अभिधर्मकोश एवं भाष्य (आचार्य वसुबन्धु - स्फुटार्था व्याख्या सहित सम्पूर्ण बौद्ध दर्शन महाकोश)

अभिधर्मकोश एवं भाष्य (आचार्य वसुबन्धु - स्फुटार्था व्याख्या सहित सम्पूर्ण बौद्ध दर्शन महाकोश)
Abhidharmakosha and Bhashya of Vasubandhu with Commentary
आचार्य वसुबन्धु (टीकाकार: यशोमित्र, सम्पादक: स्वामी द्वारिकादास शास्त्री) द्वारा
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- १९४ भाष्यस्फुटार्थासहितेऽभिधर्मकोशे [ इन्द्रिय-
- अकुशले त्वाह्रीक्यमनपत्रपा ॥ २६ ॥
- अकुशले तु चेतस्याह्रीक्यमनपत्राप्यं च नित्यं भवत इति एतौ द्वौ
- धर्मावकुशलमहाभूमावुच्येते । तयोश्च पश्चाल्लक्षणं वक्ष्यते ( अभि० को०
- २. ३२ ) ॥ २६ ॥
- क्रोधोपनाहशाठ्येर्ष्याप्रदासम्रक्षमत्सराः ।
- मायामदविहिंसाश्च परीत्तक्लेशभूमिकाः ॥ २७ ॥