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महाभारत (खंड ३) - विराट, उद्योग व भीष्म पर्व
Mahabharata (Vol 3) - Virata, Udyoga and Bhishma Parva
महर्षि कृष्णद्वैपायन वेदव्यास द्वारा
DevanagariSanskritpublished2,343 पृष्ठ
[उद्योगपर्व और भीष्मपर्व]
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।। श्रीहरिः ।।
श्रीमन्महर्षि वेदव्यासप्रणीत
महाभारत
(तृतीय खण्ड)
[उद्योगपर्व और भीष्मपर्व]
(सचित्र, सरल हिंदी-अनुवाद)
त्वमेव माता च पिता त्वमेव
त्वमेव बन्धुश्च सखा त्वमेव ।
त्वमेव विद्या द्रविणं त्वमेव
त्वमेव सर्वं मम देवदेव ।।
अनुवादक—
(साहित्याचार्य पण्डित रामनारायणदत्त शास्त्री पाण्डेय 'राम')
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सं० २०७२ चौदहवाँ पुनर्मुद्रण ३,०००
कुल मुद्रण ७४,१००
प्रकाशक—
गीताप्रेस, गोरखपुर—२७३००५
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