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भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates

शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा

DevanagariHindipublished788 पृष्ठ

पृष्ठ 678, कुल 788 में से

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पृष्ठ 678

पर मत भूलो हे राजाओ! कि तुम्हारे कृत्यों और अकृत्यों का कड़ा हिसाब
लिया जायेगा, और नया जन्म पायी हुई जनता तुम्हारे साथ तुम्हारे ही ढंग से हिसाब
चुकता करने में नहीं चूकेगी। हर कोई जो जनता के साथ सक्रिय रूप से
विश्वासघात करेगा, अपने पुरखों का तिरस्कार करेगा, और माँ के ख़िलाफ़
जाकर अपने खून को गन्दा करेगा...उसे कुचल कर धूल और गर्द में मिला दिया
जायेगा...। क्या तुम्हें हमारे इस कठोर संकल्प पर शुबहा है? अगर है, तो सुन लो
नाम धींगरा¹ का और चुप कर जाओ। उस शहीद का नाम लेकर कहते हैं कि अरे
भारतीय राजाओ, इन शब्दों पर गम्भीरता से और गहराई से सोचो। जैसी मर्ज़ी हो
करो, लेकिन तुम वही पाओगे जो बोओगे। चुन लो कि तुम राष्ट्र के संस्थापकों में
पहला बनोगे या राष्ट्र के अत्याचारियों में आख़िरी।
पृष्ठ 196, इण्डियन अनरेस्ट
“तय करो, ओ भारतीय शासको”²
अछूत :
राजनीतिक दृष्टिकोण से भारतीय आबादी के लाखों-लाख लोगों का अपने
शासकों की आस्था के अनुरूप धर्मान्तरण ऐसी सम्भावनाओं के द्वार खोल देगा कि
मैं उनका विस्तारपूर्वक वर्णन करने की ज़रूरत नहीं महसूस करता।
पृष्ठ 184³

  1. मदनलाल धींगरा : लन्दन में ‘इण्डियन होमरूल सोसायटी’ तथा ‘इण्डिया हाउस ग्रुप’
    से जुड़े युवा क्रान्तिकारी। इसकी स्थापना क्रान्तिकारी श्यामजी कृष्ण वर्मा ने लाला हरदयाल,
    सावरकर और धींगरा जैसे देशभक्त युवाओं को साथ लेकर की थी। मदनलाल धींगरा ने
    बंग-भंग और उसके बाद देश में चले आन्दोलन पर बर्बर दमन के विरोध में सर विलियम
    कर्जन वायली की लन्दन में 1 जुलाई 1909 को गोली मार कर हत्या कर दी। उन्हें बाद में
    फाँसी दे दी गयी।
  2. “तय करो, ओ भारतीय शासको” शीर्षक यह परचा राष्ट्रवादी क्रान्तिकारियों ने भारत
    के रजवाड़ों/रियासतों के शासकों के नाम भेजा था। एक शासक ने इसे शिरोल को दिया था
    जिसने इसके दो हिस्से अपनी पुस्तक इण्डियन अनरेस्ट में शामिल किये।
  3. शिरोल, इण्डियन अनरेस्ट, अध्याय ‘दलित जातियाँ’ से
    672 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़