सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

विवाह विज्ञान और कामशास्त्र (दाम्पत्य मनोविज्ञान, शारीरिक-मानसिक सामंजस्य एवं सम्पूर्ण विवाह विज्ञान)

Vivah Vigyan Aur Kam Shastra: Dampatya Manovigyan evam Vaidik Vivaha

विवाह विज्ञान शोध पीठ द्वारा

DevanagariHindipublished704 पृष्ठ

पृष्ठ 441, कुल 704 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 441

२६८ आनन्द मन्दिर
पन्द्रहवां कारण
पुरुष विषय वासना की तृप्ति के लिये अधिक से अधिक
आनन्द की इच्छा से रतिक्रिया की अनेक विधियों की खोज में
रहते हैं इसलिये इसी विषय की व्यर्थ की अनेक पुस्तके
भी तैयार हुई हैं और वे कुछ पाश्चात्य ढंग को लेकर लिखी
गई हैं।
विलायती विषय-ढंग के अधार पर ही अपनी समझ मे
लेखको ने उन्हे अधिक उपयोगी बनाया है। मेरे सामने इस
विषय की अनेक पुस्तके हैं, इनमें जो विषय लिखे गये हैं उनको
पढ़ सुनकर स्त्री पुरुषों के मन मे और भी अधिक घृणित विचार
उत्पन्न हो सकते हैं। किसी किसी पुस्तक मे वेश्यागमन तथा
मादक वस्तुओ के सेवन और परस्त्रीगमन की भी शिक्षा दीगई
है क्योकि योरुप में इस विषय को बुरा नही समझते इसी आधार
पर पुस्तको की रचना हुई है। ऐसी पुस्तकों मे भारतवासियो
को विशेष शारीरिक और आर्थिक हानि पहुँच रही है और
पहुँचेगी।
स्त्रियो और बालिकाओ के विषय मे ऐसी घृणित बाते
उदाहरण देकर लिखी गई है कि वे पुस्तके हमारे देश की स्त्रियों
बालिकाओं तथा पुरुषो के हाथों मे जाने योग्य भी नही हैं ऐसी
पुस्तको से जो हानि होरही है तथा होगी वह लिखकर नही
समझाई जा सकती।