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केनोपनिषद् (पदभाष्य व वाक्यभाष्य सहित)
Kena Upanishad with Pada & Vakya Bhashya
आदि शङ्कराचार्य द्वारा
स्रोत: Gita Press Gorakhpur · Gita Press, Gorakhpur (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished152 पृष्ठ
प्रारंभिक पृष्ठ व विषय-सूची
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40
॥ श्रीहरिः ॥ 68
केनोपनिषद्
B. K. Mitra
गीताप्रेस, गोरखपुर
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068
॥ ॐ ॥
केनोपनिषद्
सानुवाद शाङ्करभाष्यसहित
[ पद-भाष्य एवं वाक्य-भाष्य ]
गीताप्रेस, गोरखपुर
पृष्ठ 4स्थायी लिंक
प्रकाशक—गोविन्दभवन-कार्यालय, गीताप्रेस, गोरखपुर
सं० १९९२ से २०५२ तक १,२७,२५०
सं० २०५३ बीसवाँ संस्करण ५,०००
योग १,३२,२५०
मूल्य—सात रुपये
मुद्रक—गीताप्रेस, गोरखपुर—२७३००५
दूरभाष—३३४७२१