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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

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१३४ असली कोकशास्त्र
खण्डाभ्रक दन्तक्षत
खण्डाभ्रकं स्तनतटे दशनाग्रलेख्यं,
स्यान्मण्डलाकृतियुतं विषमैश्च कूटैः ।
ताम्रान्तरा रदनराजिरखर्वसान्द्रा,
स्यात्कोलचर्वितमिदं स्तनपृष्ठभूषा ॥
स्तनों के नीचे ऊपर दाँतों से क्षत किया हुआ गोल आकार
वाला चिन्ह पड़ जाता है। जो मध्य में लाल, आभायुक्त होता है।
वह बिखरी हुई मणिमाला के समान स्थान-स्थान पर दृष्टिगोचर
होता है। उसको खण्डाभ्रक दन्तक्षत कहते हैं।
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