तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)

तरुण के स्वप्न (नेताजी सुभाष चन्द्र बोस - युवा भारत के नाम क्रान्तिकारी वैचारिक घोषणा-पत्र)
Tarun Ke Swapna by Netaji Subhash Chandra Bose
नेताजी सुभाष चन्द्र बोस द्वारा
DevanagariHindipublished174 पृष्ठ
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तरुणके स्वप्न
आन्दोलन जितना सर्वतोमुखी है, उतना ही विश्वव्यापी
है। आज पृथ्वीके सब देशोंमें—विशेषकर जहां बुढ़ापेकी
ठण्डी छाया दिखलायी पड़ती है, वहां, तरुण समाज सर
ऊँचा कर सदर्प खड़ा हुआ है। ये किस दिव्यालोकसे
पृथ्वीको उद्भासित करेंगे, कौन कह सकता है ?
हे युवा हृदयो ! उठो ! वह देखो ऊषाकी किरणें
छिटक रही हैं।
२ रा ज्येष्ठ १३३० (बंगला)
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