तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंतरुणके स्वप्न
बुद्धि और भावुक, मायावाद विद्वेषी और आदर्शवादी,
अनुकरणक्षम और सृष्टिक्षम है, इसका कारण रक्त सम्मि-
श्रण है। जिस जातिका रक्त व्यक्तिकी धमनियोंमें प्रवा-
हित होता है, उसके संस्कार व्यक्तिके चित्तमें अवस्थित
रहते हैं। बंगाली जिस प्रकार एक जातिके रूपमें परिणित
हुआ है, उसी तरह बंगालीके culture ने भी एक तरहका
वैशिष्ट्य लाभ किया है।
बंगालके साहित्य और इतिहासके साथ जिनका परि-
चय है, वे स्वीकार करेंगे कि बंगालकी सभ्यता आर्य
सभ्यता होनेपर भी उसका अपना एक वैशिष्ट्य है। स्वामी
दयानन्दने आर्य-समाज चलाकर उत्तर भारत जय किया,
पर वे बंगाल जय नहीं कर सके। और काली भक्त पर-
महंस देवको बंगाली इतनी श्रद्धा भक्ति क्यों करते हैं?
बंगालमें दाय भागका प्रचलन क्यों है? बौद्ध धर्म सब
जगहसे विताड़ित होकर अन्तमें बंगालका शरणागत क्यों
हुआ? बंगालमें नव्य न्यायकी उत्पत्ति क्यों हुई? बंगा-
लने शंकरका मायावाद ग्रहण क्यों नहीं किया? बौद्ध-
धर्मके बंगालसे विताड़ित होनेपर शंकरके मायावादके
प्रतिवाद स्वरूप अचिन्त्य भेदाभेदकी सृष्टि क्यों हुई?
इन सब प्रश्नोंपर विचार करनेसे ही समझा जा सकता
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