विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)
Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha
विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंविवाह विज्ञान-कामशास्त्र २६६
इस विषय मे मुझे इतना ही कहना है कि ऐसी पुस्तकों ने
और भी अधिक विषय की ओर स्त्री पुरुषों का ध्यान आकर्षित
किया है। अतएव हमारे देश के विषयी स्त्री पुरुषों की विषय
वासना और भी अधिक बढ़ती जाती है यह कारण भी देश के
बालको की रोगी तथा मृत्यु संख्या अन्य देशो के बालको की
रोगी तथा मृत्यु संख्या से अधिक होने का है।
सोलहवां कारण
जब स्त्री की इच्छा रतिक्रिया की नही है तब रतिक्रिया
करने से जो गर्भरहता है उससे गर्भस्राव व गर्भपात होजाता
है और यदि सन्तान हुई भी तो रोगी निर्बल दुर्बल होती है।
अधिक रतिक्रिया से स्त्री का रज क्षीण तथा निर्बल पड़जाता है।
तथा गर्भाशय के बधन ढीले पड़जाते हैं ऐसी दशा मे यदि गर्भ-
स्राव व गर्भपात हो गया और यदि सन्तान हुई तो रोगी
निर्बल तथा अल्पायु होती है। यह भी कारण हमारे देश की
बालकों की रोगी तथा मृत्यु सख्या की अधिकता का है।
सत्तरहवां कारण
उत्तम सन्तान उत्पन्न होने की इच्छा से पुरुष रतिक्रिया
करते ही नही, केवल इन्द्रियो की वासना की पूर्ति के लिये रति
क्रिया करते हैं, इसी कारण विधि का विचार भी नही करते
अतएव सन्तान रोगी और अल्पायु होती है।