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तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose

नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा

DevanagariHindipublished174 पृष्ठ

पृष्ठ 14, कुल 174 में से

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देशकी पुकार

अब अधिक विलम्ब नहीं है। बंगालके राष्ट्रीय स्रोतमें
फिर भीषण चढ़ाव आनेवाला है। उस बाढ़के स्पर्शसे
बंगालके प्राण फिर जग पड़ेंगे। बंगाली सर्वस्वको टेकपर
रखकर फिर स्वाधीनताकेलिये पागल हो उठेंगे। देश
फिर स्वाधीनताके लिये बद्धपरिकर होगा।
इस नव जागरणका स्वरूप क्या होगा यह कौन कह
सकता है ? इस नव यज्ञका पुरोहित कौन होगा, यह भी
कौन बतला सकता है ? जो भाग्यवान पुरुष इस यज्ञका
पौरोहित्य ग्रहण करेंगे वे इस समय कहां रमे हुए हैं, यह
भी कौन कह सकता है। इस आन्दोलनका नेतृत्व महात्मा-
जी ग्रहण करेंगे या अन्य कोई मनीषी उनके आसन पर
बैठेंगे भी यह हम नहीं जानते।
किन्तु इन सब प्रश्नोंके उत्तरके लिये बैठे रहनेसे नहीं
होगा। उस नवजागरणके लिये अभीसे हम सबको प्रस्तुत
होना होगा। ध्यान, धारणा, चिन्ता, कर्म, त्याग, योग
इन सबमें रत रहते हुए हमें साधनाके लिये प्रस्तुत होना
होगा।
बंग-जननी फिर तरुण संन्यासियोंका दल चाहती है।
भाइयो ! कौन कौन आत्म-बलिकेलिये प्रस्तुत है।
आओ ! मासे अभी तुम्हें सिर्फ दुःख, कष्ट, अनाहार,
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