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संतति शास्त्र
Santati Shastra
पं० अयोध्याप्रसाद भार्गव द्वारा
स्रोत: Santati - Shastra · काशी, भार्गव पुस्तकालय (उद्गम)
Devanagarihipublished302 पृष्ठ
66. वच्चोंकी शानेन्डिय
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सन्तति-शास्त्र ।
मैंस और वकरीके दूधको आहारके सारे अंशोंसे युक्त बनाया है, इस कारण माताका दूध न मिलनेपर नाय मैंस और वकरीका दूध बनाकर पिलानेमें बच्चोंको कुछ हानि नहीं होती ।
दूधके पृथक् पृथक् अंशोंकी सूची ।
| अंश | १००भाग दूध | १००भाग दूध | १००भाग दूध | १००भाग दूध |
|---|---|---|---|---|
| स्त्रीका दूध | नायका दूध | मैंसका दूध | वकरीका दूध | |
| श्रीका अंश | ४ | ४ | भाग ७ | भाग ४ |
| मर्दान या निष्ठास्तेका अंश | ७ | ४ | ४ | ४ |
| मांसका अंश | १३ | ३३ | ४ | ३३ |
| नामकका अंश | १ | १ | ३ | १ |
| पानीका अंश | ८७ | ८७ | ८४ | ८७ |
| भाग | भाग | भाग | भाग | |
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दूध कैसे बिगड़ता है ?
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यह मामूली तौरसे रहनेवाली खियों और गाय भैंसों की सूची है। उत्तम और मध्यम आहार होनेपर अंशोंके प्रमाणमें कम व বেশ समझना चाहिये।
- (१) घीका अंश। इससे चरबी बनती है—गरमी उत्पन्न होती है। वदन मोटा होता है वजन और दिमागकी ताकत बढ़ती है। हड्डियाँ पुष्ट होती हैं। शरीर मुलायम और चिकना होता है।
- (२) मेदा ( निशास्ते ) का अंश। इससे गरमी उत्पन्न होती है। शरीर मोटा होता है। बल उत्पन्न होता है। मांस और चरबीके काममें सहायता पहुँचती है।
- (३) मांसका अंश। इससे मांस बनता है—बदन मोटा पड़ता है और तौल बढ़ती है।
- (४) नमकका अंश। इससे खून और हड्डियाँ बनती हैं। जो अंश नमकका खूनमें मिलनेसे रह जाता है वह पेशाबमें मिलकर निकल जाता है। इसी कारण पेशाब खारी होता है।
- (५) पानीका अंश। इसका काम यह है कि यह सबको पचाकर अपना अपना काम करनेमें सहायता दे और हर एकको उसके स्थानमें पहुँचावे। बहुतेरे यह मानते हैं कि माता और गायोंका दूध दूषित होता ही नहीं, यह एक खासी भूल है। अनेक कारणोंसे दूध दूषित होकर हाँनि पहुँचती है। अतएव भोजन इत्यादिमें माताओंको अत्यन्त सावधानी रखनी चाहिये, क्योंकि दूध दूषित होनेका मूल कारण आहार-विहारकी असावधानी ही है।
(६८) दूध कैसे बिगड़ता है ?
दूध वह पदार्थ है कि जिसपर बच्चेका जीवन निर्भर है यह