिमनी, गन्धक, गेलेना, स्फटिक, चूना आदि खनिजों के साथ साथ व पत्थर के कोयले के साथ भी हिङ्गुल मिला पाया जाता है।
स्केण्डिनेविया ( Scandinavia )
यहां पर प्राकृतिक रजत के साथ पारद् पाया जाता है। स्वीडन के साला ( Sala ) नामक स्थान पर पारदीय रजत-मिश्रक ( Silver Amalgam ), प्राकृतिक पारद और किसी किसी स्थान पर अल्प मात्रा में हिङ्गुल भी पाया जाता है।
स्पेन ( Spain )
इस समय संसार में स्पेन देशीय अलमाडन ( Almadan ) नामक स्थान की पारदीय खनिजों की खानें सर्व प्रधान हैं। संसार की पारद की माँग एक तिहाई इसी की खानों से पूरी होती है। इस स्थान की खानों में विशेषता यह है कि गहराई के साथ साथ ऊँचे दर्जे के उत्तम पारदीय खनिज निकलते जाते हैं। इस समय तक १३०० फुट की गहराई की खानें खुद चुकी हैं। इस देश में शताब्दियों से पारद् निकालने का व्यवसाय हो रहा है। यहां का मुख्य खनिज पारद निकालने योग्य रक्त हिङ्गुल ( cinnabar ) ही अधिकता से मिलता है। यह हिङ्गुल बहुत तेज लाल रङ्ग का
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होता है ( Cinnabar of Bright Red colour ) यहाँ से सम्भवतः रसशास्त्रियों का "जपाकुसुम सङ्काशो हंसपादो महोत्तमः" इस प्रकार का हिङ्गुल आता रहा है । यहाँ शुद्ध रवेदार हिङ्गुल अल्पमात्रा में पाया जाता है । जितना भी मिलता है वह स्फटिक, माक्षिक और बराइट के रवोंके साथ में मिलता है । ढेले की शक्ल का हिङ्गुल जिसमें ७५ से ८५ फीसदी पारद रहता है बहुतायत से पाया जाता है । इसके सहयोग में अन्य खनिज बहुत कम मिलें पाये जाते हैं । प्राकृतिक-पारद, केलोमल, बहुत कम मात्रा में मिलता है । स्पेन के एक प्रान्त में रक्त और कृष्ण हिङ्गुल, हरिताल, मनः शिला, आर्सेनिक ( Arsenic ), सुधा पाषाण ( Lime Stone ), रेणु पाषाण ( Sand stone ) आदि के साथ में पाया जाता है ।
अल्माडन की खानों में सन् १५६४ ई० से १९१९ ई० तक नीचे लिखो सारणी के अनुसार पारद की निकासी हुई है ।
| समय | मेट्रिक टन्स | वार्षिक निकासी |
|---|---|---|
| १५६४-१७०० | १७८६३ | १०३ |
| १७००-१८०० | ४२१४९ | ४२१ |
| १८००-१८७६ | ६०१६ | ८०२ |
| १८७६-१९१९ | ४३००० (अनुमान) | १००० (अनुमान) |
युगोस्लेविया ( Yugoslavia )
इस स्टेट में बोसनिया ( Bosnia ), सर्विया ( Servia ), स्लोवेनिया कार्नियुला ( Slovania-Carniala ) प्रान्तों में मुख्यतः पारद के खनिज पाये जाते हैं ।
एशिया माइनर ( Asiaminor )
इस देश में ३००० वर्षों से पारद निकालन का व्यवसाय हो रहा है। सन् १९०६ और १९०७ में वार्षिक ३००० फ्लास्क पारद कोनिया और केरो बुरम माइन्स् (खान) ( Konia And Karo Burum Mines ) में निकला था । इसी प्रकार एनाटोलिया ( Anotolia ) में ४००० से ५००० फ्लास्क प्रतिवर्ष निकलता रहा है । सन् १९०९ में तुर्क स्थानीय ( Turkish ) पारद की निकासी १४२ टन्स ( ३७८६ फ्लास्क ) हुई थी । महायुद्ध के समय एशियाटिक तुर्की की पारदीय खानें जर्मनी के अधिकार में आगई थीं ।
चाइना या चीन ( China )
चीन के अनेक स्थानों में पारदीय खनिजों के मिलने की सूचनायें समय समय पर प्रकाशित होती रही हैं । इस समय केवल युआनशानचङ्ग (yuanshanchang) नामक स्थान की खाने ही प्रसिद्ध हैं । यहां पर दो प्रकार का हिङ्गुल पाया जाता है । एक का रङ्ग तेज लाल ( Bright Red ) और दूसरे का गहरा लाल ( Dark Opequered ) होता है । यहां बहुत ही प्राचीन प्रणाली से हिङ्गुल एकत्रित किया
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जाता है। एवं इसे इंगुर ( Vermillion ) के रूप में ही तैयार करते हैं, जिसका स्थानीय व्यापारी रङ्गसाज़ी में उपयोग करते हैं। प्राचीन काल में इसी प्रकार के हिङ्गुल के व्यापार के कारण भारतीय रस शास्त्रियों ने 'चीन पिष्ट' और चूर्णपारदः पर्याय शब्द रखकर हिङ्गुल के चीन सम्बन्धी व्यापार को चिरस्मरणीय बना दिया है। चीन में सन् १९०६ ई० के पूर्व अनेक वर्ष तक प्रति वर्ष ६४० फ्लास्क पारद निकलता रहा है। सन् १९१८ ई० में ६४६८०० पाउन्ड पारद चीन से निकला था।
जापान ( Japan )
वर्तमान समय में जापान में केवल एक स्थान की खानें पारद निकालने के लिये खनी जा रही हैं। यहां पर हिङ्गुल चूने के पाषाण ( Calcite ) और रेणु शिला के साथ पाया जाता है।
न्यूकेलेडोनिया ( New Caledonia )
न्यूकेलेडोनिया के बोरेल ( Bourail ), केनाला ( Canala ), कोनो आना ( Konaona ) और पिवाका ( Piwaka ) नामक स्थान पर पौने-दो से सवा-दो फीसदी पारद निकालने वाले खनिज प्राप्त होते हैं, किन्तु आजकल यहां पर पारद की निकासी का कारोबार बन्द है।
फारस ( Persia ) पर्सिया
प्राचीन समय से ही फारस में पारदीय खनिजों का होना विदित था। तख्तई-सुलेमान ( Takht-i-Suleiman ) नाम के प्रदेश के ज़िलों में हिङ्गुल, प्राकृतिक पारद, पत्र हरिताल, और मनः शिला मिलते हैं। हरिताल और मनः शिला पर्सियन कुर्दिस्तान ( Persian Kurdistan ) नामक स्थान पर भी पाये जाते हैं।
अफ्रीका ( Africa )
अफ्रीका के एलजीरिया ( Algeria ) नामक स्थान से कुछ समय पूर्व थोड़ा पारद विदेशों में भेजा गया था। इस देश में यशद रजत युक्त स्रोतोञ्जन ( Argenti Ferous ), खर्पर (Calamine) नीलाञ्जन ( Antimony ) आदि के साथ में हिङ्गुल पाया जाता है।
एलजीरिया ( Algeria ) के अतिरिक्त बीर-बेनी-सोलाह ( Bir-Beni-sulah ) नामक स्थान में जो कोलो ( Collo ) से ६ माईल की दूरी पर है गेलेना के साथ में हिङ्गुल मिलता है। और भी अफ्रीका के अनेक प्रदेश हैं जिन में गेलेना या यशद के साथ हिङ्गुल पाया जाता है। कहीं कहीं स्वतन्त्र रूप से भी हिङ्गुल मिलता है।
इटालियन सोमेलिलेण्ड ( Italian Somaliland )
इस देश के उत्तरी भाग में हिङ्गुल होने की सूचना प्रकाशित हुई है।