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सर्वकोश
तर्कभाषा (आचार्य केशवमिश्र - पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि कृत 'तर्करहस्य' हिन्दी व्याख्या सहित)

तर्कभाषा (आचार्य केशवमिश्र - पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि कृत 'तर्करहस्य' हिन्दी व्याख्या सहित)

Tarkabhasha of Keshavamishra

आचार्य केशवमिश्र (व्याख्याकार: पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि) द्वारा

DevanagariHindipublished330 पृष्ठ

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मैथिल शाखा
१२००–१६००
[ ४६ ]
सं० | नाम | काल | स्थान | विशेष | ग्रन्थ
१ | गङ्गेशोपाध्याय | १२०० | मिथि० | नव्य न्याय के प्रवर्तक | तत्त्वचिन्तामणि
२ | वर्द्धमानोपाध्याय | १२५० | ” | गङ्गेशोपाध्याय के शिष्य | १ तत्त्वचिन्तामणि प्रकाश
| | | | | २ न्यायनिबन्ध प्रकाश (न्या.वा.ता.परिशुद्धि की टीका)
| | | | | ३ न्यायपरिशिष्ट प्रकाश (न्या० प० की टीका)
| | | | | ४ प्रमेयनिबन्ध प्रकाश
| | | | | ५ किरणावली प्रकाश
| | | | | ६ न्यायकुसुमाञ्जलि प्रकाश
| | | | | ७ न्यायलीलावती प्रकाश
| | | | | ८ खण्डनखण्ड प्रकाश
३ | पक्षधर मिश्र [ जयदेव ] | १२७५ | ” | हरि मिश्र के शिष्य | १ तत्त्वचिन्तामणि आलोक
| | | | | २ द्रव्यपदार्थ
| | | | | ३ लीलावती विवेक
| | | | | ४ प्रसन्नराघव नाटक
| | | | | ५ चन्द्रालोक
४ | वासुदेव मिश्र | ” | ” | जयदेव मिश्र के शिष्य | १ तत्त्वचिन्तामणिटीका [ पक्षधर के समर्थन में ]
५ | रुचिदत्त मिश्र | ” | ” | ” | १ तत्त्वचिन्तामणि प्रकाश
| | | | | २ न्यायकुसुमाञ्जलि प्रकाश-मकरन्द
४ त० भू०