भगत सिंह और उनके साथियों के संपूर्ण उपलब्ध दस्तावेज (प्रो. चमनलाल - प्रामाणिक ऐतिहासिक संकलन)
Complete Available Documents of Bhagat Singh & Associates
शहीद-ए-आजम भगत सिंह (सम्पादक: प्रो. चमनलाल) द्वारा
पृष्ठ 615, कुल 788 में से
संदर्भ में पढ़ें<u>पृष्ठ 62 (59)</u>
श्रम का शोषण और राज्य :
“सिर्फ़ प्राचीन और सामन्ती ही नहीं, बल्कि आज का प्रतिनिधि राज्य भी पूँजी
द्वारा उजरती श्रम के शोषण का एक उपकरण ही है।”
– एंगेल्स¹
अधिनायकत्व :
“चूँकि राज्य सिर्फ़ एक अस्थायी संस्थाभर है जिसका उपयोग अपने शत्रुओं
का बलपूर्वक दमन करने के लिए क्रान्ति में किया जाता है, इसलिए जनता के
स्वतन्त्र राज्य की बात करना कोरी बकवास है, जब तक सर्वहारा वर्ग को राज्य की
आवश्यकता रहती है, तब तक इसकी आवश्यकता स्वतन्त्रता के हित में नहीं,
बल्कि अपने विरोधियों का दमन करने के लिए पड़ती है, और जैसे ही स्वतन्त्रता
की बात करना सम्भव हो जाता है, वैसे ही इसका अस्तित्व अपनेआप ख़त्म हो
जाता है।”
बेबेल को लिखे एंगेल्स के पत्र से, 28 मार्च, 1875²
अधीर आदर्शवादी :
अधीर आदर्शवादी के लिए – और बिना कुछ अधीरता के शायद ही आदमी
प्रभावी सिद्ध हो सके – यह लगभग तय बात है कि दुनिया को खुशहाल बनाने
की कोशिश में उसे अपने विरोधियों की घृणा का पात्र बनना होगा और निराश भी
होना पड़ सकता है।
– बर्ट्रेण्ड रसेल
<u>पृष्ठ 63 (60)</u>
नेता :
कार्लाइल³ लिखता है, “कोई भी समय बरबाद न हुआ होता”, यदि कोई
महान आदमी मिल जाता जो काफ़ी समझदार और नेक होता, जिसमें इतनी
- परिवार, निजी सम्पत्ति और राज्य की उत्पत्ति से
- अगस्त बेबेल (1840-1913) – जर्मन तथा अन्तरराष्ट्रीय मज़दूर आन्दोलन के एक
प्रसिद्ध नेता। 1867 से जर्मन मज़दूर संघों की लीग के नेता, पहले इण्टरनेशनल के सदस्य, 1867
से राइखस्टाग (जर्मन संसद) के सदस्य, जर्मन सामाजिक-जनवाद के संस्थापकों में से एक,
मार्क्स तथा एंगेल्स के मित्र तथा सहयोगी, दूसरे इण्टरनेशनल के प्रमुख नेता - टॉमस कार्लाइल (1795-1881) : ब्रिटिश लेखक व निबन्धकार
शहीदेआज़म की जेल नोटबुक / 609