तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंतरुणके स्वप्न
[ देशबन्धुके जीवन चरित्र लेखक श्री हेमेन्द्रनाथदास-
गुप्तको लिखा हुआ पत्र । ]
मान्डला जेल
२०-१-२६
सर्वसाधारणके पढ़ने लायक देशबन्धु चितरंजनदासके
सम्बन्धमें कुछ लिखनेका साहस अभी भी मेरे अन्दर नहीं
है । कभी होगा या नहीं, मालूम नहीं। व्यक्तिगत रूपसे
मेरे साथ उनका सम्बन्ध इतना घनिष्ट था कि अन्तरंगके
सिवा उनके सम्बन्धमें और किसीसे कुछ कहनेकी इच्छा
नहीं होती । वे इतने बड़े थे और मैं इतना क्षुद्र हूं कि
मुझे भय होता है कि उनकी प्रतिभा कितनी सर्वतोमुखी,
हृदय कितना उदार, चरित्र कितना महान था, उसे आज
भी हृदयंगम नहीं कर सका हूं। ऐसी हालतमें क्षुत्र हृदय,
क्षीण विचार शक्ति और दीन भाषाकी सहायतासे उन
प्रातःस्मरणीयके सम्बन्धमें कुछ लिखना धृष्टता होगी।
तब भी इच्छा और सामग्री न रहने पर भी मित्रके अनु-
रोधसे अनेक काम करने पड़ते हैं। इसीलिये प्रिय मित्र
हेमेन्द्रनाथके अनुरोधसे यह प्रयास कर रहा हूं। देशबन्धु-
के सम्बन्धमें मैं प्रत्यक्ष रूपसे जितना जानता हूं और
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