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विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

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पृष्ठ 626

विवाह विज्ञान-कामशास्त्र ४४५

अवस्था वाला हुआ, इस प्रकार यदि चौदह वर्ष की लड़की का
विवाह अठारह वर्ष के लड़के से होकर दो वर्ष बाद गौना किया
जावे तो आयुर्वेद के उन ऋषियो की राय ठीक मिल जावेगी
जिन्होने उत्तम सन्तान उत्पन्न करने के लिये सोलह वर्ष की स्त्री
और बीस वर्ष का पुरुष योग्य बतलाया है। किसी की राय
मे २५ वर्ष का लड़का और १६ की लडकी, और किसी की राय
मे १६ की लड़की और बीस वर्ष का लड़का ठीक होता है।
जितने विवाह बड़ी लड़की और छोटा लड़का ऐसे हो गये
हैं उनके सुधार का तो कोई उपाय नही। सम्भव है मूर्ख
माता पिता को इस प्रकार के भयंकर परिणामो का पता न हो
क्योकि आज तक इस विषय की कोई पुस्तक नही बनी, न कोई
चर्चा ही इस विषय की है कि बेमेल विवाह का क्या परिणाम
होता है। मुझे तो इसका परिणाम इसलिये मालूम है कि मेरे
पास पचीस वर्षों मे लाखो स्त्रियां अनेक प्रकार के रोगों वाली
इलाज के लिये आईं। इनमें हजारों इस प्रकार के बेमेल विवाह
की भी थी जिनके पति की अवस्था पत्नी की अवस्था से बहुत
कम और बहुत सी ऐसी स्त्रियां आईं जिनके पति बुड्ढे और
स्त्रियां पन्द्रह, सोलह, अठारह, या बीस वर्ष की थी। ऐसे विवाह
बहुत हानिकारक हैं।

रतिक्रिया के योग्य स्त्री की अवस्था

स्त्री की गर्भाधान के योग्य अवस्था सोलह वर्ष की है
अर्थात् स्त्री सोलह वर्ष की अवस्था मे बालिग होती है