तर्कभाषा (आचार्य केशवमिश्र - पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि कृत 'तर्करहस्य' हिन्दी व्याख्या सहित)

तर्कभाषा (आचार्य केशवमिश्र - पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि कृत 'तर्करहस्य' हिन्दी व्याख्या सहित)
Tarkabhasha of Keshavamishra
आचार्य केशवमिश्र (व्याख्याकार: पं. विश्वेश्वर सिद्धान्तशिरोमणि) द्वारा
DevanagariHindipublished330 पृष्ठ
पृष्ठ 51, कुल 330 में से
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| सं० | नाम | काल | स्थान | विशेष | ग्रन्थ |
|---|---|---|---|---|---|
| ६ | भगीरथ [ मेघ ] ठक्कुर | १४०० | मिथि० | १ जलद [ कुसुमाञ्जलि प्रकाश वर्द्धमान की टीका ]<br>२ 'किरणावली प्रकाश प्रकाशिका' [ " ]<br>३ लीलावती प्रकाश व्याख्या [ " ]<br>४ पक्षधर मिश्र के 'आलोक' पर 'दर्पण' टीका | |
| ७ | महेश ठक्कुर | ” | ” | दरभंगा के राजवंश के<br>संस्थापक हैं। इनके शिष्य<br>रघुनन्दन दास राय नैया-<br>यिक की विद्वत्ता से प्रसन्न<br>होकर सम्राट् अकबर ने<br>दरभंगा का प्रान्त उनको<br>भेंट किया था जिसे<br>उन्होंने गुरुदक्षिणा के रूप<br>में महेश ठक्कुर को सम-<br>र्पित कर दिया और इस<br>प्रकार वे दरभंगा के राज-<br>वंश के संस्थापक बने। | |
| ८ | शङ्कर मिश्र | १४५० | ” | १ आत्मतत्त्वविवेक कल्पलता<br>२ आनन्दवर्द्धन [ खण्डनखण्डखाद्य की टीका ]<br>३ तत्त्वचिन्तामणिमयूख<br>४ त्रिसूत्रीनिबन्ध व्याख्या [ उदयन की टीका ]<br>५ भेदरत्नप्रकाश [ शाङ्कर वेदान्त का खण्डन ]<br>६ गौरीदिगम्बरप्रहसन |
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