रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअसली कोकशास्त्र ३०३
७—शान्ति के साथ बैठकर हवा की ओर मुख करके पाँच
मिनट तक साँस खींचो और छोड़ो। इसमें इतनी धीरता से काम
लो कि श्वास-प्रच्छ्वास की आवाज दूसरे को कौन कहे स्वयं तुम्हें
भी सुनायी न पड़े और न हृदय पर उसका धक्का लगने पावे। इस
क्रिया से फेफड़ा शुद्ध रहता है अतः शरीर के रक्त में कोई विकार
उत्पन्न नहीं हो पाता।
स्त्रियों को खूब तड़के उठकर शौच और व्यायाम से निवृत्त हो
जाना चाहिये। गर्भिणी स्त्रियों को अधिक व्यायाम नहीं करना
चाहिए किन्तु कुछ अवश्य करना चाहिए। इस पर पीछे काफी
प्रकाश डाला गया है। गर्भाधान होने के पन्द्रह दिन पहले से
व्यायाम घटा देना उचित है और गर्भ धारण कर चुकने पर एक
महीने तक बड़ी सावधानी से बहुत कम व्यायाम करना चाहिए।
बाद चार महीने तक बचाकर व्यायाम किया जा सकता है; पाँच
महीने का गर्भ हो जानेपर फिर व्यायाम कम कर देना उत्तम है।