रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)
Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary
पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंअसली कोकशास्त्र २६६
रगड़ से शरीर के छिद्रों का मल निकल जाता है और चमड़े पर
रहने वाले कीड़े मर जाते हैं।
व्यायाम करने का सबसे अच्छा समय प्रातःकाल है। शौचादि
से निवृत्त होकर व्यायाम करना चाहिए। कुछ लोग स्नान के
पहले व्यायाम करते हैं और कितने ही लोग स्नान के बाद। स्नान
करने के बाद व्यायाम करना अधिक उत्तम है। यदि व्यायाम के
बाद स्नान करना हो तो कम से कम एक घण्टा ठहर कर स्नान
करना उचित है। साधारण मनुष्य के लिए आधा घण्टा व्यायाम
करना जरूरी है। भोजन करने के बाद किसी प्रकार का व्यायाम
नहीं करना चाहिए।
इतना लिख चुकने के बाद अब हम स्त्रियों के व्यायाम पर
विचार करना चाहते हैं। स्त्रियों को किस प्रकार का व्यायाम करना
चाहिए। इस पर विचार करना आवश्यक है। स्त्रियों का स्वाभा-
विक व्यायाम है घर का काम-काज करना, जैसे चक्की चलाना,
कूटना आदि। इससे बहुत-कुछ कसरत स्त्रियों की हो जाती है।
इसी कसरत के कारण देहात की स्त्रियाँ हृष्ट-पुष्ट और निरोग
रहती हैं तथा शहर में रहनेवाली स्त्रियाँ यह कसरत न करने के
कारण निर्बल और रुग्णा रहती हैं।
किन्तु इतना ही व्यायाम स्त्रियों की स्वस्थता के लिए यथेष्ट
नहीं है। उन्हें उचित है कि वे धन्धे में होनेवाले व्यायाम के अति-