भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)

भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
DevanagariHindipublished788 पृष्ठ
पृष्ठ 630, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 630
क़ानूनों के प्रकार
- अनिवार्य क़ानून
- भौतिक नियम या वैज्ञानिक क़ानून
- प्राकृतिक या नैतिक क़ानून
- प्रचलित क़ानून
- परम्परागत क़ानून
- व्यावहारिक या तकनीकी क़ानून
- अन्तरराष्ट्रीय क़ानून
- नागरिक क़ानून या राज्य का क़ानून
पृष्ठ 108 (81)
अनिवार्य क़ानून की \ 1. अनिवार्य क़ानून का अर्थ है कार्रवाई का नियम,
अनुज्ञप्ति – 1. सजा, ) जो किसी ऐसी सत्ता द्वारा लोगों पर लागू किया जाता है
युद्ध आदि / जो इसका अनुपालन बलपूर्वक करवा लेती है।
‘क़ानून एक आदेश है जो व्यक्ति या व्यक्तियों को एक निश्चित आचरण करने
के लिए विवश करता है’
(ऑस्टिन)¹
समाज की प्रत्यक्ष नैतिकता भी अनिवार्य क़ानूनों के दायरे में आती है।
हॉब्स का दृष्टिकोण :
मनुष्य और हथियार ही क़ानूनों की शक्ति और सम्बल हैं।
(हॉब्स)² - भौतिक क़ानून चल रही कार्रवाइयों की अभिव्यक्ति है। (नैतिक क़ानून
या विवेक का क़ानून कार्रवाइयों की इस रूप में अभिव्यक्ति है, जैसी वे होनीं
चाहिए)। - प्राकृतिक या नैतिक क़ानून का अर्थ है प्राकृतिक रूप से सही या ग़लत
के सिद्धान्त – यानी सभी सही कार्रवाइयों समेत प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त।
न्याय के दो प्रकार हैं – प्रत्यक्ष और प्राकृतिक।
प्राकृतिक न्याय वह न्याय है जो वास्तव में और सचमुच हो।
- जॉन ऑस्टिन (1811-1680) : ब्रिटिश दार्शनिक राजनीतिक चिन्तक
- टॉमस हॉब्स (1588-1689) : अंग्रेज़ दार्शनिक-राजनीतिक चिन्तक। राज्य की उत्पत्ति
के सामाजिक समझौते के सिद्धान्त का जनक। राजतन्त्रात्मक निरंकुशतावाद का समर्थक था।
624 / भगतसिंह और उनके साथियों के सम्पूर्ण उपलब्ध दस्तावेज़