भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
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शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
DevanagariHindipublished788 पृष्ठ
पृष्ठ 629, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 629
- नीतिशास्त्रीय विधिशास्त्र : यह क़ानून के सम्बन्ध में न्याय के सिद्धान्त
से सम्बन्धित है।
क़ानून और न्याय :
क़ानून के नीतिशास्त्रीय निहितार्थों की पूर्ण अवहेलना विश्लेषणात्मक
विधिशास्त्र को एक बेजान प्रणाली में तब्दील कर सकती है।
इंग्लैण्ड में :
दो भिन्न-भिन्न शब्द “क़ानून” और “न्याय” लगातार इस बात को याद
दिलाते रहते हैं कि ये दोनों एक ही चीज़ नहीं बल्कि दो भिन्न चीजें हैं। लेकिन
इनके इस्तेमाल में इन दोनों के बीच मौजूद वास्तविक और घनिष्ठ सम्बन्ध अक्सर
आँख-ओझल हो जाया करता है।
और महाद्वीप में :
[रेचेट : राइट (अधिकार) = ड्रौइट : लॉ (क़ानून)]
महाद्वीपीय भाषा-शैली “क़ानून” और “अधिकार” के बीच के फ़र्क़ को
छिपाती है, जबकि अंग्रेज़ी भाषा-शैली उनके बीच के सम्बन्ध को छिपाती है।
पृष्ठ 107 (80)
क़ानून :
“हम उस किसी भी क़िस्म के नियम या सिद्धान्त को क़ानून नाम दे देते हैं,
जिसके द्वारा कार्रवाइयाँ निर्धारित की जाती हैं।”
(हूकर)¹
“क़ानून अपने सर्वाधिक सामान्य अर्थ में कार्रवाई सम्बन्धी नियम को
विशिष्टीकृत करता है, और यह सभी प्रकार की कार्रवाई पर बिना भेदभाव के, लागू
होता है, चाहे वे तर्कपरक हों या तर्कहीन, जीवधारी से सम्बन्धित हों, या निर्जीव
से। इसीलिए हम गति के, गुरुत्वाकर्षण के, प्रकाश के, भौतिकी के, प्रकृति के और
राष्ट्रों के नियमों की बात करते हैं”।
(ब्लैकस्टोन)² - सम्भवतः अंग्रेज़ धर्मशास्त्रीय रिचर्ड हूकर (1554-1600) जिसने द लॉ ऑफ़
एक्लेसिएस्टिकल पॉलिसी में एंगलीकनिज़्म के सिद्धान्तों को संहिताबद्ध किया। - सम्भवतः सर विलियम ब्लैकस्टोन (1723-1780) : अंग्रेज़ विधिवेत्ता, जिसने कमेण्ट्रीज़
ऑन द लॉज़ ऑफ़ इंग्लैण्ड (1765-1769) लिखी, जो अंग्रेज़ी क़ानून के सिद्धान्त पर एक
आधिकारिक पुस्तक मानी जाती है।
शहीदेआज़म की जेल नोटबुक / 623