भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
DevanagariHindipublished788 पृष्ठ
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संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 628
पृष्ठ 105 (78)
विधिशास्त्र¹ :
क़ानून :
⎧ 1. क़ानून का प्रावधान ⎫ जिस रूप में वह मौजूद है।
⎨ 2. क़ानून का इतिहास ⎬ जिस रूप में उसका विकास हुआ।
⎩ 3. क़ानून-विधान का विज्ञान ⎭ जैसा उसे होना चाहिए।
⎧ 1. सैद्धान्तिक ⎫ (i) दर्शन विधि के विज्ञान के लिए
⎩ 2. सामान्य ⎭ विधिशास्त्र आधार प्रदान करना।
- विश्लेषणात्मक ⎫
- ऐतिहासिक ⎬ विधिशास्त्र
- नीतिशास्त्रीय ⎭
- विश्लेषणात्मक विधिशास्त्र क़ानून के प्रथम सिद्धान्त की व्याख्या
करता है। इसकी विषय-वस्तु है :
(अ) नागरिक क़ानून की अवधारणा
(ब) नागरिक और अन्य क़ानूनों के बीच सम्बन्ध
(स) विविध संघटक विचार जो क़ानून की धारणा, जैसे राज्य, सम्प्रभुता
और न्याय-प्रशासन का संघटन करते हैं।
(द) क़ानून के क़ानूनी स्रोत और विधि निर्माण का सिद्धान्त आदि।
(य) क़ानून के वैज्ञानिक वर्गीकरण।
(र) क़ानूनी अधिकार
(ल) क़ानूनी (नागरिक और फ़ौजदारी) दायित्व का सिद्धान्त
(व) अन्य क़ानूनी अवधारणाएँ।
पृष्ठ 106 (79) - ऐतिहासिक विधिशास्त्र क़ानून, क़ानूनी अवधारणाओं की उत्पत्ति और
विकास को निर्धारित करने वाले सामान्य सिद्धान्तों का अध्ययन करता है। यह
इतिहास है।
- ऐसा प्रतीत होता है कि भगतसिंह ने विधिशास्त्र सम्बन्धी व्यापक अध्ययन की रूपरेखा
बनायी थी, जो नोटबुक के अगले कई पृष्ठों तक जारी है।
622 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़