विवाह वृन्दावनम् (पं. सीताराम झा ज्योतिष टीका - विवाह संस्कार, अष्टकूट गुण-मिलान एवं मुहूर्त विज्ञान सटीक)

विवाह वृन्दावनम् (पं. सीताराम झा ज्योतिष टीका - विवाह संस्कार, अष्टकूट गुण-मिलान एवं मुहूर्त विज्ञान सटीक)
Vivaha Vrindavanam: Vivaha Sanskara, Ashtakuta Guna Milana evam Muhurta Vigyan
केशवार्कमहोदय (टीकाकार: पं. सीताराम झा) द्वारा
DevanagariHindipublished138 पृष्ठ
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प्रकरणम् ८ ] वसन्तलक्ष्मीसहितम् । ६५
सं०—कुज-कवीन्दुज-चन्द्ररवीन्दुजाः सित-कुजेज्ययमार्कजसूरयः
'क्रमेण' भवनपाः ( मेषादिराश्यधिपाः ) लवपाः ( नवांशस्वामिनश्च )
स्युः । तथा—अज-मृगानन-तौलि-कुलीरकाः 'क्रमात्' तदादयः ( तेषां
नवांशानां ) आदयः ( आदिराशयः स्युः ) ॥१४॥
भा०—मंगल, शुक्र, बुध, चन्द्र, रवि बुध, शुक्र, मंगल, गुरु, शनि, शनि
और वृहस्पति ये क्रम से मेष आदि १२ राशियों के और नवांश राशियों के स्वामी
हैं । तथा मेषादि राशियों में क्रम से मेष, मकर, तुला कर्क ये नवांश के आदि
( आरम्भ राशि हैं ) ॥१४॥
अथ होरादृक्काण-द्वादशांशान् कथयति—
होरे समेऽब्जखगयोर्विषमे रवीन्दो-
र्दृक्काणकाः प्रथमपञ्चनवेश्वराणाम् ।
स्यु