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तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा

DevanagariHindipublished174 पृष्ठ

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तरुणके स्वप्न

साथ साथ नवीन भारत गढ़ना होगा। साहित्य, विज्ञान,
संगीत, शिल्प-कला, शौर्य-वीर्य, क्रीड़ा-कुशलता, दया-
दाक्षिण्य इन सबकी सहायतासे नवीन भारत बनाना
होगा। राष्ट्रीय जीवनकी सर्वतोमुखी उन्नति करनेकी
शक्ति और राष्ट्रीय शिक्षाका समन्वय करनेकी प्रवृत्ति
सिर्फ बंगालीमें ही है।
मेरा विश्वास है कि बंगालीका अपना एक वैशिष्ट्य
है। शिक्षा, दीक्षा, स्वभाव, चरित्र सबमें इस वैचित्र्यकी
झलक रहती है। बंगालके प्राकृतिक दृश्यमें भी वैशिष्ट्य
लक्षित होता है। यहांकी मिट्टी, जल, आकाश, शस्यश्या-
मला धरती, ताल वृक्ष आवेष्टित पुष्करिणीमें क्या अपना
वैशिष्ट्य नहीं है ? और प्रकृतिकी यह विशेषता क्या बंगाली-
के चरित्रको वैशिष्ट्य नहीं देती ? ऐसी नरम मिट्टीमें
जन्म लेनेके कारण ही बंगालीके प्राण इतने सरस हैं।
प्राकृतिक सौंदर्यके बीच लालित पालित होनेके कारण ही
वह सुन्दरका उपासक है। सुजला, सुफला, शस्यश्यामला,
जन्मभूमिका अन्न जल सेवन करके ही बंगाली काव्य और
साहित्यमें ऐसा अपूर्व सर्जन कौशल दिखला सका है।
पिछले दो तीन वर्षोंमें जागरणकी जो बाढ़ आयी थी
उसमें इस समय उतार दिखलाई पड़ता है, किन्तु चढ़ावमे

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