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सर्वकोश
सर्वार्थसिद्धि: तत्त्वार्थसूत्र (आचार्य पूज्यपाद - पं. फूलचन्द्र सिद्धान्तशास्त्री सविस्तार हिन्दी टीका)

सर्वार्थसिद्धि: तत्त्वार्थसूत्र (आचार्य पूज्यपाद - पं. फूलचन्द्र सिद्धान्तशास्त्री सविस्तार हिन्दी टीका)

Sarvarthasiddhi of Acharya Pujyapada on Tattvartha Sutra with Commentary

आचार्य उमास्वामी / पूज्यपाद (टीकाकार: पं. फूलचन्द्र सिद्धान्तशास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished558 पृष्ठ

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४१० सर्वार्थसिद्धि
बह्वारम्भ••••••••॥१५॥
§. ६३८
२५०. ८ अजस्रं—अनवरतम् ।
अल्पारम्भ••••••••॥१७॥
§. ६४२
२५१. ४ तद्व्यासः—प्रपञ्चः ।
सरागसंयम••••••••॥२०॥
§. ६४८
२५२. ५ चारकनिरोधबन्धनबद्धेषु चारकेण बन्धन
विशेषेण निरोधबन्धनबद्धेषु—गाढबन्धनबद्धेषु ।
तद्विपरीत••••••॥२३॥
§. ६५४
२५३. १२ संभ्रमसद्भावोपनयन संभ्रमः—आदरः,
सद्भावेन—अमायया उप—समीपे गमनम् ।
दर्शनविशुद्धि••••••॥२४॥
§. ६५६
सत्कारः पूजा । अनिर्गृहीतवीर्यस्य प्रकटीकृतस्व-
सामर्थ्यस्य ।
२५४. ७ प्रत्यूहे विघ्ने ।
इति षष्ठोऽध्यायः ।
हिंसानृत••••••••॥१॥
§. ६६४
संभिन्नबुद्धिः विपरीतम